Patamda Bus Crash: सिक्सर बस ने पिकअप वैन को पीछे से मारी टक्कर, बस का शीशा बिखरा, हताहत नहीं
टाटा-पटमदा मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार बस ने पिकअप वैन को पीछे से मारी टक्कर, बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त, हताहत नहीं, चालक ने मानी गलती।
Patmada Shocker: टाटा-पटमदा मुख्य सड़क पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार बस ने पिकअप वैन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसका शीशा टूटकर सड़क पर बिखर गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जलडहर के पास अचानक रुकी पिकअप, बस चालक ने खोया नियंत्रण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरसा से जमशेदपुर जा रही सिक्सर बस के आगे एक पिकअप वैन चल रही थी। पटमदा थाना क्षेत्र के जलडहर के पास पिकअप वैन अचानक साइड लेकर रुक गई। तेज रफ्तार में आ रहे बस चालक का नियंत्रण इसके बाद हाथ से निकल गया और उसने वैन को पीछे से टक्कर मार दी।
चालक ने पहले टाली गलती, फिर लोगों के सामने मानी
टक्कर के तुरंत बाद बस चालक और पिकअप वैन चालक के बीच कुछ देर तक बहस हुई। बस चालक ने पहले वैन चालक को दोषी ठहराया, लेकिन स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। लोगों ने दोनों पक्षों को समझाया और झगड़ा शांत कराया।
बस का अगला हिस्सा और शीशा बुरी तरह क्षतिग्रस्त
टक्कर के कारण बस का अगला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया। सामने का बड़ा शीशा पूरी तरह टूटकर सड़क पर बिखर गया। पिकअप वैन के पिछले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, चमत्कार ही था कि इस हादसे में किसी यात्री या चालक को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद बस चालक यात्रियों को लेकर जमशेदपुर के लिए रवाना हो गया।
क्यों खतरनाक है टाटा-पटमदा सड़क का यह हिस्सा?
पटमदा क्षेत्र पूर्वी सिंहभूम जिले का एक प्रमुख अंचल है। यहाँ से टाटा (जमशेदपुर) को जोड़ने वाली यह सड़क आवागमन की मुख्य धमनी है। जलडहर के पास सड़क थोड़ी संकरी हो जाती है और यहाँ अचानक वाहन रुकना या मुड़ना काफी खतरनाक होता है। पहले भी इसी सड़क पर कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर हफ्ते इस रास्ते पर कहीं न कहीं छोटा-मोटा हादसा जरूर होता है।
तेज रफ्तार को माना गया हादसे का मुख्य कारण
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि सिक्सर बस काफी तेज गति से आ रही थी। भले ही पिकअप वैन अचानक रुक गई, लेकिन अगर बस की गति नियंत्रित होती, तो यह हादसा नहीं होता। स्थानीय लोगों का कहना है कि निरसा-जमशेदपुर रूट पर चलने वाली अधिकतर बसें तेज रफ्तार में चलती हैं और अक्सर ओवरटेक करने की होड़ में या अचानक ब्रेक लगाने पर दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं।
इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। उनका कहना है कि:
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इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर और साइनेज बोर्ड लगाए जाएं
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सुबह-शाम पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
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बस चालकों को स्पीड लिमिट का पालन करना अनिवार्य बनाया जाए
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जलडहर जैसे संवेदनशील मोड़ों पर सुरक्षा दीवार या बैरियर बनाए जाएं
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "हर दिन इस रास्ते पर किसी न किसी का खून बहता है। प्रशासन तब हिलता है जब कोई मर जाता है। आज तो बाल-बाल बच गए, कल किसी की जान जा सकती है।"
चालक के बीच बहस,फिर मानी गलती
घटना के तुरंत बाद दोनों चालकों के बीच बहस हुई। बस चालक ने पहले पिकअप वैन चालक पर अचानक रुकने का आरोप लगाया। लेकिन जब स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया और घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो साफ हो गया कि बस ही तेज रफ्तार में थी। फिर बस चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। लोगों ने दोनों को समझाकर रास्ता छोड़ने को कहा।
पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, मामला शांत हुआ
हालांकि इस पूरी घटना के दौरान पटमदा थाना या आसपास की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों ने ही दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचना चाहिए, ताकि भविष्य में चालक सजग रहें और दुर्घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए।
आप भी रखें इन बातों का ध्यान
अगर आपको भी इस सड़क पर यात्रा करनी है, तो इन बातों का ध्यान रखें:
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अपनी गति पर नियंत्रण रखें, खासकर मोड़ों पर
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सामने वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें
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अचानक ब्रेक लगाने से बचें
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बस यात्री हों तो चालक को तेज गति न करने की सलाह दें
आपकी राय क्या है – क्या टाटा-पटमदा रोड पर स्पीड कैमरे लगाए जाने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।
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