Mustafizur Out: बड़ा एक्शन, BCCI का KKR को फरमान, मुस्ताफिजुर रहमान IPL से बाहर, 9.20 करोड़ की रकम पर फंसा पेंच
भारत-बांग्लादेश विवाद के बीच बीसीसीआई ने मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। केकेआर के 9.20 करोड़ रुपये और आईपीएल के उस गुप्त नियम की पूरी सच्चाई यहाँ दी गई है वरना आप भी क्रिकेट की दुनिया में आए इस सबसे बड़े राजनीतिक भूचाल को कभी नहीं समझ पाएंगे।
मुंबई/कोलकाता, 3 जनवरी 2026 – इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन से पहले क्रिकेट जगत में एक ऐसा भूचाल आया है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव और पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा की गूंज अब आईपीएल के मैदान तक पहुँच गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बेहद कड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को तत्काल प्रभाव से टीम से रिलीज करें। 9.20 करोड़ की भारी-भरकम राशि पर खरीदे गए इस खिलाड़ी का बाहर होना न केवल केकेआर के लिए बड़ा झटका है, बल्कि यह खेल और राजनीति के रिश्तों में एक नया मोड़ ले आया है।
BCCI का 'हार्ड' डिसीजन: केकेआर को मानना होगा फरमान
बांग्लादेश में मौजूदा परिस्थितियों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह का जोखिम या विवाद नहीं चाहता।
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सचिव का बयान: बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुस्ताफिजुर को टीम का हिस्सा बनाए रखना मुमकिन नहीं है।
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केकेआर की मजबूरी: कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्ताफिजुर को अपनी गेंदबाजी इकाई का मुख्य हिस्सा माना था, लेकिन बोर्ड के निर्देश के बाद अब उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा है।
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राजनीतिक दबाव: यह पहला मौका है जब बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लेकर इस स्तर का विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई देखी जा रही है।
₹9.20 करोड़ का क्या होगा? आईपीएल के नियम और शर्तों का खेल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि केकेआर ने जिस खिलाड़ी को नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, क्या उसे वह रकम चुकानी होगी? आईपीएल का 'कॉन्ट्रैक्ट रूल' यहाँ बहुत दिलचस्प है:
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अनुपलब्धता (Unavailability): अगर कोई खिलाड़ी खुद खेलने से मना करता है या चोटिल होता है, तो उसे एक रुपया भी नहीं मिलता।
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फ्रेंचाइजी का फैसला: मुस्ताफिजुर के केस में वह खुद उपलब्ध हैं, लेकिन बोर्ड के आदेश पर फ्रेंचाइजी उन्हें निकाल रही है। ऐसे में तकनीकी तौर पर खिलाड़ी पूरी राशि का हकदार होता है।
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मिडिल ग्राउंड: बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, ऐसी विशेष परिस्थितियों में फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी आपसी सहमति से कॉन्ट्रैक्ट को 'टर्मिनेट' कर सकते हैं, जिससे केकेआर को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
मुस्ताफिजुर कॉन्ट्रोवर्सी: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| खिलाड़ी | मुस्ताफिजुर रहमान (बांग्लादेश) |
| आईपीएल टीम | कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) |
| नीलामी कीमत | ₹9.20 करोड़ |
| कारण | भारत-बांग्लादेश राजनीतिक तनाव और हिंसा |
| BCCI का निर्देश | तत्काल रिलीज और रिप्लेसमेंट की अनुमति |
इतिहास और कड़वाहट: जब क्रिकेट बना राजनीति का आईना
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब राजनीतिक कारणों से विदेशी खिलाड़ियों पर गाज गिरी हो। 2008 के मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस समय भी 'खेल को राजनीति से अलग रखने' की दलीलें दी गई थीं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और जनभावना सर्वोपरि रही। बांग्लादेश के साथ भी पिछले कुछ महीनों में क्रिकेट संबंध तनावपूर्ण हुए हैं। ढाका में तख्तापलट और उसके बाद अल्पसंख्यक समुदायों पर हुए हमलों ने भारतीय प्रशंसकों में भारी रोष पैदा किया है। मुस्ताफिजुर, जो पहले राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके हैं, इस बार उसी कड़वाहट का शिकार हुए हैं जो सीमा पार की घटनाओं से उपजी है।
केकेआर के पास रिप्लेसमेंट का मौका: कौन होगा नया 'एक्स-फैक्टर'?
मुस्ताफिजुर के बाहर होने से केकेआर के खेमे में मायूसी तो है, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें एक बड़ी राहत भी दी है।
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नया खिलाड़ी: बोर्ड ने केकेआर को मुस्ताफिजुर के बदले किसी अन्य विदेशी तेज गेंदबाज को साइन करने की विशेष अनुमति दे दी है।
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रडार पर नाम: सूत्रों की मानें तो केकेआर अब इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया के किसी ऐसे तेज गेंदबाज की तलाश में है जो मुस्ताफिजुर की तरह ही डेथ ओवरों में 'कटर' डालने में माहिर हो।
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बजट की बचत: मुस्ताफिजुर के रिलीज होने से केकेआर के 'पर्स' में जो रकम वापस आएगी, उससे वे एक विश्वस्तरीय रिप्लेसमेंट ला सकते हैं।
क्रिकेट अब सिर्फ एक खेल नहीं रहा
मुस्ताफिजुर रहमान का आईपीएल से बाहर होना यह संदेश देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत अब अपने पड़ोसी देशों की गतिविधियों को लेकर मूकदर्शक नहीं रहेगा। केकेआर के लिए यह रणनीतिक नुकसान जरूर है, लेकिन बोर्ड ने देश की भावनाओं को प्राथमिकता दी है। अब देखना यह होगा कि केकेआर इस 9.20 करोड़ के खाली स्थान को किस दिग्गज से भरता है।
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