Ranchi Bar: रांची में 11,000 वकीलों के लाइसेंस पर बड़ी तलवार, BCI के सख्त फैसले से हड़कंप, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्या होगा आगे का खेल
झारखंड में 11,000 वकीलों के लाइसेंस रद्द हो सकते हैं। सत्यापन फॉर्म न भरने वाले वकीलों पर BCI ने सख्त फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक बार कौंसिल चुनाव कराने का निर्देश दिया है। सत्यापन पूरा न होने पर भी वकील औपबंधिक मतदान कर सकते हैं, लेकिन उनके वोट सत्यापन के परिणामों से प्रभावित होंगे।
रांची, 20 नवंबर 2025 – झारखंड बार कौंसिल (Jharkhand Bar Council) के चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य के करीब 11 हजार वकीलों (Lawyers) के लाइसेंस (Licence) रद्द होने का बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। यह वकील वे हैं, जिन्होंने या तो अपने प्रमाणपत्रों के सत्यापन (Verification) के लिए फॉर्म नहीं लिया है या फॉर्म लेने के बाद उसे भरकर जमा नहीं किया है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे वकीलों के लाइसेंस पहले निलंबित होंगे और बाद में उन्हें रद्द भी किया जा सकता है। करीब 35 हजार वकीलों के निबंधित होने के बावजूद, 11 हजार वकीलों पर यह संकट पूरे न्यायिक तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
11 हजार वकील खतरे में: BCI का कड़ा रुख
जिन वकीलों ने सत्यापन फॉर्म नहीं लिया है, BCI ने उनके मतदान में शामिल होने पर रोक लगा दी है।
-
लाइसेंस रद्द होने का खतरा: अक्टूबर में झारखंड बार कौंसिल की बैठक में कहा गया था कि करीब 11 हजार वकीलों को सत्यापन फॉर्म भरने के लिए अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन करीब छह हजार वकीलों ने तो फॉर्म लिया भी नहीं। अब बैठक में तय किए गए निर्णय के आधार पर इन वकीलों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
-
औपबंधिक मतदान: हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देशों के अनुसार, जिन वकीलों का सत्यापन लंबित है, वह मतदान कर सकते हैं, लेकिन उनका मतदान औपबंधिक (Provisional) होगा। इसका अर्थ है कि सत्यापन के परिणामों से उनका मतदान प्रभावित होगा।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश: चुनाव में देरी नहीं
झारखंड बार कौंसिल का कार्यकाल 28 जुलाई 2023 को समाप्त हो चुका है और वर्तमान में तदर्थ कमेटी (Adhoc** Committee) ही कौंसिल का संचालन कर रही है।
-
चुनाव की समय सीमा: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए सख्त निर्देश दिया है कि जिन राज्यों में बार कौंसिल का चुनाव नहीं हुआ है, वहां 31 जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच चुनाव कराए जाएं।
-
सत्यापन के नाम पर रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सदस्यता सत्यापन (Membership Verification) के नाम पर चुनाव की प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता है।
आगामी अधिसूचना: मतदाताओं पर स्थिति स्पष्ट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त करने की तिथि निर्धारित कर दिए जाने के बाद, अब बार कौंसिल ऑफ इंडिया (BCI) जल्द ही झारखंड बार कौंसिल के चुनाव की तिथि और कार्यक्रमों की घोषणा करेगा।
-
आगे की रणनीति: BCI की अधिसूचना से यह स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि फॉर्म नहीं लेने वाले वकीलों पर क्या कार्रवाई होगी और मतदाता सूची में किन वकीलों को शामिल किया जाएगा।
11 हजार वकीलों के लाइसेंस पर लटकी इस तलवार ने पूरे राज्य के न्यायिक बिरादरी में एक बड़ा तनाव पैदा कर दिया है।
What's Your Reaction?


