Ranchi Action: रांची रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन सतर्क' का धमाका, पटना के 72 वर्षीय बुजुर्ग के बैग से निकलीं शराब की बोतलें
रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत ट्रेन संख्या 18624 में छापेमारी कर 72 वर्षीय राजेंद्र सिंह को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है। रातू से खरीदी गई शराब को बिहार ले जाने की इस बड़ी साजिश और आरपीएफ की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 4 अप्रैल 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के रेलवे स्टेशन पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सतर्क’ को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे बुजुर्ग तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो उम्र के इस पड़ाव में कानून की आंखों में धूल झोंककर बिहार में शराब की बड़ी खेप पहुँचाने की फिराक में था। 3 अप्रैल की रात हुई इस छापेमारी ने रेल यात्रियों और स्टेशन परिसर में हड़कंप मचा दिया। कमांडेंट पवन कुमार के सीधे निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि रांची रेल मंडल अब तस्करों के लिए 'नो-गो जोन' बन चुका है।
ए-1 कोच में 'ऑपरेशन सतर्क': 72 साल के बुजुर्ग का खूनी खेल
रांची रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान आरपीएफ पोस्ट और फ्लाइंग टीम को एक इनपुट मिला था, जिसके बाद ट्रेन संख्या 18624 एक्सप्रेस के कोच A-1 में सघन तलाशी शुरू की गई।
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संदिग्ध यात्री: सीट संख्या 31 पर बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की हरकतों ने टीम का ध्यान खींचा। उसके पास एक काले रंग का ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग था, जिसे वह बार-बार छिपाने की कोशिश कर रहा था।
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नाम और पहचान: पूछताछ में उसने अपना नाम राजेंद्र सिंह (72 वर्ष) बताया। वह बिहार के पटना जिले के दौलतपुर फतुहा का रहने वाला है।
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बैग खुला तो उड़े होश: जब आरपीएफ टीम ने उसके बैग की तलाशी ली, तो भीतर कपड़ों के नीचे छिपाकर रखी गई कुल 18 बोतल अवैध शराब बरामद हुई। इस बरामदगी के बाद बुजुर्ग तस्कर के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
रांची से बिहार: तस्करी का 'रातू कनेक्शन' आया सामने
गिरफ्तारी के बाद जब आरपीएफ ने राजेंद्र सिंह से कड़ी पूछताछ की, तो तस्करी के इस रैकेट का एक नया सिरा हाथ लगा।
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रातू से खरीदारी: आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह शराब रांची के रातू क्षेत्र से खरीदी थी। उसने योजना बनाई थी कि रांची से सस्ते दाम पर शराब खरीदकर ट्रेन के जरिए इसे बिहार ले जाएगा।
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मुनाफे का लालच: बिहार में शराबबंदी के कारण शराब ऊंचे दामों पर बिकती है। राजेंद्र इसी का फायदा उठाकर मोटी कमाई करने वाला था। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई गई है।
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अगली कार्रवाई: 4 अप्रैल को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरपीएफ ने जब्त शराब और आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए आबकारी विभाग रांची को सौंप दिया है।
झारखंड-बिहार रेल मार्ग: शराब तस्करी का पुराना इतिहास
रांची और हटिया से चलने वाली ट्रेनें लंबे समय से शराब तस्करों के निशाने पर रही हैं।
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सॉफ्ट टारगेट: बुजुर्गों और महिलाओं को अक्सर तस्करी के लिए 'कूरियर' के रूप में इस्तेमाल किया जाता है ताकि पुलिस को शक न हो। 72 साल के बुजुर्ग की गिरफ्तारी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
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ऑपरेशन सतर्क की भूमिका: आरपीएफ ने हाल के महीनों में 'ऑपरेशन सतर्क' के जरिए न केवल शराब, बल्कि नशीले पदार्थ और बेहिसाबी नकदी की बरामदगी में भी रिकॉर्ड बनाया है।
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पुलिस टीम की मुस्तैदी: इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक सूरज पांडेय, सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार, डी. प्रसाद और आर.के. सिंह ने अहम भूमिका निभाई है। कमांडेंट पवन कुमार ने टीम की इस तत्परता की सराहना की है।
सुरक्षा का घेरा: अब हर बैग पर है आरपीएफ की नजर
इस घटना के बाद रांची रेल मंडल ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
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स्कैनर और चेकिंग: अब स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर ट्रॉली बैग्स और बड़े पार्सलों की रैंडम चेकिंग बढ़ाई जा रही है। विशेषकर बिहार जाने वाली ट्रेनों (जैसे रांची-पटना जनशताब्दी और मौर्य एक्सप्रेस) पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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रातू क्षेत्र पर नजर: चूंकि आरोपी ने रातू से शराब खरीदने की बात कही है, इसलिए स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग अब रातू के उन संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी में है जहाँ से अवैध रूप से थोक में शराब सप्लाई की जा रही है।
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आम जनता से अपील: आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यदि वे ट्रेन में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस बैग को देखें, तो तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन या आरपीएफ को सूचना दें।
रांची रेलवे स्टेशन पर हुई यह गिरफ्तारी एक बड़ी चेतावनी है उन सिंडिकेट्स के लिए जो बुजुर्गों का सहारा लेकर अवैध धंधा चला रहे हैं। 72 साल के राजेंद्र सिंह का पकड़ा जाना यह साबित करता है कि आरपीएफ की नजरों से बचना अब नामुमकिन है। 'ऑपरेशन सतर्क' ने न केवल 18 बोतल शराब पकड़ी है, बल्कि एक बड़े स्मगलिंग नेटवर्क की कड़ी को भी तोड़ा है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग की जांच में रातू के किन बड़े चेहरों के नाम सामने आते हैं। फिलहाल, राजेंद्र सिंह जेल की सलाखों के पीछे है और रांची पुलिस अलर्ट मोड पर है।
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