Latehar Wild Attack: महुआ चुनने गई दो महिलाओं पर भैंसों के झुंड ने किया हमला, मौके पर ही तोड़ा दम

लातेहार के मोरवाई जंगल में जंगली भैंसों के हमले से महुआ चुन रही दो महिलाओं की मौत, वन विभाग ने परिजनों को दिया 50-50 हजार। जानिए पूरा मामला।

Apr 21, 2026 - 17:21
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Latehar Wild Attack: महुआ चुनने गई दो महिलाओं पर भैंसों के झुंड ने किया हमला, मौके पर ही तोड़ा दम
Latehar Wild Attack: महुआ चुनने गई दो महिलाओं पर भैंसों के झुंड ने किया हमला, मौके पर ही तोड़ा दम

लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। छिपादोहर वन क्षेत्र के मोरवाई जंगल में जंगली भैंसों के झुंड ने महुआ चुन रही दो महिलाओं पर हमला कर दिया। हमले में दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सिलमानिया देवी (65) और शांति कुँवर (50) के रूप में हुई है, जो मोरवाई गांव की निवासी थीं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

कैसे हुआ हमला?

जानकारी के अनुसार, सोमवार को दोनों महिलाएं अन्य ग्रामीण महिलाओं के साथ रोजमर्रा की तरह महुआ संग्रह के लिए जंगल में गई थीं। महुआ के पेड़ों के नीचे गिरे फूलों को बटोरते समय अचानक वहां जंगली भैंसों का झुंड आ पहुंचा। भैंसों ने अचानक महिलाओं पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए महिलाएं इधर-उधर भागने लगीं, लेकिन सिलमानिया देवी और शांति कुँवर भैंसों की चपेट में आ गईं।

भैंसों ने पटक-पटक कर मार डाला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली भैंसों ने दोनों महिलाओं को पटक-पटक कर मार डाला। हमला इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अन्य महिलाएं किसी तरह अपनी जान बचाकर जंगल से बाहर निकलीं और गांव लौट आईं। उन्होंने गांव वालों को पूरी घटना की जानकारी दी।

देर रात तक नहीं लौटीं, सुबह मिला शव

घटना के बाद जब दोनों महिलाएं देर शाम तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने रात में ही उनकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण कोई सफलता नहीं मिली। मंगलवार सुबह जब दोबारा ग्रामीण जंगल में पहुंचे, तो दोनों महिलाओं के शव बरामद हुए। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्टर रजनीश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वन विभाग ने तत्काल राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। शेष मुआवजा राशि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।

ग्रामीणों में दहशत

इस घटना के बाद मोरवाई गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे जंगल में जाने से डर रहे हैं। महुआ चुनना और जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करना उनकी आजीविका का हिस्सा है, लेकिन अब जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से जंगली जानवरों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

वन विभाग ने जारी की चेतावनी

इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घने जंगलों में अकेले या समूह में जाने से बचें, विशेषकर ऐसे क्षेत्रों में जहां जंगली जानवरों की गतिविधि अधिक हो। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा है।

सरकार से मुआवजे की मांग

परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि 50 हजार रुपये बहुत कम है। मृतक महिलाओं के परिवार की आजीविका छीन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर अधिक मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।

लातेहार के मोरवाई जंगल में महुआ चुनने गई दो महिलाओं की जंगली भैंसों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। क्या हमारे वन विभाग की नीतियां ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि प्रशासन इस ओर ध्यान दे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।