Ranchi Drama: लक्ष्मी ज्वेलर्स में लूट या डिजिटल धोखाधड़ी? रांची के पॉश इलाके में हाई-वोल्टेज ड्रामा, सरेआम जेवर लेकर भागे युवक पुलिस की गिरफ्त में
रांची के लालपुर में लक्ष्मी ज्वेलर्स से जेवर लेकर भाग रहे युवकों और 'ऑनलाइन पेमेंट' के फेर में उलझी लूट की गुत्थी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। सिटी एसपी पारस राणा का बयान और डिजिटल ट्रांजेक्शन के इस नए हथकंडे का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप राजधानी के इस सबसे बड़े ज्वैलरी स्कैम की जानकारी से चूक जाएंगे।
रांची, 29 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची का हृदय स्थल कहा जाने वाला लालपुर इलाका गुरुवार की दोपहर एक अजीबोगरीब हाई-वोल्टेज ड्रामे का गवाह बना। यहाँ स्थित 'लक्ष्मी ज्वेलर्स' में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो युवकों ने दुकान से जबरन लाखों के जेवर उठाए और चलते बने। शुरुआत में इसे दिनदहाड़े 'लूट' की बड़ी वारदात माना गया, लेकिन जब पुलिस ने आरोपियों को दबोचा, तो कहानी में एक ऐसा डिजिटल ट्विस्ट आया जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। मामला अब 'ऑनलाइन पेमेंट' के दावों और ज्वेलरी शोरूम के बैंक स्टेटमेंट के बीच उलझ गया है।
दोपहर का 'लूट' अलर्ट: कंट्रोल रूम को गई एक कॉल और एक्शन
गुरुवार की दोपहर करीब 2:00 बजे जब बाजार गुलजार था, लक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक ने घबराकर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। सूचना मिली कि दुकान में दो युवकों ने लूटपाट की है।
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त्वरित कार्रवाई: लालपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और भाग रहे दोनों युवकों को धर दबोचा।
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बरामदगी: आरोपियों के पास से वे गहने बरामद कर लिए गए हैं जिन्हें वे जबरन उठाकर ले जा रहे थे।
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दुकानदार का पक्ष: ज्वेलरी शॉप के संचालक का कहना है कि ये युवक बिना पैसे दिए कीमती गहने लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
डिजिटल पेमेंट का 'दांव': क्या वाकई खाते में आए थे पैसे?
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने जो कहानी सुनाई, उसने रांची पुलिस को चकरा दिया है।
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आरोपियों का दावा: पकड़े गए युवकों का कहना है कि उन्होंने कोई लूट नहीं की है, बल्कि उन्होंने ज्वेलरी की पूरी कीमत कई लाख रुपये दुकानदार के खाते में डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर कर दी है।
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मालिक का इनकार: लक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक ने दो-टूक कहा है कि उनके पास न तो कोई बैंक मैसेज आया है और न ही खाते में कोई पैसा जमा हुआ है।
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सिटी एसपी का बयान: सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध है। पुलिस अब युवकों के बैंक अकाउंट और उनके मोबाइल की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि ट्रांजेक्शन असली था या किसी फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए ठगी की कोशिश की गई।
लालपुर ज्वेलरी कांड: मुख्य तथ्य (Case Analysis Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| स्थान | लक्ष्मी ज्वेलर्स, लालपुर, रांची |
| मुख्य आरोपी | 02 युवक (हिरासत में) |
| विवाद का केंद्र | ऑनलाइन पेमेंट बनाम फिजिकल लूट |
| पुलिस नेतृत्व | सिटी एसपी पारस राणा |
| जांच का आधार | डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंक स्टेटमेंट |
इतिहास का पन्ना: लालपुर का व्यापारिक रुतबा और ज्वेलरी बाजार का खौफ
रांची का लालपुर इलाका ऐतिहासिक रूप से शहर का सबसे व्यस्त कमर्शियल हब रहा है। 1970 और 80 के दशक में जब रांची एक छोटा हिल स्टेशन हुआ करता था, तब लालपुर और अपर बाजार ही सोने-चांदी के व्यापार के मुख्य केंद्र थे। इतिहास गवाह है कि यहाँ के ज्वेलर्स ने हमेशा सुरक्षा को लेकर संघर्ष किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में यहाँ 'शटर कटवा गिरोह' का आतंक हुआ करता था। लेकिन 2026 तक आते-आते अपराध का तरीका बदल गया है। अब पिस्तौल की जगह 'डिजिटल ठगी' और 'फेक स्क्रीनशॉट' ने ले ली है। लक्ष्मी ज्वेलर्स की यह घटना उसी बदलते अपराध तंत्र की याद दिलाती है, जहाँ अब अपराधी दुकानदार की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'ऑनलाइन पेमेंट' का भ्रम पैदा करते हैं।
फर्जी पेमेंट ऐप का बढ़ता जाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन दिनों शहर में कई ऐसे फर्जी पेमेंट ऐप्स सक्रिय हैं जो हूबहू बड़े बैंकों या वॉलेट्स की तरह 'पेमेंट सक्सेसफुल' का मैसेज और स्क्रीनशॉट दिखाते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इन युवकों ने किसी ऐसे ही ऐप का इस्तेमाल दुकानदार को बेवकूफ बनाने के लिए किया था। यदि खाते में वाकई पैसे नहीं भेजे गए, तो यह लूट और धोखाधड़ी की एक गंभीर धारा के तहत मामला बनेगा।
डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी
लालपुर की इस घटना ने राजधानी के सभी व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जब तक आपके बैंक खाते में राशि क्रेडिट होने का फाइनल मैसेज न आ जाए, तब तक किसी को भी सामान न सौंपें। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह गुत्थी सुलझने ही वाली है कि यह एक 'बड़ी लूट' थी या 'डिजिटल धोखेबाजी'।
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