Hazaribag Raid: बड़ी जब्ती, हजारीबाग में नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश, बिहार भेजने की थी तैयारी, 7 पर FIR

हजारीबाग के कटकमसांडी में उत्पाद विभाग ने आधी रात को छापा मारकर भारी मात्रा में विदेशी और जहरीली नकली शराब बरामद की है। सुंदर मुंडा के घर में चल रहे इस अवैध खेल और फरार माफियाओं की तलाश की पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी हजारीबाग की गलियों में बन रहे इस 'धीमे जहर' के काले सच को कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 7, 2026 - 15:17
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Hazaribag Raid: बड़ी जब्ती, हजारीबाग में नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश, बिहार भेजने की थी तैयारी, 7 पर FIR
Hazaribag Raid: बड़ी जब्ती, हजारीबाग में नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश, बिहार भेजने की थी तैयारी, 7 पर FIR

हजारीबाग, 7 जनवरी 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले में उत्पाद विभाग ने नए साल के पहले हफ्ते में ही अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। कटकमसांडी थाना क्षेत्र के आरा भूसई गांव में मंगलवार की देर रात विभाग ने एक ऐसी छापेमारी की, जिसने अंतर-राज्यीय शराब तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। सुंदर मुंडा के घर को 'डिपो' बनाकर न केवल विदेशी शराब का स्टॉक किया जा रहा था, बल्कि घातक नकली शराब भी तैयार की जा रही थी। पुलिस ने मौके से दो वाहन और 53 पेटी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि हजारीबाग की गलियों से बिहार तक 'जहरीले जाम' की सप्लाई का नेटवर्क कितना गहरा है।

आधी रात का 'ऑपरेशन भूसई': जब उत्पाद विभाग ने घेरा घर

मंगलवार रात करीब 10 बजे, जब पूरा गांव सन्नाटे में था, उत्पाद विभाग की टीम ने आरा भूसई गांव में दस्तक दी।

  • गुप्त सूचना पर स्ट्राइक: टीम को सटीक जानकारी मिली थी कि सुंदर मुंडा के घर में शराब की एक बड़ी खेप लोड की जा रही है।

  • बरामदगी का आंकड़ा: छापेमारी के दौरान 53 पेटी विदेशी शराब बरामद की गई। इसके अलावा, मौके पर दो गैलन नकली शराब भी मिली, जिसे रसायनों के जरिए तैयार किया गया था।

  • वाहन जब्त: शराब को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल हो रहे दो वाहनों को भी विभाग ने कब्जे में ले लिया है।

बिहार कनेक्शन: बॉर्डर पार भेजने की थी 'मास्टर' प्लानिंग

पकड़े गए वाहन चालक से हुई शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

  1. बिहार सप्लाई: यह पूरी खेप बिहार के शुष्क (Dry) क्षेत्रों में भेजने के लिए तैयार की गई थी, जहाँ शराब पर पाबंदी के कारण इसकी कीमतें तीन से चार गुना ज्यादा मिलती हैं।

  2. नकली ब्रांडिंग: विदेशी शराब की असली बोतलों के बीच नकली शराब को मिलाकर पैक किया जा रहा था ताकि ग्राहकों को धोखा दिया जा सके।

  3. 7 पर एफआईआर: उत्पाद विभाग ने इस मामले में सुंदर मुंडा समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।

हजारीबाग शराब रेड: कार्रवाई का पूरा ब्योरा (Seizure Details)

विवरण डेटा (Action Statistics)
जब्त विदेशी शराब 53 पेटी
नकली शराब 02 गैलन (तैयार)
गिरफ्तारी 01 वाहन चालक
मुख्य आरोपी सुंदर मुंडा (फरार)
कुल नामजद आरोपी 07 लोग
छापेमारी का समय मंगलवार रात 10:00 बजे

इतिहास और रसूख: कटकमसांडी और 'अवैध स्पिरिट' का पुराना नाता

हजारीबाग का कटकमसांडी इलाका भौगोलिक रूप से जंगलों और संकरी सड़कों से घिरा होने के कारण ऐतिहासिक रूप से शराब तस्करों का 'सेफ हेवन' रहा है। 2000 के शुरुआती दशक में यहाँ महुआ शराब के कुटीर उद्योग चलते थे, लेकिन पिछले 10 वर्षों में यहाँ 'केमिकल मिक्सिंग' यानी नकली शराब बनाने का चलन बढ़ा है। 2021 में भी इसी क्षेत्र के पास एक गुप्त तहखाने से भारी मात्रा में नकली होलोग्राम और ढक्कन बरामद हुए थे। तस्कर यहाँ से झारखंड-बिहार बॉर्डर के उन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं जहाँ पुलिस गश्त कम होती है। सुंदर मुंडा के घर से हुई यह बरामदगी बताती है कि पुराना नेटवर्क अब और भी ज्यादा संगठित हो चुका है।

माफियाओं में भगदड़: फरार 6 आरोपियों की तलाश तेज

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद कटकमसांडी और आसपास के गांवों के अवैध ठिकानों पर ताले लटक गए हैं।

  • छापेमारी जारी: विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपियों की पहचान पुख्ता हो चुकी है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

  • नेटवर्क की पड़ताल: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शराब की खाली बोतलें, रैपर और नकली स्पिरिट कहाँ से सप्लाई की जा रही थी।

  • सतर्क प्रशासन: उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे हजारीबाग में ऐसे डिपो को जड़ से खत्म किया जाएगा।

मौत का सौदागर और कानून का फंदा

हजारीबाग में बरामद हुई 53 पेटी शराब केवल राजस्व की चोरी नहीं है, बल्कि नकली शराब के रूप में लोगों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश थी। विभाग की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया है, लेकिन 6 मुख्य आरोपियों का फरार होना अभी भी प्रशासन के लिए चुनौती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।