Jamshedpur News: बुजुर्ग भाई-बहन ने एक साथ की आत्महत्या, 4 दिन बाद घर से आई बदबू से हुआ खुलासा | Jansamachar
जमशेदपुर के सीतारामडेरा में दिल दहला देने वाली घटना। 67 वर्षीय सरस्वती सरकार और उनके भाई बलराम सरकार ने एक ही पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों अविवाहित थे और साथ रहते थे। बहन को ब्लड कैंसर था, जिससे वह डिप्रेशन में थी। पढ़ें पूरी खबर।
जमशेदपुर, 23 फरवरी 2026: झारखंड के जमशेदपुर शहर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के न्यू ले आउट इलाके में 67 वर्षीय सरस्वती सरकार और उनके भाई बलराम सरकार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दोनों ने एक ही पंखे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हैरान करने वाली बात यह है कि यह घटना करीब तीन से चार दिन पहले की बताई जा रही है, लेकिन इसका पता तब चला जब घर से सड़ांध आने लगी ।
कैसे खुला मामला?
पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दोनों भाई-बहन नजर नहीं आ रहे थे। धीरे-धीरे उनके घर से दुर्गंध आनी शुरू हो गई। आस-पास के लोगों को जब शक हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट को बुलाया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
दोनों भाई-बहन का शव एक ही पंखे से लटका हुआ था। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह घटना सोमवार (22 फरवरी) की है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इससे भी तीन-चार दिन पहले यानी 18-19 फरवरी के आसपास ही दोनों ने यह कदम उठा लिया था।
बीमारी और अकेलेपन ने दी धक्का?
प्रारंभिक जांच और पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों भाई-बहन जीवनभर अविवाहित (कुंवारे) रहे और एक साथ उसी घर में रहते थे। बताया जा रहा है कि बहन सरस्वती सरकार पिछले कुछ समय से ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) से पीड़ित थीं। इस गंभीर बीमारी के चलते वह काफी दिनों से डिप्रेशन (अवसाद) में थीं। वहीं, उनके भाई बलराम सरकार भी किसी बीमारी से जूझ रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों में बीमारी के दौरान अकेलापन और सामाजिक उपेक्षा की भावना गहरे मानसिक संकट को जन्म दे सकती है । तीन-चार दिन तक शव पड़े रहने से साफ झलकता है कि उनके आसपास कोई नियमित संपर्क में नहीं था, जो आज के समय में बुजुर्गों के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है ।
पुलिस जांच में जुटी
सीतारामडेरा पुलिस ने बताया कि दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल घर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पता चल पाएगा।
क्षेत्र में शोक की लहर
इस घटना के बाद इलाके में मातम छा गया है। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों बेहद शांत स्वभाव के थे और किसी से कोई शिकायत नहीं थी। उनके इस कदम ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर वे कितने अकेले रहे होंगे और कितनी पीड़ा में रहे होंगे कि उन्होंने मौत को गले लगा लिया|
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