Parsudih Trap : परसुडीह से युवती को भगाकर गुजरात ले गया था सचिन, मोबाइल लोकेशन ने खोला राज, पुलिस ने सूरत में दी दबिश
परसुडीह पुलिस ने गुजरात के सूरत में धावा बोलकर युवती को भगाने वाले मुख्य आरोपी सचिन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। करीब एक साल तक पहचान छिपाकर भाग रहे इस अपराधी को मोबाइल टावर लोकेशन के जरिए दबोचा गया। ट्रांजिट रिमांड और बरामदगी की पूरी खबर यहाँ देखें।
जमशेदपुर/परसुडीह, 24 मार्च 2026 – लौहनगरी के परसुडीह थाना क्षेत्र से करीब एक साल पहले गायब हुई युवती के मामले में पुलिस ने गुजरात के सूरत में एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। शादी का झांसा देकर युवती को अगवा करने वाले 24 वर्षीय शातिर आरोपी सचिन शर्मा को परसुडीह पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। शनिवार को पुलिस टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लेकर पहुँची और उसे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में चली इस विशेष मुहिम ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे सात राज्यों की सीमा लांघ जाए, पुलिस की नजर से बचना नामुमकिन है।
05 अप्रैल 2025 का वो दिन: हरहरगुटू में मचा था हड़कंप
इस पूरे रहस्यमयी अपहरण की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी, जिसने परिजनों की रातों की नींद छीन ली थी।
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लापता की शिकायत: परसुडीह के हरहरगुटू कीताडीह निवासी एस. प्रसाद ने 05 अप्रैल 2025 को अपनी बेटी के अचानक लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
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शादी का झांसा: पिता ने आरोप लगाया था कि पवन शर्मा का बेटा सचिन शर्मा उनकी बेटी को शादी का लालच देकर भगा ले गया है।
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फरारी का खेल: प्राथमिकी दर्ज होते ही सचिन शर्मा ने अपना हुलिया और ठिकाना बदल लिया। वह पुलिस को चकमा देने के लिए मध्य प्रदेश और गुजरात के अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
सूरत की 'जमुना पार्क' सोसाइटी में रेड: ऐसे बिछाया गया जाल
अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, वह कोई न कोई डिजिटल पदचिह्न (Digital Footprint) जरूर छोड़ता है। इस केस में आरोपी का मोबाइल ही उसका काल बना।
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तकनीकी सुराग: थाना प्रभारी अविनाश कुमार के निर्देश पर बनी टीम ने आरोपी के कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल टावर लोकेशन को ट्रैक किया। सुराग सीधे गुजरात के सूरत की ओर इशारा कर रहे थे।
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21 मार्च की कार्रवाई: परसुडीह पुलिस की टीम सूरत पहुँची और वहां के नवागम, सिंदरौली थाना क्षेत्र के जमुना पार्क सोसाइटी में एक गुप्त प्लॉट की घेराबंदी की। यहाँ सचिन शर्मा को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
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एंड्रॉयड मोबाइल बरामद: पुलिस ने आरोपी के पास से वह एंड्रॉयड फोन भी जब्त किया है, जिसका उपयोग उसने युवती को प्रेम जाल में फंसाने और भागने के दौरान किया था।
मध्य प्रदेश के मुरैना से सूरत तक का संदिग्ध नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपी सचिन शर्मा का बैकग्राउंड किसी पेशेवर अपराधी जैसा नजर आ रहा है।
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मुरैना का कनेक्शन: सचिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के टेंटरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह वर्तमान में सूरत के संतोषी भवन के पास छिपकर रह रहा था।
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परसुडीह का सुरक्षा ऑडिट: जमशेदपुर का परसुडीह इलाका काफी विस्तृत है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बाहरी राज्यों से आए युवकों द्वारा भोली-भाली युवतियों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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टीम की जांबाजी: इस सफल मिशन में अविनाश कुमार के साथ एसआई रितेश कुमार, आरक्षी सुधीर कुमार और महिला आरक्षी रानी पूर्ति ने मुख्य भूमिका निभाई, जिन्होंने हजारों किलोमीटर दूर जाकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
अगला कदम: मेडिकल टेस्ट और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान
युवती की सुरक्षित बरामदगी के बाद अब पुलिस कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है।
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मेडिकल परीक्षण: बरामद युवती का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है ताकि केस को मजबूती दी जा सके।
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164 का बयान: पुलिस अब युवती का बयान अदालत में दर्ज कराएगी। इस बयान के आधार पर ही सचिन शर्मा की सजा तय होगी।
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पूछताछ जारी: पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिछले एक साल में सचिन को आर्थिक मदद कहाँ से मिल रही थी और क्या इस अपहरण में कोई और भी शामिल था।
परसुडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने उन अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भेजा है जो मासूमों को शादी के नाम पर गुमराह कर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं। एस. प्रसाद के परिवार के लिए यह न्याय की जीत है, जो साल भर से अपनी बेटी के लिए भटक रहे थे। गुजरात के सूरत में हुई यह गिरफ्तारी झारखंड पुलिस की कार्यकुशलता का बड़ा उदाहरण है। फिलहाल, सचिन शर्मा जेल की कालकोठरी में है और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
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