Jharkhand Jewellery Shops New Security Rule : नया फरमान, झारखंड की ज्वैलरी दुकानों में बिना चेहरा दिखाए एंट्री बंद, हिजाब-बुर्का और घूंघट पर सख्ती
झारखंड की आभूषण दुकानों में अब बिना चेहरा दिखाए प्रवेश करना नामुमकिन होगा। चोरी और लूट की वारदातों को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाए गए इस नए 'बिहार मॉडल' और सीसीटीवी की पैनी नजर के पीछे छिपे सुरक्षा कारणों की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अगली खरीदारी पर इस नियम के चलते मुश्किल में पड़ सकते हैं।
रांची, 8 जनवरी 2026 – झारखंड के आभूषण बाजारों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेने जा रही है। बढ़ती लूट और डकैती की वारदातों पर लगाम लगाने के लिए अब ज्वैलरी शोरूम में प्रवेश के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है। प्रस्तावित नए नियम के तहत, अब किसी भी ग्राहक को हिजाब, बुर्का, घूंघट या मास्क पहनकर दुकान के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। शोरूम में कदम रखने से पहले ग्राहकों को अपना चेहरा पूरी तरह से दिखाना अनिवार्य होगा। यह कदम न केवल अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, बल्कि सीसीटीवी सर्विलांस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
चेहरा दिखाना अनिवार्य: क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?
हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में ज्वैलरी दुकानों को निशाना बनाने वाले गिरोहों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी।
-
अपराधियों का ढाल: पुलिस जांच में पाया गया कि कई बड़ी लूट की घटनाओं में अपराधी चेहरा ढककर या महिलाओं के वेश में बुर्का/घूंघट का सहारा लेकर दुकानों में घुसे, जिससे सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद उनकी पहचान असंभव हो गई।
-
सीसीटीवी की विफलता: जब अपराधी का चेहरा ही नजर नहीं आता, तो आधुनिक फेस-रिकग्निशन तकनीक भी फेल हो जाती है। नया नियम इस 'लूपहोल' को हमेशा के लिए बंद कर देगा।
-
सुरक्षा का नया घेरा: अब हर शोरूम के गेट पर सुरक्षाकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्राहक का चेहरा साफ दिख रहा हो, तभी उसे अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।
बिहार मॉडल की तर्ज पर झारखंड में तैयारी
झारखंड सरकार इस नियम को लागू करने के लिए पड़ोसी राज्य बिहार के सफल प्रयोग को आधार बना रही है।
-
सकारात्मक परिणाम: बिहार में इस नियम के लागू होने के बाद आभूषण दुकानों में होने वाली आपराधिक घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
-
व्यापारियों का समर्थन: झारखंड के आभूषण कारोबारियों ने इस पहल का पुरजोर स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे दुकानों के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों और खरीदारी करने आए आम ग्राहकों में सुरक्षा का भाव जागेगा।
-
नोटिस बोर्ड का पहरा: नियम लागू होते ही सभी दुकानों के बाहर बड़े अक्षरों में यह सूचना अनिवार्य रूप से लगानी होगी, ताकि ग्राहकों को पहले से जानकारी रहे।
झारखंड ज्वैलरी शॉप: सुरक्षा के नए मानक (New Security Standards)
| नियम (New Rule) | विवरण (Details) |
| प्रतिबंधित वस्तुएं | मास्क, हिजाब, बुर्का, बड़ा चश्मा और लंबा घूंघट |
| अनिवार्य शर्त | प्रवेश के समय सीसीटीवी के सामने चेहरा दिखाना |
| उद्देश्य | चोरी और लूट की वारदातों पर 100% लगाम |
| मॉडल | बिहार राज्य की सुरक्षा नियमावली पर आधारित |
| प्रभावी क्षेत्र | पूरे झारखंड के सभी छोटे-बड़े आभूषण केंद्र |
इतिहास और अपराध: पहचान छुपाने की कला और पुलिस की चुनौती
झारखंड, विशेष रूप से रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहर दशकों से आभूषण डकैती के हाई-प्रोफाइल मामलों के गवाह रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से देखें तो 2010 के दशक में 'हेलमेट गैंग' का खौफ था, जो हेलमेट पहनकर लूट को अंजाम देते थे। उसके बाद अपराधियों ने धार्मिक और सामाजिक पहनावे (बुर्का और घूंघट) का गलत फायदा उठाना शुरू किया ताकि भीड़भाड़ वाले बाजारों में वे आसानी से ओझल हो सकें। 2023-24 में रांची के अपर बाजार और स्वर्णरेखा क्षेत्र में हुई वारदातों ने यह साबित कर दिया कि चेहरा ढकना अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है। अब 2026 में सरकार का यह नया कानून उसी पुराने आपराधिक इतिहास को बदलने की एक ठोस कोशिश है।
विवाद और संवेदनशीलता: प्रशासन का रुख साफ
नया नियम आने के साथ ही कुछ सामाजिक और धार्मिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं, लेकिन प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
-
सुरक्षा सर्वोपरि: गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम किसी धर्म या परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल 'सुरक्षा' के लिए है।
-
महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती: दुकानों को सुझाव दिया जा रहा है कि वे गेट पर महिला सुरक्षाकर्मी रखें ताकि महिला ग्राहकों को अपना चेहरा दिखाने में असहज महसूस न हो।
-
जागरूकता अभियान: नियम को अचानक थोपने के बजाय पहले व्यापारियों के जरिए ग्राहकों को जागरूक किया जाएगा, ताकि दुकानों पर किसी प्रकार का विवाद न खड़ा हो।
अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव
झारखंड सरकार की यह पहल आभूषण व्यापारियों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगी। जब अपराधियों को पता होगा कि उनका चेहरा हाई-डेफिनिशन कैमरों में दर्ज होना तय है, तो वे ऐसी हिमाकत करने से पहले सौ बार सोचेंगे। जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
What's Your Reaction?


