Dhanbad Tragedy: मुगमा में 100 फुट नीचे चाल गिरा, 4 लोगों के दबने पर यह सनसनीखेज खुलासा हुआ
ईसीएल मुगमा क्षेत्र के बंद पड़े कापासारा ओसीपी में अवैध उत्खनन के दौरान भीषण हादसा हुआ है। 100 फुट नीचे मलबा गिरने से 46 वर्षीय मनोज कोयरी की मौके पर ही मौत हो गई। तीन गंभीर घायलों को इलाज के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया गया और वहां गुप्त रूप से इलाज हो रहा है। मृतक का पुत्र अपने साथियों के साथ शव को कार से बंगाल ले गया। ईसीएल प्रबंधन और पुलिस घटना से साफ इनकार कर रही है।
धनबाद, 17 नवंबर 2025 – झारखंड में अवैध कोयला उत्खनन का खतरनाक खेल एक बार फिर खूनी साबित हुआ है। ईसीएल (ECL) के मुगमा क्षेत्र में स्थित बंद पड़ी कापासारा ओसीपी (OCP) में रविवार सुबह करीब सात बजे चाल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 46 वर्षीय मृतक मनोज कोयरी पश्चिमी बंगाल के नियामतपुर स्थित आंकन बगान के रहने वाले थे। इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घायलों को तो अवैध खनन करने वाले अन्य लोगों ने गुप्त इलाज के लिए बंगाल भेज दिया, लेकिन मृतक के शव को भी लगभग 100 फुट नीचे से निकालकर उसके पुत्र ने अपने परिजनों के साथ बंगाल लेकर चला गया। सवाल यह है कि हर साल इस तरह के हादसों में लोगों की जान जाने के बावजूद अवैध खनन का यह सिलसिला क्यों नहीं रुक रहा है, और पुलिस व ईसीएल प्रबंधन इस घटना से पल्ला क्यों झाड़ रहे हैं?
मौत का मुहाना: 100 फुट नीचे दबकर दम तोड़ा
कापासारा ओसीपी में अवैध उत्खननकारी प्रतिदिन की तरह आज अहले सुबह बड़ी संख्या में कोयला निकालने पहुंचे थे।
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घटना का समय: रविवार सुबह लगभग सात बजे जब दर्जनों लोग बंद पड़े इस खदान के मुहाने के अंदर उत्खनन कर रहे थे।
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चाल गिरी: लगभग 100 फुट नीचे खनन के दौरान अचानक भारी मात्रा में मलवा भरभरा कर ऊपर से गिर गया।
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पीड़ित: इस मलवे की चपेट में लगभग पांच लोग आए। मनोज कोयरी मलवे के काफी अंदर दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
गुप्त इलाज और शव की चोरी: क्यों छुपाया जा रहा है सच?
घटना के बाद अवैध खनन करने वालों ने पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया।
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घायलों को हटाया: अन्य खननकर्ताओं ने तीनों घायलों को आनन फानन में मुहाने से बाहर निकाला और तुरंत पश्चिम बंगाल ले गए, जहां उनका इलाज 'गुप्त रूप से' कराया जा रहा है।
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शव ले जाने का प्रयास: मृतक मनोज कोयरी का शव दिन के 11 बजे तक अंदर ही दबा रहा। इसके बाद उनका पुत्र ढुलमुल अपने परिजनों व अन्य साथियों के साथ घटनास्थल पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद मृतक के शव को कार में लादकर अपने घर बंगाल लेकर चला गया।
पुलिस और प्रबंधन का इंकार: क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है?
इस तरह की घटनाएं अक्सर कोयला क्षेत्रों में होती रहती हैं, लेकिन हर बार प्रशासन और प्रबंधन इनकार कर देते हैं।
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इंकार: ईसीएल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस दोनों ही इस भीषण घटना से साफ तौर पर इंकार कर रहे हैं। उनका यह बयान अवैध खनन को रोकने में प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
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प्रश्न: बंद पड़े ओसीपी में दर्जनों की संख्या में लोगों का हर रोज उत्खनन करना एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए।
अवैध कोयला खनन केवल राजस्व का नुकसान नहीं है, बल्कि यह गरीब और मजबूर लोगों के जीवन से जुड़ा एक गंभीर जोखिम है, जिस पर तुरंत नियंत्रण पाने की जरूरत है।
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