Sakchi Loot: चोरों का दुस्साहस, मुख्यालय से 50 मीटर दूर काटे ताले, जमशेदपुर में पुलिस को बड़ी चुनौती

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले जमशेदपुर की सुरक्षा व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है जहाँ चोरों ने जिला मुख्यालय के नाक के नीचे गैस कटर से आधा दर्जन दुकानों के ताले उड़ा दिए। साकची के जुबिली पार्क गेट के पास हुई इस सनसनीखेज वारदात और पुलिस की गश्त पर उठते बड़े सवालों की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है।

Dec 20, 2025 - 12:11
Dec 20, 2025 - 13:50
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Sakchi Loot: चोरों का दुस्साहस, मुख्यालय से 50 मीटर दूर काटे ताले, जमशेदपुर में पुलिस को बड़ी चुनौती
Sakchi Loot: चोरों का दुस्साहस, मुख्यालय से 50 मीटर दूर काटे ताले, जमशेदपुर में पुलिस को बड़ी चुनौती

जमशेदपुर, 20 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर इस समय एक अजीबोगरीब विरोधाभास से गुजर रही है। एक तरफ पूरा प्रशासनिक अमला और पुलिस विभाग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन को लेकर शहर को छावनी में तब्दील करने में जुटा है, तो दूसरी तरफ शातिर चोरों ने सीधे व्यवस्था के 'दिल' पर चोट की है। जिला मुख्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित जुबिली पार्क गेट के पास बीती रात चोरों ने आधा दर्जन से अधिक दुकानों को निशाना बनाकर पुलिसिया गश्त की पोल खोल दी है। गैस कटर की चिंगारियों के बीच चोरों ने जिस सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया, उसने शहर की 'सुरक्षा' पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

इतिहास: साकची और जुबिली पार्क का रणनीतिक महत्व

साकची जमशेदपुर का वह ऐतिहासिक हिस्सा है जो टाटा स्टील की स्थापना के समय से ही व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। जुबिली पार्क गेट और उसके आसपास का इलाका शहर का 'हाई-सिक्योरिटी जोन' माना जाता है। यहाँ 1958 में जुबिली पार्क की स्थापना के बाद से ही यह पर्यटकों और आम लोगों की पहली पसंद रहा है। ऐतिहासिक रूप से, इस क्षेत्र को रात के समय भी सबसे सुरक्षित माना जाता रहा है क्योंकि यहाँ पुलिस मुख्यालय और अधिकारियों के आवास बेहद करीब हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर चोरी होना शहर के सुरक्षा इतिहास में एक बड़ी चूक मानी जा रही है।

गैस कटर से 'सर्जिकल स्ट्राइक': दुकानों का नामोनिशान बदला

शनिवार की सुबह जब फुटपाथी दुकानदार अपनी रोजी-रोटी के लिए दुकानें खोलने पहुँचे, तो मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चोरों ने किसी साधारण औजार का नहीं, बल्कि गैस कटर का इस्तेमाल किया था।

  • एक साथ आधा दर्जन शिकार: चोरों ने सिलसिलेवार तरीके से दुकानों के ताले काटे। इनमें अभिनाश कुमार की पान दुकान, राजा कुमार की मोमोज दुकान, प्रदीप दास की दूध दुकान, सदन केवट की लिट्टी दुकान, बाबुनंद की चाय दुकान और विष्णु की पान दुकान शामिल हैं।

  • सफाई से काम: गैस कटर का इस्तेमाल बताता है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्हें पुलिस के आने का कोई डर नहीं था। दुकानों के भीतर से नकदी और कीमती सामान गायब मिले।

मुख्यालय से 50 मीटर दूर: साख पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि जहाँ चोरी हुई, वहां से जिला मुख्यालय (DC Office) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पहुंच मात्र कुछ कदमों की दूरी पर है।

  1. सुरक्षा में चूक: जब राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरी फोर्स अलर्ट मोड पर है, तब इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई?

  2. सन्नाटा और सन्नाटा: क्या रात के समय वहां कोई गश्ती दल मौजूद नहीं था? गैस कटर की आवाज या उसकी रोशनी किसी की नजर में क्यों नहीं आई?

चोरी की चपेट में आए प्रभावित दुकानदार

दुकानदार का नाम दुकान का प्रकार स्थान
अभिनाश कुमार पान दुकान जुबिली पार्क गेट के पास
राजा कुमार मोमोज दुकान साकची फुटपाथ
प्रदीप दास दूध की दुकान साकची
सदन केवट लिट्टी दुकान साकची
बाबुनंद / विष्णु चाय और पान दुकान जुबिली पार्क गेट

सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की तफ्तीश

घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय दुकानदारों से बातचीत की। फिलहाल, पुलिस जुबिली पार्क गेट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि गैस कटर लेकर आए उन चेहरों की पहचान की जा सके जिन्होंने इस दुस्साहस को अंजाम दिया है। स्थानीय दुकानदारों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उत्सव के बीच खौफ का साया

जमशेदपुर इस समय वीवीआईपी मेहमान के स्वागत की तैयारी में है, लेकिन जुबिली पार्क की ये कटी हुई शटर और टूटे ताले शहरवासियों को डरा रहे हैं। अगर जिला मुख्यालय के पास दुकानदार सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर के बाहरी इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाना कठिन नहीं है। अब देखना यह है कि साकची पुलिस इन 'गैस कटर गैंग' के सदस्यों को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचाती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।