Kishan's Mission: ईशान किशन को मिला सूर्य का साथ, न्यूजीलैंड सीरीज में नंबर-3 पर करेंगे धमाका, आंकड़े खोल रहे हैं उनकी बल्लेबाजी के गुप्त राज
भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में ईशान किशन को नंबर-3 की अहम जिम्मेदारी मिली है। साल 2018 से 2025 तक इस पायदान पर उनके उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन और स्ट्राइक रेट की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी टीम इंडिया के इस 'पॉकेट डायनामाइट' के असली मास्टरप्लान को समझने से चूक जाएंगे।
नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026 – टीम इंडिया और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के करियर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया है कि ईशान अब टीम के लिए 'नंबर-3' के नए योद्धा होंगे। पिछले काफी समय से टीम से बाहर चल रहे ईशान के पास खुद को साबित करने का यह सुनहरा मौका है। लेकिन क्या नंबर-3 का यह ताज उनके लिए कांटों भरा होगा? अगर हम साल 2018 से 2025 तक के उनके आंकड़ों की गहराई में जाएं, तो एक ऐसी तस्वीर उभरती है जो जितनी रोमांचक है, उतनी ही डरावनी भी।
नंबर-3 का गणित: रन और औसत की हकीकत
सूर्यकुमार यादव ने ईशान पर भरोसा जताया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस स्थान पर ईशान का सफर रोलर-कोस्टर की तरह रहा है।
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रन मशीन या संघर्ष? 2018 से 2025 के बीच ईशान ने नंबर-3 पर कुल 27 मैच खेले हैं।
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बल्लेबाजी का लेखा-जोखा: 26 पारियों में उनके बल्ले से 646 रन निकले हैं।
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औसत की चुनौती: इस स्थान पर उनका औसत 26.91 का रहा है। एक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए यह औसत थोड़ा कम माना जाता है, जिसे सुधारने का दबाव इस सीरीज में ईशान पर साफ दिखेगा।
बाउंड्री किंग: जब गरजता है ईशान का बल्ला
भले ही औसत कम हो, लेकिन ईशान का 'स्ट्राइक रेट' गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है।
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तूफानी रफ्तार: उन्होंने नंबर-3 पर 471 गेंदों का सामना करते हुए 137.15 के स्ट्राइक रेट से रन कूटे हैं।
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चौके-छक्कों की बारिश: उनके 646 रनों में से आधे से ज्यादा रन केवल बाउंड्री से आए हैं। उन्होंने अब तक 50 चौके और 34 छक्के जड़े हैं।
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बड़ी पारी का अनुभव: इसी स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए ईशान ने एक शानदार शतक (नाबाद 106) और 4 अर्धशतक भी जमाए हैं।
ईशान किशन: नंबर-3 पर परफॉर्मेंस कार्ड (2018-2025)
| कैटेगरी | आंकड़े (Stats) |
| कुल मैच / पारियां | 27 मैच / 26 पारियां |
| कुल रन | 646 |
| उच्चतम स्कोर | 106* (नाबाद) |
| स्ट्राइक रेट | 137.15 |
| डक (0 पर आउट) | 04 बार |
| 50+ स्कोर | 05 बार (1 शतक, 4 अर्धशतक) |
इतिहास का पन्ना: नंबर-3 की विरासत और ईशान की चुनौती
भारतीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में नंबर-3 का स्थान हमेशा से 'मजबूत दीवार' का रहा है। विराट कोहली ने इस स्थान को एक नई पहचान दी, जहाँ उन्होंने पारी को संभालने और अंत में गियर बदलने की कला सिखाई। साल 2018 से 2025 के बीच जब ईशान किशन ने इस पायदान पर खेलना शुरू किया, तो वे एक 'आक्रामक विकल्प' के तौर पर उभरे। इतिहास गवाह है कि सुरेश रैना के बाद ईशान उन चुनिंदा बाएं हाथ के बल्लेबाजों में से हैं, जिन्होंने पावरप्ले के बाद भी स्पिनर्स पर हावी होने का दम दिखाया। हालांकि, इस स्थान का इतिहास निरंतरता (Consistency) मांगता है, जहाँ ईशान अब तक थोड़े कच्चे साबित हुए हैं। 26 पारियों में 4 बार शून्य पर आउट होना यह दर्शाता है कि जोखिम लेने की उनकी आदत कभी-कभी टीम को संकट में डाल देती है।
कंटिन्यूटी की कमी: क्या सुधार पाएंगे ईशान?
ईशान किशन की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी पारी की शुरुआत में होने वाली हड़बड़ाहट है।
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जीरो का खतरा: 26 पारियों में 4 बार खाता न खोल पाना यह बताता है कि वे नई गेंद या शुरुआती दबाव में कभी-कभी बिखर जाते हैं।
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जिम्मेदारी का बोझ: नंबर-3 पर आने वाले बल्लेबाज को केवल शॉट नहीं मारने होते, बल्कि विकेट गिरने पर पारी को 'एंकर' भी करना होता है। सूर्या की कप्तानी में ईशान को इसी संतुलन पर काम करना होगा।
'करो या मरो' वाली सीरीज
न्यूजीलैंड के खिलाफ यह 5 मैचों की सीरीज तय करेगी कि क्या ईशान किशन आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की पहली पसंद बने रहेंगे। अगर वे अपने 137 के स्ट्राइक रेट को 30+ के औसत के साथ जोड़ लेते हैं, तो उन्हें रोकना नामुमकिन होगा।
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