Bodam Theft: खस्सी कांड: बोड़ाम में बाउंड्री का ताला तोड़ ₹1 लाख के पांच खस्सी चोरी, चार पहिया वाहन से आए थे शातिर चोर

बोड़ाम के आंधारझोर गांव में अज्ञात चोरों ने आशुतोष महतो के घर का ताला तोड़कर पांच खस्सी चोरी कर लिए हैं। ईद के बाजार के लिए पाले गए इन खस्सियों की कीमत ₹1 लाख थी। बोड़ाम में बढ़ती चोरियों से ग्रामीणों में आक्रोश है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 7, 2026 - 16:12
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Bodam Theft: खस्सी कांड: बोड़ाम में बाउंड्री का ताला तोड़ ₹1 लाख के पांच खस्सी चोरी, चार पहिया वाहन से आए थे शातिर चोर
Bodam Theft: खस्सी कांड: बोड़ाम में बाउंड्री का ताला तोड़ ₹1 लाख के पांच खस्सी चोरी, चार पहिया वाहन से आए थे शातिर चोर

जमशेदपुर/बोड़ाम, 7 मार्च 2026 – जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके बोड़ाम थाना अंतर्गत आंधारझोर गांव के केंदडीह टोला में शुक्रवार की आधी रात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोरों के एक गिरोह ने बाउंड्री का ताला तोड़कर पांच कीमती खस्सी (बकरी) चोरी कर ली। चोर इतने शातिर थे कि वे चार पहिया वाहन लेकर पहुंचे थे और पलक झपकते ही करीब एक लाख रुपये की संपत्ति लेकर रफूचक्कर हो गए। इस घटना के बाद से बोड़ाम के ग्रामीण इलाकों में असुरक्षा और पुलिस के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया है।

आधी रात का 'ऑपरेशन खस्सी': चार पहिया वाहन से आए चोर

हादसा सातनाला-बोड़ाम मुख्य सड़क के किनारे स्थित आशुतोष महतो के घर पर हुआ।

  • ईद की तैयारी: आशुतोष ने आगामी ईद के बाजार को देखते हुए पांच हट्टे-कट्टे खस्सी पाल रखे थे, जिन्हें बेचकर उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद थी।

  • ताला तोड़कर एंट्री: शुक्रवार रात करीब 12 बजे के बाद, जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, चोरों ने बाउंड्री गेट में लगे ग्रिल का ताला काट दिया।

  • गाड़ी में लादकर फरार: ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, चोर एक चार पहिया वाहन (संभवतः पिकअप या बड़ी कार) से आए थे। उन्होंने शोर किए बिना खस्सियों को वाहन में लादा और मुख्य सड़क के रास्ते भाग निकले।

पड़ोसी को भी बनाया निशाना: बाहर से बंद की सिकड़ी

चोरों ने आशुतोष के घर से पहले पड़ोस में रहने वाले राजू महतो के घर भी सेंधमारी की कोशिश की थी।

  1. असफलता: राजू के घर में खस्सी पास नहीं मिले, जिससे चोरों का प्लान वहां नाकाम रहा।

  2. शातिर चाल: पकड़े जाने के डर से चोरों ने बाहर से राजू के दरवाजे की सिकड़ी बंद कर दी ताकि कोई बाहर निकलकर उनका पीछा न कर सके।

  3. सुबह हुआ खुलासा: शनिवार सुबह करीब 5 बजे जब आशुतोष का परिवार जागा और ग्रिल का ताला टूटा देखा, तब उन्हें चोरी का अहसास हुआ।

बोड़ाम का इतिहास: शांत वादियों में बढ़ता अपराध

बोड़ाम और दलमा की तराई का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी शांति और पशुपालन के लिए जाना जाता रहा है।

  • पशुपालन की विरासत: यहाँ के किसान खेती के साथ-साथ बकरियों और मवेशियों को अपनी 'चल संपत्ति' मानते हैं। एक लाख रुपये के खस्सी चोरी होना किसी गरीब किसान के लिए साल भर की मेहनत पर पानी फिरने जैसा है।

  • पुराना रिकॉर्ड: बोड़ाम बाजार में चोरियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अभी 1 मार्च को ही बोड़ाम बाजार स्थित विदेशी शराब दुकान का शटर काटकर लाखों की चोरी हुई थी, जिसका सुराग पुलिस आज तक नहीं लगा पाई है।

  • पुलिस की गश्त पर सवाल: मुख्य सड़क के किनारे स्थित घरों में अगर चार पहिया वाहन से आकर चोरी हो रही है, तो यह पुलिसिया गश्त की पोल खोलता है।

पुलिस की तफ्तीश: सीसीटीवी और संदिग्धों पर नजर

सूचना मिलने पर बोड़ाम पुलिस शनिवार सुबह घटनास्थल पर पहुँची और जांच शुरू की।

  • प्राथमिकी दर्ज: आशुतोष महतो के बयान पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

  • घेराबंदी: पुलिस आसपास के पेट्रोल पंपों और मुख्य सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस चार पहिया वाहन की पहचान की जा सके।

  • स्थानीय गिरोह पर शक: जिस तरह से चोरों ने पहले एक घर और फिर दूसरे घर को निशाना बनाया, उससे अंदेशा है कि इस वारदात में किसी स्थानीय लाइनर का हाथ हो सकता है।

वारदात का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
पीड़ित आशुतोष महतो (आंधारझोर गांव)
चोरी हुई संपत्ति 05 खस्सी (कीमत करीब ₹1 लाख)
चोरों का तरीका ग्रिल का ताला तोड़ा, वाहन का इस्तेमाल किया
पिछली वारदात 1 मार्च को शराब दुकान में चोरी
थाना बोड़ाम पुलिस स्टेशन

सुलगता आक्रोश और असुरक्षित ग्रामीण

बोड़ाम में एक के बाद एक हो रही चोरियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आंधारझोर गांव के लोग अब रात में पहरा देने की योजना बना रहे हैं। अगर पुलिस ने जल्द ही इस 'खस्सी चोर' गिरोह को नहीं दबोचा, तो ग्रामीणों का यह आक्रोश किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।