Hazaribag Massacre: खूनी घाटी, हजारीबाग में अज्ञात काल ने बाइक को रौंदा, चालक के उड़े परखच्चे, दो घायल
हजारीबाग की मौत वाली घाटी 'चरही' में एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को कुचल दिया है। मौके पर हुई दर्दनाक मौत और सड़क पर बिखरे खून के बीच मचे इस हाहाकार की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड के इस सबसे खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' के खौफनाक सच को कभी नहीं जान पाएंगे।
हजारीबाग, 7 जनवरी 2026 – हजारीबाग जिले की कुख्यात चरही घाटी एक बार फिर बेगुनाह के खून से लाल हो गई है। मंगलवार की दोपहर करीब 12:15 बजे, जब सूरज की रोशनी में घाटी की सड़कें चमक रही थीं, तभी एक अज्ञात भारी वाहन 'यमराज' बनकर आया और एक बाइक को रौंदते हुए निकल गया। हादसा इतना वीभत्स था कि बाइक चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसके दो साथी मौत और जिंदगी के बीच झूल रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर चरही घाटी के उस खौफनाक इतिहास को ताजा कर दिया है, जहाँ मोड़ पर रफ्तार नहीं, बल्कि 'मौत' इंतजार करती है।
दोपहर का वो खौफनाक मंजर: जब चीखों से गूंज उठी घाटी
हादसा उस वक्त हुआ जब एक बाइक पर सवार तीन लोग घाटी के ढलान से उतर रहे थे।
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अज्ञात वाहन का कहर: पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि चालक सीधे पहियों के नीचे आ गया। टक्कर के बाद वाहन चालक रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ाकर चंपत हो गया।
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मौके पर मौत: बाइक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उसका शरीर क्षत-विक्षत हो चुका था, जिसे देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई।
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मदद के लिए दौड़: सूचना मिलते ही हाईवे एम्बुलेंस और चरही थाना पुलिस मौके पर पहुँची। दो गंभीर घायलों को तत्काल हजारीबाग सदर अस्पताल भेजा गया है।
जाम और शिनाख्त की चुनौती: घंटों थमी रही रफ्तार
हादसे के बाद चरही घाटी के एक लेन में वाहनों का लंबा जाम लग गया।
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घंटों मची अफरातफरी: पुलिस को शव हटाने और यातायात सुचारू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
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पहचान का संकट: समाचार लिखे जाने तक मृतक की जेब से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस आसपास के गांवों और सोशल मीडिया के जरिए शिनाख्त की कोशिश कर रही है।
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हत्यारे वाहन की तलाश: पुलिस घाटी में लगे टोल प्लाजा और आसपास के ढाबों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस 'किलर' वाहन का सुराग मिल सके।
चरही घाटी हादसा: घटना का पूरा ब्योरा (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का समय | मंगलवार दोपहर 12:15 बजे |
| स्थान | चरही घाटी, हजारीबाग (NH-33) |
| हताहत | 01 मृत, 02 गंभीर घायल |
| वाहन | अज्ञात भारी वाहन (फरार) |
| अस्पताल | सदर अस्पताल, हजारीबाग |
इतिहास और भूगोल: क्यों 'किलर' कहलाती है चरही घाटी?
हजारीबाग की चरही घाटी झारखंड के सबसे पुराने और खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट्स' में से एक है। एनएच-33 पर स्थित यह घाटी अपने घुमावदार मोड़ और खड़े ढलान के लिए जानी जाती है। 1980 के दशक में जब यह रास्ता संकरा था, तब यहाँ आए दिन ट्रक पलटने की घटनाएं होती थीं। हालांकि अब फोरलेन बन चुका है, लेकिन रफ्तार की सनक ने इसे और भी जानलेवा बना दिया है। पुराने लोग बताते हैं कि इस घाटी में 'अंधा मोड़' (Blind Curve) ड्राइवरों को भ्रमित कर देता है। पिछले 5 वर्षों में चरही घाटी ने 50 से अधिक लोगों की जान ली है। प्रशासन की ओर से कई बार चेतावनी बोर्ड लगाए गए, लेकिन 'रफ्तार के सौदागरों' के आगे सब बेअसर साबित हो रहे हैं।
दहशत में राहगीर: प्रशासन पर उठते सवाल
हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी रोष और दहशत है।
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गश्त की मांग: स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में भारी वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए इंटरसेप्टर गाड़ियां तैनात होनी चाहिए।
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पुलिस की कार्रवाई: चरही थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वे मृतक के मोबाइल या बाइक नंबर के जरिए परिजनों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।
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ट्रैफिक अलर्ट: प्रशासन ने घाटी से गुजरने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतने और ओवरटेक न करने की सलाह दी है।
सड़क पर बिखरी अधूरी कहानी
चरही घाटी में हुई यह मौत केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह किसी के घर का उजड़ता हुआ चिराग है। जब तक अज्ञात वाहन पकड़ा नहीं जाता और घाटी की सुरक्षा पुख्ता नहीं होती, तब तक हर राहगीर के सिर पर मौत का साया मंडराता रहेगा।
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