Giridih Cyber Raid: गिरिडीह के जंगलों में साइबर ठगों का साम्राज्य, गूगल पर फर्जी अस्पताल बनाकर लूट रहे थे करोड़ों
गिरिडीह पुलिस ने गांडेय के जंगलों में छापेमारी कर शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गूगल पर नामी अस्पतालों के फर्जी पेज बनाकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले इन ठगों के नेटवर्क और गिरफ़्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
गिरिडीह, 2 मार्च 2026 – झारखंड का गिरिडीह जिला एक बार फिर साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का केंद्र बनकर उभरा है। जिले के गांडेय थाना क्षेत्र स्थित तेलखारी जंगल में पुलिस ने एक साहसिक छापेमारी कर दो शातिर साइबर ठगों को धर दबोचा है। साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने उस मॉडस ऑपरेंडी (तरीके) का खुलासा किया है, जिससे देश भर के लोग अनजाने में ठगी का शिकार हो रहे थे। घने जंगलों के बीच बैठकर ये अपराधी डिजिटल दुनिया में मौत और बीमारी का डर दिखाकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे थे।
जंगल बना 'कंट्रोल रूम': गुप्त सूचना पर पुलिस की स्ट्राइक
पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि कछेल गांव के पास तेलखारी जंगल की ओट में बैठकर कुछ युवक संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
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छापेमारी का मंजर: टीम ने बिना समय गंवाए जंगल की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें खदेड़कर पकड़ लिया।
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बरामदगी: इनके पास से 4 आधुनिक स्मार्टफोन और 6 एक्टिव सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल फोनों के भीतर ठगी के ऐसे राज दफन हैं, जो कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे।
गूगल पर 'मौत का जाल': ऐसे खाली करते थे आपका बैंक खाता
पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिद अफरीदी और मो. शमशाद अंसारी के रूप में हुई है। पूछताछ में जो सच सामने आया, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है:
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फर्जी अपॉइंटमेंट पेज: ये ठग गूगल पेड (Google Ads) का सहारा लेकर देश के नामी अस्पतालों के नाम पर फर्जी 'बुकिंग पेज' बनाते थे।
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सर्च इंजन का खेल: जब भी कोई मरीज या परिजन गूगल पर डॉक्टर का नंबर ढूंढता, तो विज्ञापन के कारण इन्हीं ठगों का फर्जी नंबर सबसे ऊपर दिखाई देता।
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हॉस्पिटल ऐप का झांसा: कॉल करने पर ये ठग बड़े ही पेशेवर अंदाज में बात करते और "हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट बुकिंग ऐप" का एक फर्जी लिंक भेजते।
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क्लिक करते ही फोन हैक: जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता, उसका मोबाइल रिमोट एक्सेस पर चला जाता और कुछ ही सेकंड में बैंक खाता पूरी तरह साफ हो जाता।
पुलिस की अपील: आपकी एक गलती और पैसा गायब
इस बड़ी कामयाबी के बाद साइबर थाना प्रभारी ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है।
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अनाधिकृत लिंक: कभी भी एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
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वेबसाइट की जांच: किसी भी अस्पताल या सेवा की बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक और 'वेरिफाइड' वेबसाइट का ही उपयोग करें।
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रिपोर्ट करें: अगर आपके साथ ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
जारी रहेगा सफाई अभियान
पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या-07/2026 दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है। अब पुलिस उन बैंक खातों और 'मनी ट्रेल' की तलाश कर रही है, जहाँ ठगी का पैसा ट्रांसफर किया गया था। गिरिडीह पुलिस का यह सख्त संदेश है कि अपराधी चाहे पाताल या जंगल में ही क्यों न छिप जाएं, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुँचकर ही रहेंगे।
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