Jharkhand Weather: तीखे तेवर, झारखंड में ठंड का जानलेवा प्रहार, गुमला में पारा 2.4 डिग्री, 31 दिसंबर को कोहरे और शीतलहर का डबल अटैक
झारखंड में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुमला और लोहरदगा में रिकॉर्ड गिरावट के बीच मौसम विभाग ने नए साल के जश्न और पिकनिक के लिए जो राहत भरी भविष्यवाणी की है, उसकी पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी मौसम की इस बड़ी करवट से अनजान रह जाएंगे।
रांची/जमशेदपुर, 30 दिसंबर 2025 – झारखंड में साल के आखिरी दिनों में कुदरत ने अपना सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सुबह होते ही पूरा राज्य सफेद कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। सूरज और बादलों की लुकाछिपी के बीच कनकनी इतनी बढ़ गई कि दिन में भी लोग अलाव के सहारे नजर आए। राज्य के कई जिलों में पारा गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सबसे बुरा हाल गुमला का रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 2.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। वहीं, लौहनगरी जमशेदपुर में भी विजिबिलिटी घटकर मात्र 500 मीटर रह गई, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई।
ठंड का टॉर्चर: कोहरे में डूबे शहर
मंगलवार को अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में घने बादल छा गए।
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तापमान में गिरावट: अधिकतम तापमान में 2.4 डिग्री की कमी दर्ज की गई, जिससे दिन भर लोग ठिठुरते रहे।
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जमशेदपुर का हाल: शहर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। घने कोहरे के कारण सुबह 10 बजे तक हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े।
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विजिबिलिटी का संकट: डाल्टेनगंज में सबसे कम 300 मीटर की विजिबिलिटी रही, जबकि देवघर में 650 मीटर दर्ज की गई।
31 दिसंबर: इन जिलों के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट
पिकनिक और न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अगले 24 घंटे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि:
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घना कोहरा: गुमला, पलामू, चतरा, हजारीबाग, देवघर और साहेबगंज समेत कई जिलों में साल के आखिरी दिन सुबह 'जीरो विजिबिलिटी' जैसी स्थिति रह सकती है।
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शीतलहर का कहर: रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला जिले पूरी तरह शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में रहेंगे। शाम ढलते ही कनकनी और बढ़ने की संभावना है।
झारखंड तापमान मीटर: आज की स्थिति (Temperature Chart)
| जिला | न्यूनतम तापमान (°C) | स्थिति |
| गुमला | 2.4 | सबसे ठंडा |
| लोहरदगा | 4.6 | शीतलहर |
| पलामू/डाल्टेनगंज | 5.0 | घना कोहरा |
| रांची | 5.4 | ठिठुरन |
| जमशेदपुर | 8.6 | बादल और कोहरा |
| चाईबासा | 9.2 | ठंडी हवाएं |
इतिहास और भूगोल: झारखंड की 'हाड़ कंपाने वाली' सर्दियाँ
झारखंड का छोटानागपुर पठार ऐतिहासिक रूप से अपनी कठोर सर्दियों के लिए जाना जाता है। 1960 और 70 के दशक के रिकॉर्ड बताते हैं कि रांची और नेतरहाट जैसे इलाकों में पारा शून्य के करीब पहुँच जाता था। हालांकि, शहरीकरण के कारण अब शहरों में तापमान थोड़ा बढ़ा है, लेकिन गुमला और लातेहार जैसे वन क्षेत्रों में आज भी वैसी ही पुरानी कनकनी महसूस की जाती है। इस बार का पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ठीक नए साल के समय सक्रिय हुआ है, जिसने पिछले 5 साल के 'दिसंबर अंत' के रिकॉर्ड को चुनौती दे दी है।
गुड न्यूज़: पिकनिक पर नहीं पड़ेगा पानी!
अगर आप नए साल (1 जनवरी 2026) पर बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग ने आपके लिए एक सुखद खबर दी है।
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मिलेगी राहत: बुधवार से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी।
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खिलेगी धूप: 1 जनवरी को सुबह कोहरा जरूर रहेगा, लेकिन दोपहर में अच्छी धूप खिलने के आसार हैं। इससे पिकनिक मनाने वालों का मजा दोगुना हो जाएगा।
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रात में कनकनी कम: बादलों के छाने से रात के तापमान में मामूली वृद्धि होगी, जिससे रात की चुभने वाली कनकनी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
सावधानी: प्रशासन की सलाह
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है, क्योंकि गिरता पारा और कोहरा श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
संभल कर करें स्वागत
साल 2025 की विदाई झारखंड में बर्फीली हवाओं और कोहरे के साये में हो रही है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी संकेत दे रही है कि 31 दिसंबर की रात आपको भारी जैकेट और मफलर की जरूरत पड़ेगी, लेकिन 1 जनवरी की गुनगुनी धूप आपके नए साल को खुशनुमा बना देगी।
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