Medininagar Arrest: मेदिनीनगर में 5 लाख की फिरौती पर अपहरण और जानलेवा हमला,सद्दाम कुरैशी समेत 8 खूंखार अपराधी गिरफ्तार
मेदिनीनगर के भट्टी मोहल्ला में आनंद कुमार रवि के अपहरण और हत्या की 5 लाख की सुपारी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। स्कॉर्पियो से भाग रहे सद्दाम कुरैशी और नमिता हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामद हथियारों की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 1 अप्रैल 2026 – पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के शहर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करते हुए आठ खूंखार अपराधियों को दबोचा है। भट्टी मोहल्ला में एक युवक के अपहरण की कोशिश और खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सद्दाम कुरैशी समेत उसके पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अपराधियों के पास से अवैध पिस्तौल, कट्टा, गोलियां और भागने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो बरामद की गई है। इस गिरोह का इतिहास इतना काला है कि इनमें से सात आरोपी चर्चित नमिता हत्याकांड में भी शामिल रह चुके हैं।
5 लाख की सुपारी और अपहरण की खौफनाक साजिश
यह पूरी वारदात किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी नजर आती है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।
-
टारगेट आनंद कुमार: गिरोह का मुख्य निशाना आनंद कुमार रवि था। सद्दाम कुरैशी और उसके साथियों ने आनंद का अपहरण करने की कोशिश की, लेकिन जब उसने विरोध किया, तो हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटकर लहूलुहान कर दिया।
-
सुपारी का खेल: प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आनंद कुमार रवि की हत्या के लिए सद्दाम को 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस पूरी साजिश के पीछे भट्टी मोहल्ला में चल रहा एक पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है।
-
गंभीर चोटें: अपराधियों के हमले में आनंद गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि घायल आनंद खुद भी पूर्व में एक आपराधिक मामले में 6 साल जेल की सजा काट चुका है।
आधी रात को चेकिंग: रेलवे अंडरपास पर दबोचे गए अपराधी
मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी काले रंग की स्कॉर्पियो (JH01 GJ 3950) से जिला छोड़कर भागने की फिराक में हैं।
-
घेराबंदी: 31 मार्च की रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने बिस्फोटा चौक स्थित रेलवे अंडरपास के पास जाल बिछाया।
-
तलाशी और गिरफ्तारी: जैसे ही संदिग्ध स्कॉर्पियो वहां पहुँची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। गाड़ी में सवार सद्दाम कुरैशी, छोटू चंद्रवंशी, सूरज चंद्रवंशी, रितेश चंद्रवंशी उर्फ मामा, वशीम अहमद उर्फ बंटी कालिया, वशीम अकरम, रौशन चंद्रवंशी और किशु गुप्ता को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
-
हथियारों का जखीरा: तलाशी के दौरान इनके पास से 9 MM की एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए।
मेदिनीनगर का 'क्राइम सिंडिकेट' और नमिता हत्याकांड का कनेक्शन
पलामू के मेदिनीनगर का इतिहास अक्सर गैंगवार और जमीन विवादों से रंजित रहा है।
-
नमिता हत्याकांड की यादें: गिरफ्तार आठ में से सात आरोपियों का संबंध पलामू के चर्चित नमिता हत्याकांड से है। यह वही गिरोह है जो लंबे समय से इलाके में रंगदारी और सुपारी किलिंग के लिए जाना जाता है।
-
जमीन विवाद का गढ़: भट्टी मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों में जमीन की बढ़ती कीमतों ने अपराधियों को 'लैंड माफिया' बना दिया है। आनंद कुमार रवि पर हुआ हमला इसी वर्चस्व की लड़ाई का एक हिस्सा है।
-
पुलिस की मुस्तैदी: एसआई चन्द्रशेखर यादव और टीओपी-3 प्रभारी मंदु कुमार की टीम ने जिस तरह से अपराधियों को जिले की सीमा पार करने से पहले पकड़ा, उससे शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस की अगली कार्रवाई: मास्टरमाइंड कौन?
सद्दाम कुरैशी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उस चेहरे की तलाश कर रही है जिसने 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
-
पूछताछ जारी: पुलिस रिमांड पर लेकर इन अपराधियों से पूछताछ करेगी ताकि उस 'सफेदपोश' व्यक्ति तक पहुँचा जा सके जो इस जमीन विवाद का असली सूत्रधार है।
-
आर्म्स एक्ट के तहत केस: आरोपियों के खिलाफ अपहरण, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
-
शांति की अपील: पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेदिनीनगर में किसी भी तरह के 'गैंग कल्चर' को पनपने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा।
मेदिनीनगर पुलिस की यह कार्रवाई पलामू के अपराधियों के लिए एक कड़ा सबक है। 5 लाख की सुपारी देकर की जा रही हत्या की साजिश का समय रहते भंडाफोड़ होना पुलिस की बड़ी इंटेलिजेंस जीत है। सद्दाम कुरैशी और उसके गिरोह का जेल जाना शहर में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, जमीन विवादों के कारण बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को और भी सख्त नीति अपनानी होगी। क्या इस गिरफ्तारी के बाद पलामू के 'सुपारी किंग' शांत होंगे? यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल मेदिनीनगर की पुलिस ने बाजी मार ली है।
What's Your Reaction?


