Jojobera Bhoomi Poojan : 15 फीट काली पूजा पंडाल का भूमि पूजन! चिंटू सिंह और गीता देवी ने मंत्रोच्चार के बीच रखी नींव, युवाओं में बढ़ा उत्साह
जमशेदपुर के जोजोबेरा में सनातन उत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाले 15 फीट ऊँचे भव्य काली पूजा पंडाल का भूमि पूजन आज मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। इसमें संस्थापक चिंटू सिंह, अध्यक्ष गीता देवी समेत समिति के युवा सदस्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र जोजोबेरा में आज भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। आगामी काली पूजा के लिए क्षेत्र के सबसे भव्य माने जा रहे 15 फीट ऊँचे पूजा पंडाल का भूमि पूजन धार्मिक रीति-रिवाजों और पंडित जी के मंत्रों के शक्तिशाली उच्चारण के साथ संपन्न हुआ। यह शुभ कार्य सनातन उत्सव समिति द्वारा किया गया, जिसने पिछले कई वर्षों से जोजोबेरा में उत्सवों की शान को बनाए रखा है।
भूमि पूजन के साथ ही जोजोबेरा में आगामी पूजा की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु उत्साह से भर उठे हैं, क्योंकि यह पंडाल न केवल पूजा का केंद्र होता है, बल्कि सामुदायिक एकता का भी प्रतीक है।
मंत्रों की शक्ति: भव्य पंडाल की नींव
जोजोबेरा में होने वाला काली पूजा पंडाल हर साल अपनी भव्यता और अनोखी थीम के लिए चर्चा में रहता है। 15 फीट की ऊँचाई वाला यह पंडाल इस बार भी कला और वास्तुकला का बेहतरीन नमूना होने की संभावना है।
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मुख्य अतिथि: भूमि पूजन समारोह में सनातन उत्सव समिति के संस्थापक चिंटू सिंह जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पंडाल के लिए शुभ मुहूर्त पर पहली ईंट रखी।
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समिति की उपस्थिति: समिति की अध्यक्ष गीता देवी, सचिव ममता देवी, और कोषाध्यक्ष जसबीर कौर ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हुए पूजा में हिस्सा लिया।
पंडित जी ने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न कराया, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया।
युवा ऊर्जा का समावेश: समिति की नई पहचान
सनातन उत्सव समिति की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा सदस्य हैं। इस भूमि पूजन में भी युवाओं की उत्साहजनक उपस्थिति ने समिति की गतिविधियों में नई ऊर्जा भर दी।
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सक्रिय सदस्य: सौरव कुमार, मलिक, रोहित, दीपक जैसे सक्रिय युवा सदस्य मौजूद थे, जो पंडाल के निर्माण से लेकर व्यवस्थापन तक की पूरी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं।
संस्थापक चिंटू सिंह ने समिति की महिला पदाधिकारियों और युवा सदस्यों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी उत्सव को भव्यता देने के लिए पुरानी पीढ़ी का अनुभव और नई पीढ़ी का जोश मिलना अत्यंत आवश्यक है।
जोजोबेरा का यह पंडाल अब तेजी से बनना शुरू होगा और कुछ ही हफ्तों में यह अद्भुत संरचना तैयार हो जाएगी, जो आगामी काली पूजा को विशेष बना देगी। स्थानीय लोगों की निगाहें अब पंडाल के अंतिम स्वरूप पर टिकी हुई हैं।
आपकी राय में, जोजोबेरा के इस 15 फीट ऊँचे पंडाल को सबसे ज़्यादा आकर्षक बनाने के लिए पारंपरिक विषय-वस्तु (जैसे मंदिर) के बजाय कौन सी नई और समकालीन थीम अपनाई जानी चाहिए?
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