Giridih Arrest: गिरिडीह साइबर पुलिस ने पांच साइबर ठगों को दबोचा, जामताड़ा का यह काला नेटवर्क खुला

गिरिडीह साइबर पुलिस ने गांडेय थाना क्षेत्र से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। जामताड़ा निवासी शातिर अफताब अंसारी और उसके साथी लोगों को ठगने के लिए फर्जी लिंक और ऐप का इस्तेमाल करते थे। बैंक अधिकारी बनकर वे लोगों के बैंक खाते से पैसे उड़ाते थे। पुलिस ने उनके पास से तीन आईफोन सहित 12 मोबाइल और 15 सिम कार्ड जब्त किए। जानिए देवघर और जामताड़ा से जुड़े इस बड़े साइबर नेटवर्क का पूरा खुलासा और पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति।

Nov 13, 2025 - 17:28
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Giridih Arrest: गिरिडीह साइबर पुलिस ने पांच साइबर ठगों को दबोचा, जामताड़ा का यह काला नेटवर्क खुला
Giridih Arrest: गिरिडीह साइबर पुलिस ने पांच साइबर ठगों को दबोचा, जामताड़ा का यह काला नेटवर्क खुला

गिरिडीह, 13 नवंबर 2025 – झारखंड के गिरिडीह जिले की साइबर पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी सीधे तौर पर साइबर क्राइम के कुख्यात केंद्र जामताड़ा और देवघर से जुड़े हुए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नकली लिंक, फर्जी ऐप और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि यह गिरोह किस प्रकार फर्जी खातों में ठगी की रकम मंगाकर उसे आपस में बांट लेता था। सवाल यह है कि क्या पुलिस इस छोटी गिरफ्तारी से संतुष्ट होगी, या जामताड़ा और देवघर से चल रहे इस साइबर महाजाल की जड़ों तक पहुंचेगी?

प्रतिबिंब पोर्टल से मिली गुप्त सूचना: रंगेहाथ पकड़े गए

गिरिडीह पुलिस को यह सफलता 'प्रतिबिंब पोर्टल' से मिली एक सटीक सूचना के बाद हासिल हुई।

  • सूचना स्रोत: पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के बघरा रेलवे ओवरब्रिज के पास बालीडीह में कुछ लोग ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।

  • दस्ते का गठन: साइबर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रामेश्वर भगत के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

  • गिरफ्तारी: टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की और जामताड़ा निवासी मुख्य शातिर अफताब अंसारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बैंक अधिकारी बनकर ठगी: खुलासे से सब हैरान

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) का खुलासा किया है, जो बेहद चौंकाने वाला है।

  • ठगी का तरीका: आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि वे आम लोगों को ठगने के लिए मोबाइल पर फर्जी लिंक और ऐप का इस्तेमाल करते थे।

  • पहचान बदलकर: वे खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों के बैंक खाते से पैसा उड़ाते थे।

  • नेटवर्क कनेक्शन: पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देवघर और जामताड़ा के अन्य साइबर नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है, जो झारखंड में बढ़ते साइबर क्राइम की जड़ों को दर्शाता है।

आईफोन समेत बड़ी बरामदगी: जीरो टोलरेंस की नीति

पुलिस ने गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

  • जब्त सामान: पुलिस ने इनके पास से 12 मोबाइल फोन, जिनमें तीन आईफोन शामिल हैं, और 15 सिम कार्ड जब्त किए हैं।

  • आरोपियों के नाम: अफताब अंसारी, परवेज अंसारी, तफाजुल अंसारी, तबरेज अंसारी और नियाज अंसारी।

  • एसपी का बयान: एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि साइबर अपराध पर गिरिडीह पुलिस की नजर लगातार बनी हुई है और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम पहले फर्जी खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद आरोपी उसे नकद रूप में बांट लेते थे। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी खातों की जांच में जुट गई है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।