West Singhbhum Extortion: सोनुआ अंचल के कर्मचारी ने नशे में चालकों को पीटा, यूपीआई से वसूले हजारों, टायर की हवा निकाली और बैटरी लूटी
सोनुआ अंचल कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर जवाहरलाल दास पर बालू ट्रैक्टरों से अवैध वसूली और मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। नशे की हालत में यूपीआई से पैसे लेने और ट्रैक्टर की बैटरी खोलने की घटना के बाद ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय का घेराव किया। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
सोनुआ/पश्चिमी सिंहभूम, 7 मार्च 2026 – झारखंड के सोनुआ अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार और दबंगई का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। अंचल कार्यालय के एक अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर पर आरोप है कि उसने 'खाकी' और 'खास' होने का धौंस दिखाकर बालू लदे ट्रैक्टर चालकों के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनसे हजारों रुपये की अवैध वसूली भी की। होली के दिन (4 मार्च) हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसके बाद आक्रोशित ट्रैक्टर मालिकों ने अंचल कार्यालय का घेराव कर दिया है।
होली की शाम और 'वसूली' का नशा
घटना 4 मार्च की शाम सोनुआ-गुदड़ी मार्ग की है।
-
नशे में धुत कर्मचारी: संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर जवाहरलाल दास पर आरोप है कि वह शराब के नशे में सड़क पर उतरा और गुजरने वाले बालू लदे ट्रैक्टरों को जबरन रोकने लगा।
-
बैटरी और टायर पर निशाना: आरोप है कि उसने न केवल चालकों को पीटा, बल्कि दहशत फैलाने के लिए कुछ ट्रैक्टरों के टायर की हवा निकाल दी। हद तो तब हो गई जब उसने एक ट्रैक्टर की बैटरी तक खोल ली और अपने साथ ले गया।
-
डिजिटल घूसखोरी: एक पीड़ित चालक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि ऑपरेटर ने उससे नकद के बजाय UPI (ऑनलाइन) के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाए, जो उसकी इस अवैध वसूली का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।
ट्रैक्टर मालिकों का 'हल्ला बोल': सीओ दफ्तर का घेराव
इस मनमानी के खिलाफ गुरुवार को सोनुआ और गुदड़ी क्षेत्र के दर्जनों ट्रैक्टर मालिक और चालक एकजुट होकर अंचल कार्यालय पहुँच गए।
-
घेराव और हंगामा: आक्रोशित लोगों ने अंचल कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया और जवाहरलाल दास को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग करने लगे।
-
सीओ का हस्तक्षेप: मामले को बिगड़ता देख अंचल अधिकारी (सीओ) को दखल देना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद स्थिति शांत हुई।
-
वापसी की प्रक्रिया: सीओ की मौजूदगी में ट्रैक्टर चालकों से वसूले गए रुपये और लूटी गई बैटरी को वापस कराया गया।
सोनुआ और बालू: राजस्व और अवैध धंधे का इतिहास
पश्चिमी सिंहभूम का सोनुआ इलाका अपनी प्राकृतिक संपदा और बालू घाटों के लिए जाना जाता है।
-
सोनुआ का भूगोल: पहाड़ियों और नदियों से घिरे इस क्षेत्र में बालू का उत्खनन हमेशा से विवादों में रहा है। अंचल कार्यालय की जिम्मेदारी इन गतिविधियों पर नजर रखने की होती है, लेकिन यहाँ 'रक्षक ही भक्षक' बनने की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
-
संविदा कर्मियों का दबदबा: अंचल कार्यालयों में अस्थायी रूप से तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अक्सर फाइलों के प्रबंधन के कारण खुद को अधिकारियों से कम नहीं समझते। जवाहरलाल दास की यह हरकत इसी सत्ता के दुरुपयोग का एक छोटा सा नमूना है।
-
होली और हुड़दंग: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में त्योहारों के दौरान सरकारी कर्मियों की ऐसी मनमानी की खबरें पहले भी आती रही हैं, लेकिन डिजिटल पेमेंट (UPI) के जरिए वसूली का यह नया तरीका पुलिस के लिए भी सरदर्द बन गया है।
अब आगे क्या? कार्रवाई की तैयारी
सोनुआ सीओ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
-
वरीय अधिकारियों को पत्र: सीओ ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर पत्राचार के माध्यम से वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है।
-
वायरल वीडियो की जांच: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें साफ तौर पर कर्मचारी की हरकतें कैद हैं।
-
टर्मिनेशन की तलवार: संविदा कर्मी होने के कारण जवाहरलाल दास पर सेवा समाप्ति (Termination) की गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है।
वारदात का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| आरोपी | जवाहरलाल दास (कंप्यूटर ऑपरेटर) |
| घटना का स्थान | सोनुआ-गुदड़ी मार्ग |
| आरोप | मारपीट, अवैध वसूली, बैटरी चोरी |
| वसूली का माध्यम | नकद और UPI (ऑनलाइन) |
| वर्तमान स्थिति | सीओ द्वारा जांच जारी, बैटरी और पैसे वापस |
सिस्टम पर दाग और जनता का आक्रोश
सोनुआ की यह घटना यह बताती है कि भ्रष्टाचार अब केवल ऊंची कुर्सियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निचले स्तर के कर्मचारी भी जनता का खून चूसने से बाज नहीं आ रहे हैं। एक सरकारी कर्मचारी द्वारा बीच सड़क पर गुंडागर्दी करना और बैटरी लूटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि प्रशासन की छवि को भी धूमिल करता है। अब देखना यह होगा कि क्या इस ऑपरेटर पर केवल विभागीय कार्रवाई होती है या उसे जेल की सलाखों के पीछे भी भेजा जाता है।
What's Your Reaction?


