NEET के विवाद के बीच UGC NET परीक्षा रद्द, परीक्षा की साख पर सवाल

NEET के विवाद के बीच UGC NET परीक्षा रद्द, परीक्षा की साख पर सवाल

Jun 20, 2024 - 00:44
Jun 20, 2024 - 10:52
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NEET के विवाद के बीच UGC NET परीक्षा रद्द, परीक्षा की साख पर सवाल
NEET के विवाद के बीच UGC NET परीक्षा रद्द, परीक्षा की साख पर सवाल

NEET के विवाद के बीच UGC NET परीक्षा रद्द, परीक्षा की साख पर सवाल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET परीक्षा में हो रहे विवाद के बीच UGC NET परीक्षा को रद्द कर दिया है। परीक्षा की साख पर उठे सवालों के कारण यह फैसला लिया गया है।

परीक्षा की साख पर उठे सवाल

UGC NET परीक्षा की साख पर गंभीर सवाल उठे हैं। परीक्षा का integrity (सत्यनिष्ठा) सवालों के घेरे में आने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा में अनियमितताओं और सुरक्षा उल्लंघनों की खबरें आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

NEET विवाद का प्रभाव

NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के कारण पहले ही शिक्षा जगत में हलचल मची हुई थी। UGC NET परीक्षा के रद्द होने से छात्रों और शिक्षाविदों में और भी निराशा फैल गई है।

NTA का बयान

NTA ने अपने बयान में कहा है कि परीक्षा की सत्यनिष्ठा (integrity) को बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "हम परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेंगे और परीक्षा की साख को बरकरार रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।"

छात्रों का गुस्सा और निराशा

छात्रों में इस निर्णय को लेकर काफी गुस्सा और निराशा है। कई छात्र जिन्होंने इस परीक्षा के लिए कठिन मेहनत की थी, अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देती हैं।

नीट घोटाले पर नजर


1: 
मल्लिका अर्जुन खडगे ( कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष )

2:  अखिलेश यादव ( समाजवादी पार्टी )

भविष्य की योजनाएं

NTA ने यह भी कहा है कि वे इस मामले की पूरी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही नई तारीख की घोषणा की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।

इस घटना ने एक बार फिर से देश की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा प्रणाली की साख को बनाए रखने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को कठोर कदम उठाने होंगे ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके और इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो।