Jharkhand Weather: झारखंड में पारा 40 डिग्री के पार, 4 जिलों में लू का रेड अलर्ट, भीषण गर्मी से कांपने लगे लोग
झारखंड में भीषण गर्मी और लू का कहर शुरू हो गया है। जमशेदपुर और पलामू में पारा 39°C के पार पहुँचने और अगले 3 दिनों तक मौसम शुष्क रहने की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 13 अप्रैल 2026 – झारखंड में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान पूरी तरह साफ और शुष्क रहने वाला है, जिससे सूर्य की किरणें सीधे धरातल पर प्रहार करेंगी। विशेष रूप से पलामू और कोल्हान प्रमंडल में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है और गर्मी का यह सितम अभी और बढ़ेगा।
हीटवेव का तांडव: इन 4 जिलों में रहना होगा सावधान
झारखंड के दक्षिणी जिलों में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है।
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पलामू और गढ़वा: इन जिलों में पारा 39°C को छू रहा है। गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना दूभर कर दिया है।
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जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम): औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में कंक्रीट के स्ट्रक्चर और वाहनों के धुएं की वजह से 'हीट आइलैंड' जैसी स्थिति बन गई है। यहाँ रातें भी अब गर्म होने लगी हैं।
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चतरा: पश्चिमी हवाओं के असर से चतरा में भी झुलसाने वाली गर्मी दर्ज की जा रही है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।
मध्य और उत्तरी झारखंड: बढ़ती धूप ने छीना चैन
रांची और हजारीबाग जैसे इलाकों में, जो अपनी ठंडी जलवायु के लिए जाने जाते थे, वहां भी अब गर्मी का असर साफ दिख रहा है।
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सीधी धूप का प्रहार: आसमान में बादलों का नामोनिशान नहीं होने से सोलर रेडिएशन का स्तर बढ़ गया है। दिन के समय तापमान में अचानक 3 से 4 डिग्री की उछाल देखी जा रही है।
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पठारी इलाकों का हाल: रांची, लोहरदगा और गुमला जैसे ऊंचे पठारी इलाकों में दिन में तेज धूप जरूर है, लेकिन रात का तापमान अभी भी 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो थोड़ी राहत प्रदान कर रहा है।
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अगले 72 घंटे: मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, अगले 72 घंटों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे हवा में नमी कम होगी और शुष्कता बढ़ेगी।
'हिल स्टेशन' से 'हॉट चेंबर' तक का सफर
झारखंड के मौसम का इतिहास पिछले दो दशकों में काफी तेजी से बदला है।
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रांची का पुराना दौर: ऐतिहासिक रूप से रांची को 'बिहार की समर कैपिटल' (Summer Capital) कहा जाता था। 1980 के दशक तक रांची में गर्मियों में भी पंखों की जरूरत कम ही पड़ती थी, लेकिन बढ़ते शहरीकरण और जंगलों की कटाई ने यहाँ का तापमान 40°C के पार पहुँचा दिया है।
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कोल्हान की तपिश: जमशेदपुर और चाईबासा का क्षेत्र हमेशा से ही खदानों और उद्योगों के कारण गर्म रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में अप्रैल के महीने में ही पारा 42°C तक पहुँचने की घटनाएं बढ़ी हैं।
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एल-नीनो का असर: मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले कुछ सालों में वैश्विक जलवायु परिवर्तन और एल-नीनो (El-Nino) के प्रभाव के कारण झारखंड में मानसून से पहले की बारिश (Pre-Monsoon Rain) कम हुई है, जिससे गर्मी का मौसम लंबा और अधिक कष्टदायक हो गया है।
अगली चेतावनी: लू से बचने के लिए क्या करें?
प्रशासन ने लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
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हाइड्रेशन पर जोर: दिन के समय नींबू पानी, ओआरएस (ORS) और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी गई है।
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बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल: तेज धूप में बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकालने से बचने को कहा गया है, क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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पशु-पक्षियों के लिए पानी: गर्मी के इस भीषण दौर में बेजुबान पक्षियों और जानवरों के लिए छतों और छायादार स्थानों पर पानी रखने की अपील की गई है।
झारखंड में गर्मी का यह रूप केवल एक शुरुआत है। 39 डिग्री का यह आंकड़ा आने वाले हफ्तों में और भी डरावना हो सकता है। पलामू से लेकर जमशेदपुर तक, लू की लहरें अब जीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा रही हैं। पठारी इलाकों की रातें फिलहाल राहत दे रही हैं, लेकिन दिन की चिलचिलाती धूप ने चेतावनी दे दी है कि आने वाला समय और भी तपिश भरा होगा। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों को देखते हुए यह साफ है कि फिलहाल इंद्रदेव की कृपा बरसने वाली नहीं है। ऐसे में सावधानी ही एकमात्र बचाव है।
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