Jamshedpur Farewell: टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन के दो दिग्गज कर्मचारियों का सम्मानजनक विदाई समारोह
टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन में भावुक विदाई समारोह, काशीनाथ महतो और रुतुब अली ने 30 और 35 वर्षों की सेवा के बाद कंपनी को कहा अलविदा। उनके योगदान को किया गया सम्मानित।

जमशेदपुर: टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन में एक भावुक और गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कंपनी के दो समर्पित कर्मचारियों, श्री काशीनाथ महतो और श्री रुतुब अली को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
30 और 35 वर्षों की सेवा का शानदार समापन
श्री काशीनाथ महतो और श्री रुतुब अली ने क्रमशः 30 और 35 वर्षों तक टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण ने न केवल कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की, बल्कि वे अपने सहयोगियों के लिए भी प्रेरणा बने। 28 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले इन कर्मियों के सम्मान में एक विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विभाग के कई पदाधिकारी और सहकर्मी शामिल हुए।
समारोह में उमड़ा सम्मान और भावनाएं
टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन के ईटीपी इलेक्ट्रिकल विभाग द्वारा आयोजित इस विदाई समारोह में कर्मचारियों ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया और उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान कई कर्मचारी भावुक हो गए, क्योंकि उन्होंने दशकों तक साथ काम करने वाले अपने साथियों को विदा किया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख कर्मचारी:
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श्री सुशील कुमार
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श्री देवा प्रसाद मिश्रा
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श्री जार्ज जैक्सन
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श्री अवधेश कुमार
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श्री अभिषेक सर्वराम
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श्री राजेश कुमार
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श्री रविन्द्र सिंह
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श्री उपेन्द्र कुमार
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श्री संजय कुमार
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श्री मनोज कुमार सयामल
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श्री अभिषेक यादव
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श्री सर्मेंदर कुमार
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श्री रवि कुमार चौधरी
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श्री परमजीत सिंह
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श्री सदाब आलम
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श्री रमेश कुमार सिंह
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श्री पी. शिव कुमार
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श्री सरनजीत सिंह
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श्री रोहित शर्मा
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श्री दयाशंकर शर्मा
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श्री अशोक कुमार सानडील
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कमेटी मेंबर श्री संजय कुमार
टाटा स्टील: एक सदी से अधिक की विरासत
टाटा स्टील सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहां कर्मचारी केवल काम करने नहीं आते, बल्कि वे इस संस्थान की आत्मा का हिस्सा बनते हैं। 1907 में स्थापित टाटा स्टील ने भारत में औद्योगिक क्रांति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्षों से, इसने कर्मचारियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल प्रदान किया है, जिससे वे अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान कर सकें।
समर्पण की मिसाल बने काशीनाथ महतो और रुतुब अली
श्री काशीनाथ महतो और श्री रुतुब अली ने अपने कार्यकाल के दौरान जिस प्रतिबद्धता और समर्पण का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बना रहेगा। टाटा स्टील ने उनके योगदान को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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