Nirsa Theft: चोरों ने काटा केबल, खदान से 5 लाख का कॉपर कॉइल चुराया, एक घंटे तक उत्पात
झारखंड के निरसा में कोलियरी प्रबंधन परेशान! बैजना खदान से पानी निकालने वाले 1000 केवीए के ट्रांसफार्मर से 5 लाख का कॉपर कॉइल चोरी। चोरों ने 11 हजार वोल्ट की लाइन काटकर 45 मिनट तक उत्पात मचाया और किसी कर्मी को खबर तक नहीं लगी।
धनबाद/निरसा, 2 दिसंबर 2025 – झारखंड के निरसा स्थित बैजना कोलियरी में सोमवार की देर रात चोरों ने एक बड़ी और साहसिक चोरी की घटना को अंजाम दिया। कोलियरी की 31 नंबर खदान के पानी निकालने वाले पंप घर में लगे 1000 केवीए के ट्रांसफार्मर से चोरों ने अंदर लगा तांबे का कॉइल चुरा लिया। इस चोरी हुए कॉइल की कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है।
कोलियरी प्रबंधन ने इस संबंध में निरसा थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। यह घटना दिखाती है कि अब चोरों की नजर सिर्फ तार पर नहीं, बल्कि सीधे कीमती तांबे के कॉइल पर है।
खदान से पानी निकासी का उपकरण बना शिकार
यह चोरी हरियाजाम पांच एवं छह नंबर कोलियरी के भूमिगत खदान के पास स्थित पानी निकालने वाले पंप घर में हुई। इस पंप का उपयोग मुख्य रूप से बैजना कोलियरी 31 नंबर खदान से पानी की निकासी के लिए किया जाता था। पानी निकासी के लिए यहां 1000 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया था।
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चोरों का तरीका: सोमवार की देर रात अज्ञात चोरों ने पहले पंप घर का ताला तोड़ा और फिर कमरे में घुस गए। सबसे पहले उन्होंने 11 हजार वोल्ट बिजली प्रवाहित खंभे से ट्रांसफार्मर में आए केबल को काट दिया। इसके बाद चोरों ने ट्रांसफार्मर के सभी नट और बोल्ट खोलकर उसमें से सारा तेल गिरा दिया और तांबे के कॉइल चुराकर भाग गए।
एक घंटे तक उत्पात, कर्मियों को खबर तक नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पंप के बगल में ही हरियाजाम पांच और छह नंबर कोलियरी का ढुलाई घर और कार्यालय है। वहां कोयला कर्मचारी कार्यरत थे।
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उत्पात: जानकारों का कहना है कि इतने बड़े ट्रांसफार्मर को खोलकर उसका कॉइल निकालने में चोरों को कम से कम 45 मिनट से एक घंटा लगा होगा, बावजूद इसके वहां मौजूद किसी भी कर्मी को इसकी भनक तक नहीं लगी। चोर आराम से तेल गिराकर कॉइल निकाल कर फरार हो गए।
ईसीएल प्रबंधन अब एल्युमिनियम पर दे रहा है जोर
केबल लूटने वाले और चोरों की नजर अब सीधे ट्रांसफार्मर के कॉइल पर है। तांबे की उच्च कीमत के कारण चोर अब नट और बोल्ट खोलकर आसानी से कॉइल चुरा लेते हैं। पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड प्रबंधन को केबल लुटेरों के उत्पात के कारण हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस नुकसान से परेशान होकर अब प्रबंधन अधिकतर स्थानों पर तांबे के बदले एल्युमिनियम कॉइल वाले ट्रांसफार्मर और केबल लगाने पर जोर दे रहा है।
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