BJP Leader Demise :जमशेदपुर के दिग्गज भाजपा नेता व शिक्षाविद् महेश चंद्र शर्मा का निधन, शहर में शोक की लहर
जमशेदपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता, RSS से जुड़े शिक्षाविद् और पन्ना गुरुजी स्कूल के संचालक महेश चंद्र शर्मा का निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक।
जमशेदपुर। शहर ने शनिवार की रात एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया, जिन्होंने राजनीति, शिक्षा और सामाजिक जीवन—तीनों क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। जमशेदपुर के वरीय भाजपा नेता, जमशेदपुर मारवाड़ी ब्राह्मण संघ के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद् महेश चंद्र शर्मा का लंबी बीमारी के बाद शनिवार रात करीब 2 बजे निधन हो गया। उन्होंने जुगसलाई स्थित ब्रांच रामटेकरी रोड स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर फैलते ही मारवाड़ी समाज, भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उनके शिष्यों में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक जगत में इसे अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
RSS से भाजपा तक का वैचारिक सफर
महेश चंद्र शर्मा बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे। जनसंघ काल से ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव को मजबूत करने में योगदान दिया। वे पूर्वी सिंहभूम भाजपा जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे और संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त करने में अहम भूमिका निभाई।
उनका संपर्क राज्य से लेकर केंद्रीय स्तर तक के भाजपा नेताओं से रहा। संगठनात्मक क्षमता और रणनीतिक समझ के कारण उन्हें जिले के कई प्रमुख नेताओं के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंपी जाती रही।
राष्ट्रीय नेताओं से रहा सीधा संवाद
महेश चंद्र शर्मा का कद केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं था।
वे जमशेदपुर के पूर्व सांसद, महाभारत सीरियल में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई नेताओं के साथ चुनावी और संगठनात्मक भूमिकाओं में सक्रिय रहे।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं दिल्ली से उन्हें फोन कर पार्टी संगठन को मजबूती देने का आग्रह किया था। यह घटना उनके राजनीतिक प्रभाव और विश्वसनीयता को दर्शाती है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी अमिट योगदान
राजनीति के साथ-साथ महेश चंद्र शर्मा का योगदान शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय पन्नालाल शर्मा द्वारा स्थापित पन्ना गुरुजी स्कूल, जुगसलाई का लगभग पचास वर्षों तक सफल संचालन किया।
उनके कुशल नेतृत्व में यह विद्यालय न केवल शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ा, बल्कि जुगसलाई और आसपास के क्षेत्रों के हजारों छात्रों के जीवन को दिशा देने वाला संस्थान बना। वे सही मायनों में एक बड़े वर्ग के “शिक्षा गुरु” माने जाते थे।
शोक में डूबा शहर, परिवार को संवेदनाएं
महेश चंद्र शर्मा अपने पीछे दो बेटे, पोते-पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर भाजपा नेताओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
उनका जीवन अनुशासन, विचारधारा, सेवा और शिक्षा का संगम था। जमशेदपुर उन्हें एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में याद रखेगा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज और संगठन की सेवा की।
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