Jamshedpur Cricket: स्वर्णरेखा ने कवच को धूल चटाकर जीता MPL-7 का खिताब, सुशील टुडू के तूफान में उड़ी विपक्षी टीम
महादेव प्रीमियर लीग के सातवें सीजन में स्वर्णरेखा ने कवच को 11 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है। सुशील टुडू की 58 रनों की आतिशी पारी और कंपनी के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस रोमांचक फाइनल की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप जमशेदपुर के इस सबसे बड़े कॉर्पोरेट क्रिकेट धमाके की जानकारी मिस कर देंगे।
जमशेदपुर/कांड्रा, 18 फरवरी 2026 – आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (APNRL) के तत्वावधान में आयोजित महादेव प्रीमियर लीग (MPL-7) का सातवां सीजन अपने अंजाम तक पहुँच गया है। महादेव खेल प्रांगण में खेले गए एक सांसे रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में टीम स्वर्णरेखा ने डिफेंडिंग चैंपियन की तरह खेलते हुए टीम कवच को 11 रनों से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे सुशील टुडू, जिन्होंने पहले बल्ले से कोहराम मचाया और फिर गेंद से विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी।
मैदान पर सुशील का 'तांडव': 58 रनों की वो आक्रामक पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्वर्णरेखा की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन असली रंग सुशील टुडू ने भरा।
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चौके-छक्कों की बारिश: सुशील ने अपनी पारी के दौरान छह चौके और तीन गगनचुंबी छक्के जड़े।
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बड़ा स्कोर: सुशील के शानदार 58 रनों की बदौलत स्वर्णरेखा ने 8 ओवरों में 4 विकेट खोकर 77 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
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कवच की गेंदबाजी: कवच की तरफ से मानिक सरदार और राकेश महतो ने विकेट तो लिए, लेकिन वे रनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगा पाए।
कवच का पलटवार: अंत तक चला रोमांच
78 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम कवच ने भी हार नहीं मानी। आदित्य सिंह (29 रन) और राकेश महतो (17 रन) ने सधी हुई बल्लेबाजी कर स्वर्णरेखा के खेमे में हलचल पैदा कर दी थी। उपकप्तान बलजीत संसोआ ने भी 11 रन बनाकर उम्मीद जगाई, लेकिन अंतिम ओवरों में सचिन टुडू और सुशील टुडू की धारदार गेंदबाजी के आगे कवच की टीम 3 विकेट पर 66 रन ही बना सकी और 11 रनों से मैच गंवा दिया।
MPL-7: चमकने वाले सितारों की लिस्ट (Award Ceremony)
| सम्मान | खिलाड़ी का नाम | टीम |
| मैन ऑफ द सीरीज | सुशील टुडू | स्वर्णरेखा |
| सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज | राकेश महतो | कवच |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज | मानिक सरदार | कवच |
| मैन ऑफ द फाइनल | सुशील टुडू | स्वर्णरेखा |
| विजेता ट्रॉफी | टीम स्वर्णरेखा | - |
दिग्गजों की मौजूदगी: खेल भावना की जीत
पुरस्कार वितरण समारोह में कंपनी के निदेशक निर्मल अग्रवाल और सीईओ अरुण कुमार मिश्रा ने विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपी।
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निर्मल अग्रवाल ने कहा कि खेल अनुशासन और नेतृत्व सिखाते हैं, जो किसी भी संगठन के लिए जरूरी है।
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अरुण कुमार मिश्रा ने खिलाड़ियों के जुनून की तारीफ करते हुए कहा कि कंपनी कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजन जारी रखेगी।
स्वर्णरेखा का दबदबा
आठ दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में 10 टीमों (उजाला, शक्तिस्रोत, द्वापर, त्रेता आदि) ने हिस्सा लिया, लेकिन स्वर्णरेखा ने साबित कर दिया कि खेल के मैदान पर धैर्य और तकनीक ही सबसे बड़ी ताकत है।
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