Golmuri Attack: चपड़ से हमला, गोलमुरी में सरबजीत पर जानलेवा वार करने वाले 3 गिरफ्तार, बरामद हुआ ताला कटर और नशा
जमशेदपुर के गोलमुरी में सरबजीत सिंह पर हुए खूनी हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। 10-15 लड़कों की भीड़, चपड़ का वार और पकड़े गए आरोपियों के पास से मिले ताला कटर व नशे के सामान के पीछे छिपे इस खौफनाक सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर के बीचों-बीच पनप रहे इस नए 'गैंग' के खौफ से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 14 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का गोलमुरी इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है। 9 जनवरी की रात सरबजीत सिंह नामक युवक पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी को सुलझाते हुए गोलमुरी पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस मामले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, क्योंकि हमलावरों ने सरेराह चपड़ और बेस बॉल बैट से सरबजीत को लहूलुहान कर दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी भीड़ का सहारा लें, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। पकड़े गए युवकों के पास से बरामद सामान ने पुलिस को भी चौंका दिया है, जिससे यह अंदेशा गहरा गया है कि ये युवक केवल मारपीट नहीं, बल्कि किसी बड़ी वारदात या चोरी की फिराक में थे।
भीड़ का खूनी खेल: टुइलाडुंगरी में सरेआम तांडव
घटना की शुरुआत 9 जनवरी को गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुइलाडुंगरी लाइन नंबर 27 के पास हुई थी।
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अचानक हमला: सरबजीत सिंह वहां से गुजर रहे थे, तभी 10 से 15 युवकों की एक उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
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चपड़ और बैट का वार: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों के पास धारदार चपड़ और बेस बॉल बैट थे। सरबजीत को संभलने का मौका तक नहीं दिया गया और उन पर ताबड़तोड़ प्रहार किए गए।
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दहशत का माहौल: सरेआम हुई इस मारपीट से इलाके में सन्नाटा पसर गया था। घायल सरबजीत ने किसी तरह अपनी जान बचाई और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की दबिश: पकड़े गए इलाके के तीन 'बाहुबली'
गोलमुरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सघन छापेमारी की।
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गिरफ्तार अभियुक्त: पुलिस के हत्थे चढ़ने वालों में मोहम्मद जुनैव रजा उर्फ जुनैद (21), ओवैश अंसारी उर्फ उबैश (22) और सोहैल खान (21) शामिल हैं। ये तीनों गोलमुरी के ही रहने वाले हैं।
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हथियार और नशा: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हमले में इस्तेमाल चपड़, चाकू और मोबाइल तो बरामद किया ही, साथ ही गांजा पीने वाला चीलम, ताश की पत्ती और सबसे महत्वपूर्ण 'ताला कटर' भी बरामद किया है।
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अपराध का तरीका: ताला कटर और अन्य औजारों की बरामदगी से पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह रात में बंद घरों या दुकानों को निशाना बनाने का काम भी करता था।
गोलमुरी हमला केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित का नाम | सरबजीत सिंह |
| घटना का स्थान | टुइलाडुंगरी लाइन नंबर 27, गोलमुरी |
| कुल गिरफ्तारियाँ | 03 (जुनैद, ओवैश और सोहैल) |
| बरामदगी | चपड़, चाकू, ताला कटर, चीलम, ताश |
| हमले का हथियार | धारदार चपड़ और बेस बॉल बैट |
इतिहास का पन्ना: गोलमुरी और टुइलाडुंगरी में 'गैंग कल्चर' का उदय
जमशेदपुर का गोलमुरी इलाका और विशेषकर टुइलाडुंगरी का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से टाटा स्टील के कर्मचारियों और मेहनतकश लोगों की बस्ती रहा है। 1980 और 90 के दशक में यहाँ की एकता की मिसाल दी जाती थी। लेकिन इतिहास गवाह है कि बीते एक दशक में नशे की बढ़ती लत और बेरोजगारी ने यहाँ के युवाओं के एक वर्ग को 'गैंग कल्चर' की ओर धकेला है। साल 2015 और 2021 में भी टुइलाडुंगरी के पास वर्चस्व की लड़ाई में ऐसी ही कई हिंसक घटनाएं दर्ज की गई थीं। 'चपड़' जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल पहले केवल बड़े अपराधियों तक सीमित था, लेकिन अब 20-22 साल के लड़कों द्वारा सरेराह इसका उपयोग करना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। ताला कटर की बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि नशे के शौक को पूरा करने के लिए ये छोटे गिरोह अब चोरी और लूटपाट को अपना पेशा बना रहे हैं।
थाना प्रभारी का बयान: बाकी अपराधियों की खैर नहीं
गोलमुरी थाना प्रभारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि इस मामले में शामिल अन्य 10-12 युवकों की पहचान भी की जा रही है।
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सघन छापेमारी: फरार चल रहे अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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नशे पर नकेल: बरामद चीलम और ताश के पत्तों से यह संकेत मिलता है कि ये युवक सुनसान जगहों पर अड्डा बनाकर नशा करते थे और फिर वारदातों को अंजाम देते थे।
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कड़ी धाराएं: पुलिस ने इन आरोपियों पर जानलेवा हमला करने और अवैध हथियार रखने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
सुरक्षा की बड़ी चुनौती
सरबजीत सिंह पर हुए इस हमले के खुलासे ने गोलमुरी वासियों को थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन ताला कटर जैसे औजारों का मिलना यह संकेत है कि शहर में रात की गश्त और तेज करने की जरूरत है।
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