Jamshedpur Zeal: शौचालय, कालीनों और सीसीटीवी से घाट को बनाया जा रहा सबसे सुविधाजनक, नदी में मिलने वाले नालों को मोड़ने की सबसे बड़ी चुनौती से कैसे निपट रही समिति?
जमशेदपुर के श्री श्री महाकालेश्वर छठ घाट पर छठ व्रतधारियों के लिए सफाई और सुविधा कार्य तेजी से चल रहा है। समिति नदी में मिलने वाले गंदे नालों को 1 किमी तक मोड़ने की चुनौती से जूझ रही है। घाट पर 25 टावर लाइट, 24 चेंजिंग रूम, मुफ्त नाश्ता और बुजुर्गों के लिए परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। उद्घाटन 27/10/25 को सांसद विद्युत बरन महतो करेंगे।
झारखंड में सूर्य देव की आराधना का महापर्व छठ आगामी कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। झारखंड की इस सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के लिए जमशेदपुर स्थित श्री श्री महाकालेश्वर छठ घाट समिति ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। दुर्गा पूजा विसर्जन के दिन से ही शुरू हुए सफाई अभियान और सुविधा विस्तार का कार्य जोरों पर है। समिति का लक्ष्य इस बार घाट को श्रद्धालुओं के लिए सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती वह गंदा नाला है, जो श्रद्धा के जल में हर साल बाधा डालता है।
नदी की पवित्रता बचाने की जंग: 1 किमी तक नालों को मोड़ने का काम
छठ पूजा के लिए सबसे बड़ी चुनौती घाट की पवित्रता को बनाए रखना है। समिति के अनुसार, सबसे बड़ी परेशानी वह नाला पैदा करता है, जो विभिन्न क्षेत्रों से आकर सीधा छठ घाट के पास नदी में मिलता है। यह नाला अपने साथ कचरा, प्लास्टिक, कपड़े और भयंकर गंदगी लेकर आता है, जिससे नदी का जल पूरी तरह से दूषित हो जाता है।
इस समस्या से निपटने के लिए समिति ने इस बार एक बड़ा और कठिन निर्णय लिया है। समिति के सदस्य नाले की लगभग 1 किलोमीटर तक कटाई करके उसे नदी के दूसरे छोर पर घुमाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि घाट के पास नदी का पानी पूरी तरह से साफ और स्वच्छ रहे। यह कार्य किसी भी सामाजिक संस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन छठ व्रतधारियों की सुविधा के लिए यह युद्ध स्तर पर जारी है।
श्रद्धालुओं के लिए अभूतपूर्व सुविधाएं: कालीन से सीसीटीवी तक
समिति के संरक्षक विजय सिंह पप्पू, अध्यक्ष वीर सिंह और महासचिव पप्पू सिंह सहित सभी कार्यकर्ताओं की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि इस साल व्रतधारियों को किसी तरह की दिक्कत न हो। इसकी तैयारियां इस प्रकार हैं:
-
सुरक्षा एवं रोशनी: घाट को पूरी तरह रोशन करने के लिए 25 बिजली के टावर लगाए जाएंगे। पूरे घाट और आने वाले रास्तों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
-
सुविधाएं: 24 की संख्या में चेंजिंग रूम और अस्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की जा रही है।
-
वीआईपी ट्रीटमेंट: व्रतधारियों के आने-जाने वाले पूरे रास्तों पर कालीन बिछाया जाएगा, ताकि उन्हें नंगे पैर चलने में दिक्कत न हो।
-
निःशुल्क सेवाएं: दूध, गंगाजल, आम के दातुन और अगरबत्ती की निशुल्क व्यवस्था की जा रही है। साथ ही सुबह के अर्घ्य के बाद हलवा, चना, चाय, बिस्कुट, पकौड़ी समेत नाश्ते की व्यवस्था सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से की जाएगी।
-
बुजुर्गों के लिए खास इंतजाम: जो बुजुर्ग चलने में असमर्थ हैं, उनके लिए समिति घर से घाट तक लाने-ले जाने की व्यवस्था भी करेगी।
छठ घाट का भव्य उद्घाटन दिनांक 27/10/25 को संध्या 3:00 बजे जमशेदपुर के सांसद विद्युत बरन महतो एवं समाजसेवी आस्तिक महतो जी समेत अन्य समाजसेवियों द्वारा किया जाएगा।
आपकी राय में, जमशेदपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में नदी के घाटों को प्रदूषण से बचाने और नालों का पानी नदी में मिलने से रोकने के लिए नगर निगम और प्रशासन को कौन से दो सबसे स्थायी और पर्यावरण अनुकूल कदम उठाने चाहिए?
What's Your Reaction?


