Golmuri Flower Holi: गोलमुरी में खिली फूलों की होली, भागवत कथा के समापन पर गूंजी राधा-कृष्ण की भक्ति

गोलमुरी के मनिंदर टावर में संपन्न हुई आठ दिवसीय भागवत कथा और वृंदावन की तर्ज पर खेली गई फूलों की होली। अबीर-गुलाल के स्थान पर गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों से हुए भक्ति के इस अद्भुत मिलन की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर का यह दिव्य अनुभव मिस कर देंगे।

Feb 27, 2026 - 13:36
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Golmuri Flower Holi: गोलमुरी में खिली फूलों की होली, भागवत कथा के समापन पर गूंजी राधा-कृष्ण की भक्ति
Golmuri Flower Holi: गोलमुरी में खिली फूलों की होली, भागवत कथा के समापन पर गूंजी राधा-कृष्ण की भक्ति

जमशेदपुर, 27 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का गोलमुरी इलाका गुरुवार की शाम अचानक वृंदावन की गलियों में तब्दील हो गया। मनिंदर टावर में पिछले आठ दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन एक ऐसे दृश्य के साथ हुआ, जिसे देखने वाले भक्त मंत्रमुग्ध रह गए। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ जब ‘फूलों की होली’ का आगाज़ हुआ, तो भक्तों ने अबीर-गुलाल को छोड़कर गेंदे, गुलाब और चमेली की पंखुड़ियों से एक-दूसरे का स्वागत किया। यह नज़ारा न केवल धार्मिक था, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को छू लेने वाला एक अद्भुत उत्सव था।

भक्ति और प्रेम का संगम: बरसाना की यादें

वृंदावन से आए आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री और उनकी टीम ने जैसे ही राधा-कृष्ण के भजनों की धुन छेड़ी, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। वृंदावन की परंपरा को जीवंत करते हुए वहां 'बरसाना की लठमार होली' और फूलों की वर्षा ने उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।

  • फूलों की महक: गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों से सजे भक्त राधा-कृष्ण की भक्ति में झूम रहे थे।

  • भजन संध्या: आचार्य शास्त्री की टीम ने ऐसे मधुर गीत प्रस्तुत किए कि हर कोई थिरकने को मजबूर हो गया।

उत्सव का सारांश (Event Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी
आयोजन स्थल मनिंदर टावर, गोलमुरी
मुख्य कार्यक्रम भागवत कथा, हवन-यज्ञ एवं फूलों की होली
प्रमुख अतिथि अग्रवाल परिवार (चम्पा-रतन गोयल)
खास आकर्षण बरसाना शैली की फूलों की होली
आध्यात्मिक गुरु आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री

जीवन को दिशा देती है भागवत कथा

इस आयोजन के मुख्य यजमान चम्पा और रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) थे, जिन्होंने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह (सिल्वर जुबली) को एक आध्यात्मिक स्वरूप देने का निर्णय लिया। उनके इस शुभ संकल्प में परिवार के अन्य सदस्यों—पार्वती देवी, गोविंद अग्रवाल और माधव अग्रवाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री जी ने अपने समापन उद्बोधन में जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझाया:

"श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, यह आत्मा को जागृत करने का माध्यम है। कथा सुनने के बाद अगर आपने जीवन में एक शुभ संकल्प नहीं लिया, तो समझो ज्ञान अधूरा रह गया। यह कथा जन्म-जन्मांतर के पापों को धोकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।"

भक्ति का नया अध्याय

समापन के बाद देर शाम तक सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भक्त केवल एक कथा सुनकर नहीं लौटे, बल्कि अपने साथ एक शांत और संतुष्ट मन लेकर गए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।