Medininagar Blast: मेदिनीनगर के बैरिया चौक पर अवैध गैस गोदाम में धमाका, 4 कर्मचारी झुलसे
मेदिनीनगर के व्यस्त बैरिया चौक पर अवैध रूप से संचालित गैस सिलेंडर स्टॉक पॉइंट में भीषण विस्फोट हुआ है। उत्कर्ष बैंक की बिल्डिंग में लगी इस आग ने 4 कर्मचारियों को गंभीर रूप से झुलसा दिया। घनी आबादी के बीच चल रहे इस मौत के खेल और पुलिसिया कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 16 मार्च 2026 – पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक बैरिया चौक रविवार दोपहर दहल उठा। यहाँ स्थित उत्कर्ष फाइनेंशियल बैंक की इमारत के निचले हिस्से में अचानक एक के बाद एक गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां थरथरा उठीं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। इस खौफनाक मंजर में चार कर्मचारी आग की लपटों में घिरकर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जांच में पता चला है कि बैंक जैसी संवेदनशील जगह के ठीक नीचे गैस एजेंसी का एक 'अवैध' स्टॉक पॉइंट चल रहा था, जो कभी भी पूरे मोहल्ले को श्मशान बना सकता था।
धमाकों से गूंजा बैरिया चौक: जब मौत के साये में भागे लोग
रविवार की दोपहर जब बाजार में चहल-पहल थी, तभी अचानक हुए विस्फोट ने सबको स्तब्ध कर दिया।
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भीषण विस्फोट: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे कोई बम फटा हो। आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया और ऊपर स्थित बैंक की बिल्डिंग की ओर बढ़ने लगी।
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कर्मचारियों का संघर्ष: घटना के वक्त वहां छह कर्मचारी मौजूद थे। चार कर्मचारी आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया। वहीं दो अन्य ने भागकर अपनी जान बचाई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलते हुए सिलेंडरों के बीच आग पर काबू पाया और इसे रिहायशी इलाके में फैलने से रोका।
अवैध भंडारण का खुलासा: नियम ताक पर, खतरे में जान
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
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गैरकानूनी स्टॉक: संबंधित गैस एजेंसी का आधिकारिक गोदाम विश्रामपुर के कुटमु इलाके में है। इसके बावजूद शहर के बीचों-बीच घनी आबादी में अवैध रूप से सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा था।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी: बैंक जैसी सार्वजनिक इमारत में इस तरह का विस्फोटक भंडारण बिना किसी 'फायर एनओसी' के किया जा रहा था।
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बड़ा हादसा टला: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह संडे (रविवार) था, इसलिए बैंक बंद था। अगर यह वर्किंग डे होता, तो बैंक के कर्मचारी और ग्राहक इस मौत के जाल में फंस सकते थे।
मेदिनीनगर का औद्योगिक विकास और 'अवैध' गोदामों का जाल
मेदिनीनगर (पुराना नाम डालटनगंज) ऐतिहासिक रूप से पलामू प्रमंडल का मुख्य व्यापारिक केंद्र रहा है।
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विरासत और विस्तार: कोयल नदी के किनारे बसे इस शहर ने पिछले तीन दशकों में बेतहाशा विस्तार किया है। पुराने समय में व्यावसायिक प्रतिष्ठान रिहायशी इलाकों से दूर होते थे, लेकिन बढ़ते शहरीकरण ने 'मिक्स लैंड यूज़' को बढ़ावा दिया, जहाँ रिहायशी मकानों के नीचे कमर्शियल गोदाम बन गए।
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अतीत की घटनाएं: पलामू के इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब किसी अवैध गोदाम ने तबाही मचाई हो। 2019 में भी शहर के एक घनी आबादी वाले इलाके में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। प्रशासन द्वारा बार-बार दी जाने वाली चेतावनियों के बावजूद, 'बैरिया चौक' जैसे वीआईपी इलाकों में मुनाफे के लिए सुरक्षा से खिलवाड़ करने का इतिहास पुराना है। आज का सिलेंडर ब्लास्ट उसी ऐतिहासिक लापरवाही की एक और कड़ी है, जिसने मेदिनीनगर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रशासन की सख्ती: अब होगी जेल और सीलिंग
पलामू पुलिस और जिला प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है।
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एफआईआर दर्ज: पुलिस ने गैस एजेंसी मालिक के खिलाफ अवैध भंडारण और लापरवाही से जान जोखिम में डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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पूरे शहर में जांच: प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शहर के भीतर चल रहे सभी अवैध स्टॉक पॉइंट्स को चिन्हित कर तुरंत सील किया जाए। घायलों का इलाज जारी है, लेकिन उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
बैरिया चौक का यह सिलेंडर ब्लास्ट मेदिनीनगर के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है। बैंक के नीचे गैस का अवैध गोदाम चलना प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे मौत के व्यापार को दर्शाता है। आज तो केवल चार लोग झुलसे हैं, लेकिन अगर समय रहते इन अवैध गोदामों को शहर से बाहर नहीं निकाला गया, तो अगली बार पूरा शहर इस आग की भेंट चढ़ सकता है।
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