Gumla Murder : क्रूर कत्ल, गुमला में लिव-इन पार्टनर के दो टुकड़े किए, कुल्हाड़ी से काटा और आंखें निकाल लीं, जंगल में हुई हैवानियत
गुमला के गुरदरी में एक प्रेमी ने अपनी 19 साल की लिव-इन पार्टनर असिखा की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और शव के दो टुकड़े कर आंखें तक निकाल लीं। जंगल में हुई इस रूह कंपा देने वाली वारदात और आरोपी की खौफनाक मानसिकता की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड के इस सबसे नृशंस हत्याकांड के सच से अनजान रह जाएंगे।
गुमला, 2 जनवरी 2026 – झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। गुरदरी थाना क्षेत्र के आमती पानी इलाके में एक युवक ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही लिव-इन पार्टनर की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। यह वारदात केवल हत्या तक सीमित नहीं रही; आरोपी ने मृतका के शव के दो टुकड़े कर दिए और उसकी आंखें भी निकाल लीं। जंगल की खामोशी के बीच हुई इस हैवानियत ने पूरे जिले में दहशत फैला दी है। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है, जो कत्ल के बाद भी शव के पास ही बैठा था।
जंगल, कुल्हाड़ी और खून का खेल: आमती पानी की खौफनाक दास्तां
मृतका की पहचान 19 वर्षीय असिखा कुमारी के रूप में हुई है, जो आरोपी बुधेश्वर असुर के साथ काफी समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
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लकड़ी लाने गए थे दोनों: शुक्रवार को दोनों हमेशा की तरह जंगल में सूखी लकड़ियां चुनने गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि असिखा के लिए यह आखरी सफर होगा।
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मामूली विवाद और जुनून: जंगल के एकांत में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ा कि बुधेश्वर ने अपना आपा खो दिया और हाथ में पकड़ी कुल्हाड़ी से असिखा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
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शव के साथ बर्बरता: वार इतने घातक थे कि असिखा की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को दो हिस्सों में काट दिया और मृतका की आंख निकाल ली, जो उसकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
एसडीपीओ का खुलासा: पुलिस भी रह गई दंग
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँची। वहां का नजारा देखकर अनुभवी पुलिस अधिकारियों के भी पसीने छूट गए।
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मौके पर मौजूद था कातिल: आमतौर पर अपराधी हत्या के बाद भाग जाते हैं, लेकिन बुधेश्वर असुर खून से लथपथ शव के पास ही मौजूद था।
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जुर्म कबूला: पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया, जहाँ उसने बिना किसी पछतावे के अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
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पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव के अवशेषों को समेटकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
गुमला नृशंस हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| मृतका | असिखा कुमारी (19 वर्ष) |
| आरोपी | बुधेश्वर असुर (लिव-इन पार्टनर) |
| हथियार | कुल्हाड़ी (Axe) |
| अपराध की प्रकृति | शव के दो टुकड़े करना और आंख निकालना |
| जांच अधिकारी | सुरेश प्रसाद यादव (SDPO) |
इतिहास और समाज: असुर जनजाति और दुर्गम इलाकों का सन्नाटा
गुमला का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से अत्यंत दुर्गम और जंगलों से घिरा हुआ है। यहाँ रहने वाली असुर जनजाति भारत की प्राचीनतम जनजातियों में से एक है, जो लोहे के काम और अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिए जानी जाती है। हालांकि, इन इलाकों में शिक्षा का अभाव और अत्यधिक गरीबी कभी-कभी हिंसक प्रवृति को जन्म देती है। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के ग्रामीण इलाकों में 'लिव-इन' के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कानूनी और सामाजिक समझ की कमी के कारण आपसी विवाद अक्सर इस तरह के खौफनाक अंजाम तक पहुँच जाते हैं। 'कुल्हाड़ी' यहाँ के लोगों का सामान्य औजार है, जो इस मामले में मौत का सबसे भयानक हथियार बन गया।
दहशत में आमती पानी: ग्रामीणों के मन में खौफ
इस घटना के बाद से गुरदरी थाना क्षेत्र के गांवों में मातम और डर का माहौल है।
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सुरक्षा पर सवाल: ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच पहले भी झगड़े होते थे, लेकिन कोई सोच नहीं सकता था कि बुधेश्वर इतना बड़ा कदम उठाएगा।
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गहन जांच: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी नशे की हालत में था या उसने किसी पुरानी रंजिश के तहत इस 'अनुष्ठानिक' शैली (आंख निकालना) में हत्या की है।
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सख्त सजा की मांग: स्थानीय लोगों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई ऐसी क्रूरता करने की हिम्मत न करे।
प्रेम का यह अंत डरावना है
19 साल की असिखा ने जिस साथी के भरोसे अपना घर छोड़ा था, उसी ने उसकी पहचान तक मिटाने की कोशिश की। गुमला की यह घटना समाज के लिए एक गहरा घाव है। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन क्या हम कभी उस मानसिक अंधेरे को समझ पाएंगे जिसने एक इंसान को अपनी ही संगिनी का कसाई बना दिया?
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