Jamshedpur Seminar: पर्यावरण भविष्य पर चिंतन, झारखंड की जल-जंगल-जमीन को बचाने की रणनीति
जमशेदपुर में होगा झारखंड के पर्यावरण भविष्य पर बड़ा विचार-विमर्श। 13 दिसंबर को अरका जैन विश्वविद्यालय में संगोष्ठी। आदिवासी ज्ञान, प्रदूषण और सतत विकास की चुनौतियों पर होगा मंथन।
जमशेदपुर, 12 दिसंबर 2025 – झारखंड और कोल्हान क्षेत्र के पर्यावरण भविष्य को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। आज तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में घोषणा की गई कि कल (13 दिसंबर 2025) को एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मकसद राज्य की सबसे बड़ी चुनौती यानी जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर गहन विचार-विमर्श करना है।
इन दो बड़े संस्थानों की संयुक्त पहल
यह संगोष्ठी अरका जैन विश्वविद्यालय और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। उप कुलपति एवं संयोजक, प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी समेत श्री संजय स्वामी जी और डॉ. कविता परमार जी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संगोष्ठी केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि सामुदायिक जागरूकता के लिए भी एक मंच है।
पर्यावरण भविष्य पर होगा मंथन
13 दिसंबर को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अरका जैन विश्वविद्यालय परिसर, गम्हरिया में होने वाली इस संगोष्ठी का मुख्य विषय है: “झारखंड का पर्यावरण भविष्य: चुनौतियाँ, संरक्षण और सामुदायिक कार्यवाही” ।
चर्चा के प्रमुख बिंदु: यह कार्यक्रम निम्नलिखित महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होगा:
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क्षेत्रीय चुनौतियाँ: झारखंड और कोल्हान क्षेत्र के सामने खड़ी पर्यावरणीय चुनौतियाँ।
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पारंपरिक ज्ञान: जनजातीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली का संरक्षण में उपयोग।
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संसाधन बचाव: जल एवं वन संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण।
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सामुदायिक सहभागिता: पर्यावरण के लिए सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के लक्ष्य।
विद्यार्थियों के लिए खास सत्र
संगोष्ठी में विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए भी एक खास सत्र आयोजित किया गया है। विद्यार्थी समानांतर रूप से पोस्टर प्रस्तुति सत्र में भाग ले सकेंगे, जिससे नई पीढ़ी के विचारों को एक मंच मिल सकेगा।
प्रेस वार्ता में उपस्थित वरिष्ठ सदस्यों ने इस संगोष्ठी को स्थानीय और शैक्षणिक स्तर पर एक अत्यंत आवश्यक पहल बताया और इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने शिक्षकों, पर्यावरणविदों और समाज के जागरूक नागरिकों से इस महत्वपूर्ण चर्चा में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
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