Jharkhand Health Advisory: लू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन, मुफ्त में मिलेगा ORS
झारखंड में लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ एडवाइजरी जारी, ओआरएस मुफ्त में उपलब्ध। जानिए लू से बचाव के आसान उपाय।
रांची: झारखंड में पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तहत एक हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को गर्म हवाओं और तेज धूप से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बताई गई हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में ओआरएस के पैकेट मुफ्त में उपलब्ध कराए गए हैं।
लू के हैं ये गंभीर लक्षण
जारी एडवाइजरी के अनुसार, लू और अत्यधिक गर्म हवाओं का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। लू लगने पर शरीर में पानी की कमी, उल्टी, तेज बुखार (104 डिग्री फारेनहाइट तक), कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं भी हो सकती हैं। विभाग ने साफ किया है कि अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और मरीज को अस्पताल ले जाएं।
दोपहर में बेवजह न निकलें घर से बाहर
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बेवजह घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यह वह समय होता है जब लू और तेज धूप का प्रकोप सबसे अधिक होता है। अगर जरूरी काम से बाहर निकलना भी पड़े, तो सिर को कपड़े, टोपी, छाता या गमछे से ढककर निकलें। शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। धूप का चश्मा भी जरूर इस्तेमाल करें।
गर्मी से बचने के लिए करें इन चीजों का सेवन
विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। भले ही प्यास न लगे, फिर भी हर 20-30 मिनट पर पानी पीते रहें। इसके अलावा नमक-चीनी का घोल, ओआरएस, नींबू पानी, आम का शरबत और लस्सी का सेवन करने को कहा गया है। तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों और सब्जियों के सेवन पर भी जोर दिया गया है। ये शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं और ठंडक पहुंचाते हैं।
ऐसे बनाएं ORS घोल, मुफ्त में मिलेगा पैकेट
एडवाइजरी में ओआरएस घोल बनाने का तरीका भी बताया गया है। एक लीटर साफ पानी में ओआरएस का पूरा पैकेट घोलकर थोड़े-थोड़े अंतराल पर पीने की सलाह दी गई है। तैयार घोल का उपयोग 24 घंटे के भीतर कर लेना चाहिए। विभाग ने बताया कि ओआरएस के पैकेट सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों और आशा सहियाओं के पास नि:शुल्क उपलब्ध हैं। कोई भी व्यक्ति वहां से मुफ्त में ओआरएस ले सकता है। अगर पैकेट न मिले तो एक लीटर पानी में छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक घोलकर भी पी सकते हैं।
लू लगने पर तुरंत करें ये काम
स्वास्थ्य विभाग ने लू लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के तरीके भी बताए हैं:
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मरीज को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर लिटाएं।
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तंग कपड़ों को ढीला करें।
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ठंडे गीले कपड़े से शरीर को पोछें या ठंडे पानी से नहलाएं।
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मरीज को पानी या ओआरएस पिलाएं।
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अगर एक घंटे तक स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का रखें विशेष ध्यान
विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ये लोग लू की चपेट में जल्दी आ जाते हैं और इन पर गर्मी का प्रभाव अधिक गंभीर होता है। उन्हें बार-बार पानी पिलाएं और दोपहर के समय उन्हें घर से बाहर न भेजें। अगर वे बाहर जाएं तो उनके लिए पानी, टोपी और छाते की व्यवस्था जरूर करें।
104 हेल्पलाइन पर करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या शिकायत के लिए राज्य हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करें। यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध है। यहां से लू के लक्षण, बचाव के उपाय और नजदीकी अस्पताल के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
अभियान चलाकर किया जा रहा जागरूक
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आशा सहियाओं को गर्मी से बचाव के उपायों की ट्रेनिंग दी गई है। वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में ओआरएस और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
झारखंड में बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। क्या आप भी इस लू से बचने के लिए तैयार हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने परिवार और दोस्तों को भी बचाव के उपाय बताइए। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर कोई लू से बच सके।
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