Mango Bull Attack : मानगो में बेकाबू सांढ़ ने बुधवार को 15 को घायल करने के बाद गुरुवार को एक महिला की जान क्यों ली, नगर निगम की किस लापरवाही से मचा हड़कंप
क्या आप जानते हैं कि जमशेदपुर के मानगो में आवारा सांढ़ के हमले में 61 वर्षीय सोमा सरकार की मौत क्यों हुई? बुधवार शाम बेहोश किए गए सांढ़ को रातभर सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं ले जाया गया? सांढ़ को होश आने के बाद उसने दोबारा हिंसक रूप क्यों ले लिया? इलाके के लोग प्रशासन और नगर निगम की किस बड़ी लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 6 नवंबर 2025 – जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में बेकाबू और हिंसक आवारा सांढ़ का आतंक लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसका परिणाम एक दर्दनाक मौत के रूप में सामने आया है। गुरुवार सुबह शंकोसाई के गौड़ बस्ती इलाके में उसी उग्र सांढ़ ने 61 वर्षीय महिला सोमा सरकार की जान ले ली, जिसने बुधवार को भी 15 लोगों को बुरी तरह घायल किया था। इस हादसे ने पूरे इलाके में सिर्फ भय ही नहीं, बल्कि प्रशासन और नगर निगम की खुली लापरवाही के खिलाफ गहरा आक्रोश भी पैदा कर दिया है। यदि प्रशासन ने बीती रात ही अपना काम पूरा कर लिया होता, तो शायद सोमा सरकार आज जीवित होतीं।
प्रशासन की लापरवाही: क्यों रातभर पड़ा रहा बेहोश सांढ़
बुधवार शाम को ही टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) की टीम ने उग्र सांढ़ को ट्रैक्यूलाइज कर बेहोश कर दिया था।
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अंधेरे का बहाना: बताया जाता है कि "अंधेरा हो जाने के कारण" सांढ़ को सुरक्षित स्थान पर ले जाना संभव नहीं हो पाया।
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खतरे को बुलावा: परिणामस्वरूप, रातभर सांढ़ बेहोश अवस्था में शंकोसाई इलाके में ही पड़ा रहा।
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दोबारा हमला: गुरुवार सुबह जैसे ही सांढ़ को होश आया, वह फिर से हिंसक हो उठा और इधर-उधर दौड़ते हुए गौड़ बस्ती की ओर चला गया।
सोमा सरकार की दर्दनाक मौत: हादसा कैसे हुआ
हिंसक सांढ़ ने गौड़ बस्ती में सड़क किनारे खड़ी सोमा सरकार (61) पर हमला कर दिया।
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हमले का स्वरूप: सांढ़ ने उन्हें बुरी तरह पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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मृत घोषित: स्थानीय लोगों ने किसी तरह घायल महिला को तत्काल टीएमएच पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है। स्थानीय लोग प्रशासन पर जमकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि बुधवार रात ही प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए सांढ़ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया होता, तो यह दर्दनाक और टालने योग्य मौत टलाई जा सकती थी।
सांढ़ अब जू अस्पताल में: जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और टाटा जू की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची।
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ट्रैक्यूलाइज और भर्ती: टीम ने सांढ़ को दोबारा ट्रैक्यूलाइज किया और उसे जू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
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उच्चाधिकारियों की उपस्थिति: इस मौके पर टाटा जू के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम. पालित के अलावा, पशु चिकित्सा कंपाउंडर एस महतो, कनिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकित, जिला पशुपालन कार्यालय के पशु चिकित्सक मनोज नाग और जेएनएसी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
नगर निगम और जिला प्रशासन को अब इस लापरवाही का जवाब देना होगा, जिसने एक निर्दोष महिला की जान ले ली।
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