Palamu Tractor Horror: मासूम की मौत से दहला हुसैनाबाद, बेकाबू रफ़्तार ने आंगन में ही छीन ली मासूम की जान
पलामू के हुसैनाबाद में बेकाबू ट्रैक्टर ने मासूम को रौंदा। घर के बाहर खेल रहे 3 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में फैला भारी तनाव।
पलामू: रफ़्तार की सनक ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव में बुधवार की सुबह वह मंजर देखने को मिला, जिसे देख पत्थरों का दिल भी पसीज जाए। महज 3 साल का रामल्ला, जो अपने घर की दहलीज पर जिंदगी के सपने बुन रहा था, एक अनियंत्रित ट्रैक्टर का शिकार बन गया।
आंगन से मौत तक: महज चंद सेकंड का फासला
बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे थे। रंजीत पासवान का 3 वर्षीय पुत्र रामल्ला कुमार अपने घर के बाहर सड़क किनारे खेल रहा था। गांव की शांत फिजाओं में अचानक एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की गड़गड़ाहट गूंजी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अनियंत्रित ट्रैक्टर ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जैसे ही परिजनों की नजर अपने लाडले के क्षत-विक्षत शरीर पर पड़ी, पूरे बिशुनपुर गांव में चीख-पुकार मच गई। माँ का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता सुध-बुध खो चुके हैं। गांव के जिस आंगन में सुबह किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और सिसकियां हैं।
फरार चालक और पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन रफ़्तार इतनी अधिक थी कि वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खेत में जाकर पलट गया। मौका पाकर चालक वहां से रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है।
क्यों नहीं थम रहे सड़क हादसे?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। गांव की संकरी सड़कों पर भारी वाहनों का इतनी तेज रफ्तार में चलना मौत को दावत देने जैसा है।
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लापरवाही की इंतहा: घर के बाहर खेलता बच्चा भी अगर सुरक्षित नहीं है, तो यह समाज और प्रशासन दोनों की विफलता है।
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जागरूकता का अभाव: ट्रैक्टर मालिकों को यह समझना होगा कि उनके मुनाफे की दौड़ किसी की जान से कीमती नहीं हो सकती।
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सख्त कानून की जरूरत: ऐसे मामलों में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए मिसाल बने।
सांत्वना और मदद का भरोसा
घटना के बाद बिशुनपुर गांव में मातम का माहौल है। गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रंजीत पासवान के घर पहुँचकर ढांढस बंधाया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एक अपील: अपने बच्चों को सड़क के किनारे अकेले न छोड़ें और भारी वाहन चालकों से भी अनुरोध है कि बस्तियों से गुजरते समय रफ़्तार धीमी रखें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी का संसार उजाड़ सकती है।
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