Jamshedpur Safety: 'नो मीन्स नो' की ताकत, छात्राओं को सिखाया सुरक्षित रहने का 'सुरक्षित वृत्त'
जमशेदपुर के मुरली इंटर कॉलेज में छात्राओं के लिए विशेष कार्यक्रम। साइबर खतरों और अनुचित स्पर्श से बचने के लिए 6 जरूरी सबक सिखाए गए। जानें क्या है 'सुरक्षित वृत्त' और किन आपातकालीन नंबरों से तुरंत मिलेगी मदद। हर बेटी को जानना चाहिए यह महत्वपूर्ण जानकारी!
जमशेदपुर, 5 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर के मुरली इंटर कॉलेज में आज (4 दिसंबर 2025) बालिकाओं में आत्मसुरक्षा की भावना विकसित करने और उन्हें वर्तमान समय की डिजिटल चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अनुचित स्पर्श की पहचान करना और असुरक्षित परिस्थिति में प्रभावी ढंग से मदद लेने की जानकारी देना था।
सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टर नूतन रानी प्राचार्या द्वारा दीप प्रज्वलन करके की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक जानकारी प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 'जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
टाटा स्टील के विशेषज्ञों ने सिखाए 6 जरूरी सबक
इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के विशेषज्ञ वक्ताओं ने छात्राओं को संरक्षण के लिए छह मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की:
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सुलभ समझ: गुड टच और बेड टच में अंतर को सरल और समझने योग्य तरीके से समझाया गया।
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असहजता की पहचान: छात्राओं को बताया गया कि कोई भी स्पर्श जो उन्हें असहज या डरा हुआ महसूस कराए, वह बेड टच माना जाता है।
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'नो मीन्स नो' का बल: 'नो मीन्स नो' के महत्व को समझाया गया तथा जरूरत पड़ने पर आवाज उठाने और विश्वसनीय व्यक्ति से मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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सुरक्षित वृत्त: 'सुरक्षित वृत्त' की जानकारी दी गई, जिसमें बच्चे अपने भरोसेमंद लोगों की पहचान कर सकें।
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आपातकालीन सहायता: आपात स्थिति में 1098 (Childline), 112 (Emergency Response) तथा अन्य हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई।
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साइबर खतरा: वर्तमान समय के साइबर सुरक्षा के बारे में भी बालिकाओं को महत्वपूर्ण बातें बताई गईं।
मानसिक एवं शारीरिक सुरक्षा की पहल
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपने प्रश्न पूछकर इस जागरूकता सत्र को और अधिक सार्थक बनाया। प्राचार्या ने अंत में सभी विशेषज्ञों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। संस्थान भविष्य में भी इस प्रकार के उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन मिताली नमाता ने किया।
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