Jamshedpur Memorial: पुलवामा के वीर शहीदों को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने दी श्रद्धांजलि, शहीद स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर ने पुलवामा हमले में शहीद हुए 45 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में देशभक्ति के नारे गूंजे और शहीदों के सम्मान में दीप जलाए गए।

"लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर,
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर।
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर,
कोई जो उठाएगा आँख हिन्दुस्तान पर।"
यह कविता भारत के वीर सपूतों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गूंज उठी। आज के दिन, 2019 में हुए पुलवामा हमले में हमारे 45 बहादुर जवान शहीद हो गए थे। उनकी वीरता और बलिदान को याद करते हुए, परिषद ने गोलमुरी में स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलवामा हमले का स्मरण और शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम
पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा बलों के काफिले पर आत्मघाती हमले का शिकार बने थे। इस कायरतापूर्ण हमले ने 45 भारतीय सैनिकों की जान ले ली थी। यह हमला कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र के लेथपोरा इलाके में हुआ था। हमले के बाद, पाकिस्तान की निंदा की गई और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर ने शहीदों की शहादत को नमन करते हुए शहीद स्थल गोलमुरी में इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान, परिषद के सभी सदस्य एक-एक करके शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते गए और देश के प्रति अपने समर्पण का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान 'भारत माता की जय', 'भारतीय सेना जिन्दाबाद', 'वीर शहीद अमर रहे' के नारे गूंजते रहे।
सैनिकों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे, संकल्प लिया गया
कार्यक्रम के दौरान, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष विनय यादव ने शहीदों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में हमारे सैनिकों की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा। इस हमले के बाद, हमें यह समझने की आवश्यकता है कि ऐसे कायरतापूर्ण हमलों की श्रृंखला को तभी रोका जा सकता है, जब हम उन्हें पहचान कर प्रभावी कदम उठाएं। विनय यादव ने यह भी कहा कि शहीदों की शहादत तब तक अधूरी रहेगी, जब तक हम इन हमलों का सही तरीके से मुकाबला नहीं करते।
इस दौरान, शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
संगठन के प्रतिनिधियों ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया
कार्यक्रम में संगठन के संस्थापक वरुण कुमार, अध्यक्ष विनय यादव, और अन्य प्रतिनिधियों ने शहीदों के परिवारों को सहयोग देने और उनके शहीदी को न भूलने का आश्वासन दिया। इस आयोजन में विभिन्न सम्मानित व्यक्तियों जैसे विनय कुमार यादव, सुखविंदर सिंह, हरि सिंह, संतोष कुमार सिंह, विश्वजीत सावन टुडू, एम.के. पाठक, परमहंस यादव, धीरज सिंह, एल.बी. सिंह, सतीश प्रसाद, किशरी प्रसाद, देव नारायण सिंह, डी.एन. सिंह, अनुपम शर्मा, राम बाबू, सतीश प्रसाद, सिद्धनाथ कुमार, एस.के. सिंह, निरंजन शर्मा, और अमोल कुमार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलवामा हमले की महत्ता और उसके प्रभाव
पुलवामा हमला केवल एक आंतरिक हमले का उदाहरण नहीं था, बल्कि यह देश के समर्पण और बलिदान के प्रतीक के रूप में हमेशा याद रहेगा। इस हमले ने भारतीय सैनिकों की साहसिकता और देश के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाया। साथ ही, यह हमें यह भी सिखाता है कि हमे अपने जवानों और सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।
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