Jharkhand Relief: किसानों के लिए खुशखबरी! अब मिलेगा सीधा मुआवजा
झारखंड सरकार की फसल राहत योजना किसानों के लिए बड़ा सहारा बनी है। बाढ़, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान हुआ तो सरकार सीधे 4,000 रुपये प्रति एकड़ तक की राहत राशि देगी। जानिए कैसे मिलेगा लाभ!

झारखंड के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सीधे पैसा देगी—वो भी बिना किसी प्रीमियम के! झारखंड सरकार ने "फसल राहत योजना" के तहत किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता देने का फैसला किया है। यह बीमा योजना नहीं बल्कि सीधी राहत योजना है, जिसमें किसानों को कोई पैसा जमा नहीं करना होगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन जैसी आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। यह स्कीम झारखंड के किसानों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए एक मजबूत कवच साबित हो सकती है।
इतिहास में पहली बार ऐसी योजना!
भारत में किसानों के लिए कई सरकारी योजनाएं आईं, लेकिन अधिकतर में बीमा प्रीमियम भरना जरूरी होता था। हालांकि, झारखंड की इस स्कीम में किसानों को एक भी रुपया नहीं देना होगा, फिर भी उन्हें फसल नुकसान पर सीधा मुआवजा मिलेगा। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद करेगी।
कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
इस योजना में झारखंड की प्रमुख खरीफ और रबी फसलें शामिल हैं, जैसे:
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खरीफ फसलें: धान, मक्का
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रबी फसलें: गेहूं, सरसों, चना, आलू
यह स्कीम भूमि मालिकों और किराए पर खेती करने वाले किसानों (बटाईदारों) दोनों के लिए लागू होगी।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
अगर आप झारखंड के स्थायी किसान हैं और आपके पास 5 एकड़ या उससे कम कृषि भूमि है, तो आप इस योजना के तहत मुआवजा पाने के पात्र हैं।
योजना के लिए पात्रता:
किसान की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
आधार कार्ड और भूमि के वैध दस्तावेज (एलपीसी/भूमि रसीद) जरूरी।
कम से कम 20% फसल नुकसान होने पर ही सहायता मिलेगी।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
सरकार ने नुकसान की गंभीरता के आधार पर मुआवजा तय किया है:
30-50% फसल नुकसान पर: 3,000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़ तक)
50% से ज्यादा नुकसान पर: 4,000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़ तक)
किस नुकसान पर नहीं मिलेगा मुआवजा?
हालांकि, यह योजना प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई करेगी, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में सहायता नहीं मिलेगी:
युद्ध या परमाणु हमले से हुआ नुकसान
किसानों की लापरवाही या गलत खेती तकनीक
जंगली जानवरों द्वारा फसल नष्ट करने पर कोई मुआवजा नहीं
किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह योजना?
बिना किसी प्रीमियम के आर्थिक सुरक्षा
प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की सीधी भरपाई
खेती को फिर से शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता
खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने की पहल
कैसे करें आवेदन?
जल्द ही झारखंड सरकार इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी। योग्य किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम CSC केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
झारखंड की फसल राहत योजना किसानों के लिए आर्थिक संजीवनी साबित हो सकती है। प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों को बिना किसी अतिरिक्त बोझ के सीधा मुआवजा मिलेगा, जिससे वे अपनी फसल को दोबारा खड़ा कर सकते हैं। अगर आप भी झारखंड के किसान हैं तो इस योजना का पूरा लाभ उठाइए!
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