Pakur Loot: अस्पताल में खुला पाकुड़ लूट कांड का राज, फाइनेंस कर्मी से ₹2.6 लाख छीनकर भाग रहे लुटेरों का हुआ बुरा हाल
पाकुड़ में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई ₹2.68 लाख की लूट का राज अस्पताल के एक बेड से खुल गया है। देवघर और गिरिडीह के इन शातिर लुटेरों की गिरफ्तारी और उनके पास से मिले लोडेड पिस्टल की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप पुलिस के इस चौंकाने वाले खुलासे को मिस कर देंगे।
पाकुड़/महेशपुर, 18 फरवरी 2026 – झारखंड के पाकुड़ जिले में अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। महेशपुर थाना क्षेत्र में फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई लाखों की लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लुटेरों को पुलिस सड़कों पर खाक छानते हुए ढूंढ रही थी, वे खुद अपनी किस्मत की मार खाकर अस्पताल पहुँच गए थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई शत-प्रतिशत रकम और हथियार बरामद कर लिए हैं।
सिनेमा हॉल की वो काली गली: 8 बजे की वारदात
16 फरवरी की रात करीब 8 बजे, जब महेशपुर सिनेमा हॉल के पास सन्नाटा पसरने लगा था, तभी फाइनेंस कंपनी का एक कर्मचारी कलेक्शन का पैसा लेकर कार्यालय की ओर जा रहा था।
-
हथियार का खौफ: गली में घात लगाए बैठे दो अपराधियों ने उसे घेर लिया और माथे पर पिस्टल सटा दी।
-
लाखों की चपत: अपराधी पलक झपकते ही 2,68,480 रुपये से भरा बैग छीनकर मोटरसाइकिल से रफूचक्कर हो गए।
कर्म ही फल है: अस्पताल से ऐसे पकड़े गए लुटेरे
घटना के बाद पाकुड़ एसपी के निर्देश पर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अभी छापेमारी कर ही रही थी कि 17 फरवरी को एक अहम सूचना मिली। पता चला कि दो युवक सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
-
हुलिया का मिलान: जब पुलिस टीम अस्पताल पहुँची, तो पाया कि घायलों का हुलिया ठीक वैसा ही था जैसा पीड़ित कर्मचारी ने बताया था।
-
सच आया सामने: कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया। दरअसल, लूट के बाद भागते समय उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
महेशपुर लूट कांड: बरामदगी का हिसाब (Action Report)
| विवरण | बरामद सामग्री (Seized Items) |
| नकदी | ₹2,68,480 (पूरी रकम) |
| हथियार | 9 एमएम का एक अवैध पिस्टल |
| वाहन | हीरो मोटरसाइकिल (JH 11 AR 3827) |
| आरोपी | मंसूर अकरम (देवघर), लालू यादव (गिरिडीह) |
| अन्य | एक मोबाइल और पहचान छुपाने वाला सफेद गमछा |
देवघर और गिरिडीह का 'अपराध सिंडिकेट'
गिरफ्तार आरोपियों में मंसूर अकरम (20 वर्ष) देवघर का रहने वाला है, जबकि लालू यादव (19 वर्ष) गिरिडीह का निवासी है। ये दोनों कम उम्र के लड़के किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हैं या फिर शौक के लिए अपराध की दुनिया में आए थे, पुलिस इसकी गहराई से जांच कर रही है। इनके पास से 9 एमएम का पिस्टल मिलना इस बात का सबूत है कि ये किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे।
अपराधियों को कड़ा सबक
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने आम जनता और व्यापारियों के बीच विश्वास बहाल किया है। पकड़े गए दोनों लुटेरों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
What's Your Reaction?


