Jharkhand Weather Twist: मौसम का मिजाज बदला! झारखंड में वज्रपात और बारिश का अलर्ट, गुलाबी ठंड देगी दस्तक, सामान्य से दोगुनी वर्षा क्यों?

झारखंड में मौसम फिर करवट ले रहा है। संथाल परगना और बांग्लादेश के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम सहित कई जिलों में गुरुवार को बारिश और वज्रपात की संभावना है। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं से तापमान गिरेगा, और ठंड बढ़ेगी।

Oct 9, 2025 - 13:39
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Jharkhand Weather Twist: मौसम का मिजाज बदला! झारखंड में वज्रपात और बारिश का अलर्ट, गुलाबी ठंड देगी दस्तक, सामान्य से दोगुनी वर्षा क्यों?
Jharkhand Weather Twist: मौसम का मिजाज बदला! झारखंड में वज्रपात और बारिश का अलर्ट, गुलाबी ठंड देगी दस्तक, सामान्य से दोगुनी वर्षा क्यों?

झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है, जिसने राज्य के निवासियों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, आज गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है। यह मौसमी उलटफेर केवल बारिश तक सीमित नहीं है; उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी, और जल्द ही गुलाबी ठंड का असर तेज़ हो सकता है।

यह अप्रत्याशित बारिश क्यों हो रही है, जब सामान्यतः मानसून विदाई ले चुका होता है? इसके पीछे बंगाल की खाड़ी और संथाल परगना के ऊपर बने दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन: बारिश का नया कारण

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, झारखंड में बारिश और वज्रपात की संभावना निम्न कारणों से उत्पन्न हुई है:

  • संथाल परगना में सक्रियता: संथाल परगना और आसपास के क्षेत्रों में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है।

  • बांग्लादेश का असर: इसके अलावा, बांग्लादेश के दक्षिणी भाग में भी एक साइक्लोनिक सिस्टम बना हुआ है।

इन दोनों सिस्टमों के कारण बंगाल की खाड़ी से काफी मात्रा में आर्द्र हवाएं झारखंड की ओर बढ़ रही हैं, जिसके प्रभाव से रांची, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जैसे जिलों में आज बारिश हो सकती है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए, किसानों और आम लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अक्टूबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश: दोगुना आंकड़ा

इस बार अक्टूबर के पहले सप्ताह में झारखंड में हुई बारिश के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जो जलवायु परिवर्तन के बदलते पैटर्न को दर्शाते हैं।

  • सामान्य से 99% अधिक: अक्टूबर के पहले सप्ताह में राज्य में 66.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 99% अधिक है।

  • रांची में रिकॉर्ड: राजधानी रांची में आमतौर पर 1 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक 33.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक पहुँच गया है।

बीते 24 घंटे में धनबाद के गोविंदपुर में सबसे अधिक 37.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पाकुड़ में सबसे अधिक तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे कम तापमान रहा।

हवा का रुख बदला: अब बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर से झारखंड में मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा

  • उत्तरी-पश्चिमी हवाएं: अब राज्य में उत्तरी-पश्चिमी हवाएं सक्रिय होंगी, जो अपने साथ ठंडक लाएंगी

  • तापमान में गिरावट: इसके कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट आएगी। ठंडी हवाओं के प्रभाव से ठंड का एहसास बढ़ेगा, और गुलाबी ठंड पूरी तरह दस्तक दे देगी।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को इस अप्रत्याशित बारिश से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें।

आपकी राय में, झारखंड में अक्टूबर में होने वाली यह असामान्य बारिश किसानों के लिए रबी की फसल पर सकारात्मक या नकारात्मक कैसा असर डालेगी?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।