Nawada Accident : सड़क हादसे में गर्भवती महिला की मौत, पुलिस की मिलीभगत से गिट्टी गायब
नवादा जिले में गर्भवती महिला की सड़क हादसे में मौत, 2 घायल। जानिए इस दर्दनाक घटना के बारे में और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठते हैं।

नवादा जिले के कौआकोल - पकरीबरांवा पथ पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक गर्भवती महिला की जान चली गई। यह महिला स्नातक की परीक्षा देने जा रही थी, जब अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में महिला के साथ जा रहे दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना एक ऐसी दुखद कहानी बन गई, जो लोगों के दिलों को झकझोरने वाली है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना उस समय हुई, जब 22 वर्षीय रेशमी कुमारी अपने रिश्तेदार अजित कुमार और प्रभाकर कुमार के साथ स्नातक पार्ट टू की परीक्षा देने बारिसलीगंज जा रही थी। कौआकोल - पकरीबरांवा पथ के कदहर नहर मोड़ के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। रेशमी कुमारी, जो कि गर्भवती थीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। इस दुर्घटना ने न सिर्फ उनके परिवार को गहरा शोक में डुबो दिया, बल्कि पूरे इलाके में हंगामा मच गया।
अस्पताल तक के सफर में हुआ और एक जान का नुकसान
घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने घायल व्यक्तियों को तत्काल कौआकोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते रेशमी कुमारी की हालत और बिगड़ी और रास्ते में ही उनका निधन हो गया। वहीं, अजित कुमार की हालत चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि प्रभाकर कुमार खतरे से बाहर हैं, लेकिन हादसे का असर सभी पर गहरा पड़ा है।
रेशमी कुमारी की दुखभरी कहानी
रेशमी कुमारी की शादी 2024 में धनगांवां में हुई थी और वह गर्भवती थीं। एक नए जीवन की शुरुआत की उम्मीद के साथ वह स्नातक की परीक्षा देने जा रही थीं, लेकिन इस हादसे ने उनके और उनके परिवार के सपनों को चूर-चूर कर दिया। घटना के बाद रेशमी के नैहर और ससुराल में कोहराम मचा हुआ है। इस हादसे ने एक ओर परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है।
सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी
यह घटना सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है। सड़क पर बढ़ते हादसे और उनकी बढ़ती संख्या से यह बात स्पष्ट होती है कि प्रशासन को सड़क सुरक्षा के प्रति और अधिक गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। अगर सही वक्त पर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
क्या प्रशासन इसे गंभीरता से लेगा?
यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठाता है। अगर प्रशासन अब भी कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में ऐसी कई घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। जनता का यह सवाल अब बढ़ रहा है कि क्या इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन कुछ सख्त कदम उठाएगा?
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