Chaibasa Murder : खंडखोरी में देवेंद्र गोप की गला रेतकर हत्या, खून से सना स्टील का चाकू लेकर पुड़वा सिंकू गिरफ्तार!
चाईबासा के कुमारडुंगी अंतर्गत खंडखोरी में देवेंद्र गोप की धारदार चाकू से गला रेतकर की गई खौफनाक हत्या और पुलिस द्वारा आरोपी पुड़वा सिंकू की गिरफ्तारी की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/जगन्नाथपुर, 2 जून 2026 – पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत ही सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली खौफनाक मर्डर मिस्ट्री सामने आई है। ग्राम खंडखोरी में सोमवार, 1 जून को देवेंद्र गोप नाम के एक व्यक्ति की धारदार हथियार से सरेआम गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस डार्क मर्डर केस के बाद पूरे इलाके में भयंकर दहशत फैल गई थी। लेकिन चाईबासा जिला पुलिस ने इस अंधे कत्ल मामले में फुर्ती दिखाते हुए महज 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी पुड़वा उर्फ चोके सिंकू (33 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कातिल की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया स्टील का चमचमाता हुआ खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराकर उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।
मर्डर की इनसाइड स्टोरी: आपसी विवाद का खूनी अंजाम और एसडीपीओ का कड़ा एक्शन
कुमारडुंगी थाना पुलिस और जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस टीम के आंतरिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खूनी वारदात आपसी रंजिश और गुस्से का नतीजा है:
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गला रेतकर उतारा मौत के घाट: 1 जून को पुलिस को खबर मिली कि खंडखोरी गांव में देवेंद्र गोप की किसी ने गला रेतकर हत्या कर दी है। इस डार्क क्रैश को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद मृतक के भाई या करीबी देवेंद्र गोप (47) के बयान पर कुमारडुंगी थाने में मर्डर की प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
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बनाई गई स्पेशल पुलिस टीम: मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा एसपी के निर्देश पर जगन्नाथपुर के एसडीपीओ (SDPO) के नेतृत्व में एक स्पेशल छापेमारी दल का गठन किया गया।
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भागने की फिराक में था कातिल: पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी पुड़वा उर्फ चोके सिंकू को कुमारडुंगी इलाके से ही दबोच लिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उनके बीच कोई पुराना आपसी विवाद चल रहा था, जिसके गुस्से में आकर उसने देवेंद्र गोप का गला रेत दिया।
सुदूर देहाती इलाकों में पुलिस गश्त और कम्युनिटी पुलिसिंग बेहद जरूरी
कुमारडुंगी थाना पुलिस और जगन्नाथपुर एसडीपीओ की टीम ने जिस मुस्तैदी से 1 जून की इस वीभत्स घटना के बाद जाल बिछाया और आरोपी पुड़वा सिंकू को हथियार के साथ दबोचा, वह इलाके में कानून का खौफ बनाए रखने के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। पुलिस अब इस मामले की स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) कराने की तैयारी कर रही है ताकि कोर्ट से आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।
लेकिन केवल मर्डर के बाद आरोपी को जेल भेजना ही ऐसे जघन्य अपराधों का परमानेंट इलाज नहीं है। 2026 के इस आधुनिक दौर में, चाईबासा जिला प्रशासन और पुलिस को इन सुदूरवर्ती ग्रामीण अंचलों में 'कम्युनिटी पुलिसिंग' (Community Policing) को बढ़ावा देना होगा, ताकि बस्तियों में होने वाले आपसी विवादों को खूनी खेल में बदलने से पहले ही सुलझाया जा सके। जब तक ग्रामीण रूटों पर गश्त नहीं बढ़ेगी और लोगों को कानून का पाठ नहीं पढ़ाया जाएगा, तब तक कुमारडुंगी के इस शांत और प्राकृतिक कॉरिडोर को ऐसे डार्क और खौफनाक इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
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