Padma Awards: धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अलका याग्निक और ममूटी का बढ़ा मान, गणतंत्र दिवस पर गूँजा सिनेमाई दिग्गजों का नाम

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित पद्म पुरस्कारों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है जहाँ 'ही-मैन' धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण और अलका याग्निक को पद्म भूषण से नवाजा गया है। आर माधवन से लेकर सतीश शाह तक, कला जगत के इन सितारों को मिले सर्वोच्च सम्मान की पूरी लिस्ट विस्तार से पढ़िए वरना आप भारतीय संस्कृति के इस ऐतिहासिक गौरव गान को जानने से चूक जाएंगे।

Jan 25, 2026 - 18:58
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Padma Awards: धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अलका याग्निक और ममूटी का बढ़ा मान, गणतंत्र दिवस पर गूँजा सिनेमाई दिग्गजों का नाम
Padma Awards: धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अलका याग्निक और ममूटी का बढ़ा मान, गणतंत्र दिवस पर गूँजा सिनेमाई दिग्गजों का नाम

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026 – देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने साल 2026 के 'पद्म पुरस्कारों' का ऐलान कर दिया है। इस साल की सूची कला और सिनेमा के प्रेमियों के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में भारतीय सिनेमा के सदाबहार 'ही-मैन' धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया है। इसके अलावा, सुरों की मल्लिका अलका याग्निक और दक्षिण भारतीय सिनेमा के महानायक ममूटी के नाम भी पद्म भूषण की श्रेणी में चमक रहे हैं। आर माधवन और प्रोसेनजीत चटर्जी जैसे कलाकारों ने भी पद्म श्री की सूची में अपनी जगह बनाई है।

धर्मेंद्र: एक युग का अंत और सर्वोच्च सम्मान

सिनेमा के पर्दे पर छह दशकों तक राज करने वाले धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण देकर उनकी विरासत को अमर कर दिया है।

  • 60 साल का सफर: 'सत्यकाम' जैसी संजीदा फिल्म हो या 'शोले' का वीरू, धर्मेंद्र ने हर किरदार में जान फूँकी।

  • ही-मैन की पहचान: 2012 में पद्म भूषण पाने वाले धर्मेंद्र को अब सर्वोच्च श्रेणी का सम्मान मिलना उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए एक इमोशनल मोमेंट है।

  • कॉमेडी और एक्शन: 'चुपके चुपके' से हंसाने और 'प्रतिज्ञा' से डराने वाले इस अभिनेता जैसा दूसरा कोई नहीं हुआ।

सुरों और अभिनय का संगम: अलका याग्निक और ममूटी का जलवा

संगीत और क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले सितारों को इस बार पद्म भूषण से अलंकृत किया गया है।

  1. अलका याग्निक: 90 के दशक की धड़कन अलका जी ने रिकॉर्ड 7 बार फिल्मफेयर जीता है। 'एक दो तीन' से लेकर 'अगर तुम साथ हो' तक, उनकी मखमली आवाज के लिए उन्हें यह विशिष्ट सम्मान दिया गया है।

  2. ममूटी: मलयालम सिनेमा के स्तंभ ममूटी को उनकी 'उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा' के लिए चुना गया है।

  3. मरणोपरांत सम्मान: दिग्गज कॉमेडियन सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री दिया गया है, जिससे उनके चाहने वालों की आँखें नम हैं।

पद्म पुरस्कार 2026: कला एवं सिनेमा की मुख्य सूची (Honour Roll)

प्राप्तकर्ता (Winner) सम्मान (Award) क्षेत्र (Field)
धर्मेंद्र सिंह देओल पद्म विभूषण (मरणोपरांत) हिंदी सिनेमा (अभिनय)
अलका याग्निक पद्म भूषण पार्श्व गायन (Music)
ममूटी पद्म भूषण साउथ सिनेमा (अभिनय)
आर माधवन पद्म श्री अभिनय एवं निर्देशन
प्रसेनजीत चटर्जी पद्म श्री बंगाली सिनेमा
सतीश शाह पद्म श्री (मरणोपरांत) कला एवं अभिनय

इतिहास का पन्ना: पद्म पुरस्कारों का सफर और सिनेमाई गौरव

पद्म पुरस्कारों की स्थापना 1954 में हुई थी। इतिहास गवाह है कि कला के क्षेत्र में यह सम्मान केवल प्रतिभा को नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में संस्कृति के योगदान को दिया जाता है। 1960 और 70 के दशक में जब भारतीय सिनेमा वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा था, तब सत्यजीत रे और नर्गिस दत्त जैसे दिग्गजों ने इन पुरस्कारों की गरिमा बढ़ाई थी। 2026 की यह सूची ऐतिहासिक रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 'क्षेत्रीय और मुख्यधारा' के सिनेमा के बीच के अंतर को खत्म करती है। आर माधवन जैसे कलाकार, जिन्होंने तमिल से हिंदी तक का सफर तय किया और 'रॉकेट्री' जैसी फिल्म से विज्ञान को सिनेमा से जोड़ा, उन्हें पद्म श्री मिलना इस पुरस्कार के बदलते और आधुनिक स्वरूप का प्रमाण है। सतीश शाह जैसे 'कैरेक्टर आर्टिस्ट्स' को याद करना यह बताता है कि अब सम्मान केवल मुख्य नायकों तक सीमित नहीं है।

आर माधवन: चॉकलेटी बॉय से पद्म श्री तक

आर माधवन का फिल्मी सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

  • विविधता: 'रहना है तेरे दिल में' का मैडी आज एक सफल निर्देशक और गंभीर अभिनेता बन चुका है।

  • रॉकेट्री का जादू: 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' के लिए उन्हें जो सराहना मिली, उसी का परिणाम आज का यह पद्म श्री सम्मान है।

  • 3 इडियट्स: 'फरहान' के किरदार से हर छात्र के दिल में जगह बनाने वाले माधवन ने भारतीय सिनेमा को एक नई गहराई दी है।

प्रतिभा का राष्ट्रीय उत्सव

साल 2026 के ये पद्म पुरस्कार साबित करते हैं कि भारत अपनी कलात्मक जड़ों और उन कलाकारों का सम्मान करना बखूबी जानता है जिन्होंने दशकों तक देश का मनोरंजन किया और दुनिया में भारत का सिर ऊँचा किया।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।