Azadnagar Scandal: वर्षा ज्वैलरी में मची अफरा-तफरी, 6 महीने बाद दुकान खोलकर गहने समेट रहा था मालिक, महिलाओं ने घेरा तो खुला ठगी का बड़ा राज

आजादनगर के ओल्ड पुरुलिया रोड पर वर्षा ज्वैलरी दुकान खाली करने के दौरान ग्राहकों के भारी हंगामे और गहने हड़पने के आरोपों की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। मरम्मत के नाम पर दिए गए सोने के जेवर और दुकान संचालक की इस रहस्यमयी 'एग्जिट' की पूरी हकीकत विस्तार से पढ़िए वरना आप भी शहर के ज्वैलरी मार्केट में छिपे ऐसे धोखेबाजों को पहचानने से चूक जाएंगे।

Jan 23, 2026 - 18:41
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Azadnagar Scandal: वर्षा ज्वैलरी में मची अफरा-तफरी, 6 महीने बाद दुकान खोलकर गहने समेट रहा था मालिक, महिलाओं ने घेरा तो खुला ठगी का बड़ा राज
Azadnagar Scandal: वर्षा ज्वैलरी में मची अफरा-तफरी, 6 महीने बाद दुकान खोलकर गहने समेट रहा था मालिक, महिलाओं ने घेरा तो खुला ठगी का बड़ा राज

जमशेदपुर/मानगो, 23 जनवरी 2026 – लौहनगरी के आजादनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित 'वर्षा ज्वैलरी' अचानक खुली। यह केवल एक दुकान का खुलना नहीं था, बल्कि उन दर्जनों ग्राहकों के सब्र का बांध टूटना था जो पिछले 6 महीनों से अपने सोने के गहनों के लिए भटक रहे थे। दुकान संचालक द्वारा गुपचुप तरीके से दुकान खाली करने की सूचना जैसे ही फैली, ओल्ड पुरुलिया रोड पर महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि दुकानदार मरम्मत और पॉलिश के नाम पर लिए गए कीमती जेवर लेकर भागने की फिराक में था। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर संचालक को हिरासत में ले लिया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

6 महीने का 'सस्पेंस' और अचानक सामान की शिफ्टिंग

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षा ज्वैलरी पिछले करीब आधे साल से बंद पड़ी थी। ग्राहकों का संचालक से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था।

  • पकड़ी गई चोरी: शुक्रवार सुबह जब अचानक शटर खुला, तो लोगों ने देखा कि संचालक अंदर से गहनों के डिब्बे और अन्य कीमती सामान बोरियों में भर रहा था। वह दुकान समेटकर फरार होने की जल्दी में था।

  • महिलाओं का घेराव: दुकान खुलते ही वे महिलाएं वहां पहुँच गईं जिन्होंने अपने जेवर ठीक कराने के लिए दिए थे। जब उन्होंने अपने गहने मांगे, तो संचालक ने उन्हें पहचानने तक से इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद मारपीट तक पहुँच गया।

  • पुलिस की एंट्री: आजादनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर भीड़ को शांत कराया और दुकान संचालक को पूछताछ के लिए थाने ले गई।

दुकानदार का दावा बनाम ग्राहकों के आंसू

इस मामले में दोनों पक्षों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला:

  1. ग्राहकों का आरोप: पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने शादी-ब्याह के लिए अपने पुराने गहने मरम्मत के लिए दिए थे। दुकानदार ने रसीद तो दी थी, लेकिन दुकान बंद कर गायब हो गया। आज वह सारा माल ठिकाने लगा रहा था।

  2. संचालक की दलील: वहीं, ज्वैलरी शॉप के मालिक ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उसका दावा है कि उसने सभी पुराने ग्राहकों के जेवर पहले ही लौटा दिए हैं और अब वह व्यक्तिगत कारणों से दुकान बंद कर रहा है।

  3. जांच का केंद्र: पुलिस अब उन रसीदों और लेन-देन के दस्तावेजों की जांच कर रही है जो ग्राहकों के पास मौजूद हैं।

वर्षा ज्वैलरी विवाद: घटनाक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट (Incident Snapshot)

विवरण ताजा अपडेट (Current Status)
स्थान वर्षा ज्वैलरी, ओल्ड पुरुलिया रोड, आजादनगर
विवाद का कारण ग्राहकों के सोने के गहने न लौटाना
दुकान की स्थिति 6 महीने से बंद, शुक्रवार को खाली करने की कोशिश
पुलिस कार्रवाई संचालक हिरासत में, दस्तावेजों की जांच शुरू
मुख्य आरोप अमानत में खयानत और ठगी की कोशिश

इतिहास का पन्ना: ओल्ड पुरुलिया रोड और ज्वैलरी मार्केट का 'विश्वास' बनाम 'धोखा'

आजादनगर का ओल्ड पुरुलिया रोड ऐतिहासिक रूप से मानगो और आसपास के क्षेत्रों का सबसे पुराना व्यापारिक केंद्र रहा है। 1980 के दशक में जब जमशेदपुर का विस्तार हुआ, तब यहाँ छोटे-छोटे ज्वैलर्स ने अपनी साख बनाई। उस दौर में लोग रसीद से ज्यादा 'जुबान' पर भरोसा करते थे और अपने पुश्तैनी गहने मरम्मत के लिए छोड़ देते थे। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर के सर्राफा बाजार में 'विश्वास' ही सबसे बड़ी पूंजी रही है। लेकिन साल 2015 के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों (जैसे साकची और मानगो) से ऐसी कई घटनाएं सामने आईं जहाँ छोटे ज्वैलर्स ग्राहकों का सोना लेकर रातों-रात गायब हो गए। वर्षा ज्वैलरी का यह ताजा मामला उसी 'विश्वास के संकट' को दोहरा रहा है, जहाँ एक पुराने बाजार की साख अब दांव पर लगी है।

थाना प्रभारी का बयान: "दस्तावेजों के बिना बात नहीं बनेगी"

आजादनगर थाना प्रभारी के अनुसार, मामला अभी जांच के दायरे में है। पुलिस यह देख रही है कि क्या दुकानदार ने जानबूझकर ग्राहकों को गुमराह किया है।

  • रसीदों का मिलान: पुलिस ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने पास मौजूद ऑथेंटिक रसीदें जमा करें।

  • स्टॉक की जांच: दुकान से जो सामान खाली किया जा रहा था, उसकी सूची बनाई जा रही है ताकि पता चल सके कि ग्राहकों का सोना वहां मौजूद है या नहीं।

  • कानूनी कार्रवाई: यदि ठगी की पुष्टि होती है, तो संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

चमकते सोने के पीछे का 'अंधेरा'

वर्षा ज्वैलरी का यह कांड शहर के अन्य ग्राहकों के लिए भी एक सबक है। सोने जैसे कीमती धातु के लेन-देन में केवल पहचान नहीं, बल्कि पक्की रसीद और दुकानदार की वर्तमान साख की जांच करना अनिवार्य है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।