Ghatshila Tragedy: मचा कोहराम, घाटशिला में ट्रैक्टर के नीचे दबकर सबर किशोर की मौत, जेसीबी से निकाला गया शव, मालिक हिरासत में

घाटशिला के काशीदा पंचायत में ट्रैक्टर पलटने से एक बेसहारा सबर किशोर की दर्दनाक मौत हो गई है। जेसीबी से शव निकालने की जद्दोजहद, पुलिस हिरासत में ट्रैक्टर मालिक और उम्र को लेकर मचे बवाल की यह पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी आदिम जनजाति के इस संघर्षपूर्ण जीवन और हादसे की हकीकत को नहीं जान पाएंगे।

Dec 30, 2025 - 16:47
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Ghatshila Tragedy: मचा कोहराम, घाटशिला में ट्रैक्टर के नीचे दबकर सबर किशोर की मौत, जेसीबी से निकाला गया शव, मालिक हिरासत में
Ghatshila Tragedy: मचा कोहराम, घाटशिला में ट्रैक्टर के नीचे दबकर सबर किशोर की मौत, जेसीबी से निकाला गया शव, मालिक हिरासत में

घाटशिला, 30 दिसंबर 2025 – पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला थाना अंतर्गत काशीदा पंचायत के प्रेमनगर टोला में मंगलवार की सुबह एक ऐसा मंजर दिखा जिसने हर किसी का कलेजा चीर दिया। रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले एक सबर किशोर की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि किशोर इंजन और मिट्टी के बीच इस कदर दब गया था कि उसे निकालने के लिए भारी-भरकम जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर घाटशिला के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से चल रहे अनियंत्रित ट्रैक्टरों और उनमें काम करने वाले असुरक्षित मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

काल बनकर पलटा ट्रैक्टर: इंजन के नीचे दबी चीखें

हादसा मंगलवार सुबह उस वक्त हुआ जब लाल्टु गोराई का ट्रैक्टर प्रेमनगर टोला के पास से गुजर रहा था।

  • काम पर गया था बोदा: मृतक बोदा सबर के बड़े भाई चेपा सबर ने बताया कि बोदा सुबह राजेश सबर के साथ ट्रैक्टर पर काम करने निकला था।

  • अचानक हुआ हादसा: अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर पलट गया और बोदा सबर उसके भारी पहियों और ढांचे के नीचे दब गया।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही घाटशिला थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से जेसीबी मशीन लगवाई और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को उठाकर बोदा का लहूलुहान शव बाहर निकाला।

भाई खुद 19 का, मृतक की उम्र पर गहराया विवाद

इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक की उम्र को लेकर एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है।

  1. अस्पताल का रिकॉर्ड: अनुमंडल अस्पताल घाटशिला के डॉ. शंकर टुडू ने बताया कि अस्पताल लाने वाले लोगों ने उसकी उम्र 22 वर्ष दर्ज कराई है।

  2. भाई का दावा: मृतक के बड़े भाई चेपा सबर ने रोते हुए बताया कि उसकी खुद की उम्र केवल 19 साल है और बोदा उससे तीन साल छोटा था, यानी बोदा की उम्र करीब 16 वर्ष थी।

  3. अनाथ हुए भाई: बोदा और चेपा के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। दोनों भाई मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे थे, लेकिन अब चेपा बिल्कुल अकेला रह गया है।

घाटशिला ट्रैक्टर हादसा: मुख्य विवरण (Quick Summary)

विवरण जानकारी
घटना स्थल प्रेमनगर टोला, काशीदा (घाटशिला)
मृतक का नाम बोदा सबर (सबर आदिम जनजाति)
ट्रैक्टर मालिक लाल्टु गोराई (पुलिस हिरासत में)
रेस्क्यू तकनीक जेसीबी की मदद से शव निकाला गया
वर्तमान स्थिति शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

इतिहास और सबर जनजाति: अस्तित्व का संघर्ष

घाटशिला का इलाका 'सबर' आदिम जनजाति का गढ़ माना जाता है। इतिहास गवाह है कि पहाड़ों और जंगलों में रहने वाली यह जनजाति आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। चेपा और बोदा सबर जैसे युवा अक्सर बाल श्रम और खतरनाक कामों में धकेले जाते हैं क्योंकि उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। सबर जनजाति उत्थान समिति के जिला अध्यक्ष लोविन सबर ने अस्पताल पहुँचकर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह देखना चाहिए कि नाबालिगों से ट्रैक्टरों पर जोखिम भरा काम क्यों कराया जा रहा है। सबरों के पास न तो जमीन है और न ही स्थायी छत, यही कारण है कि वे सस्ते श्रम के रूप में ट्रैक्टर मालिकों की पहली पसंद बन जाते हैं।

मालिक पर शिकंजा: पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।

  • हिरासत में मालिक: ट्रैक्टर मालिक लाल्टु गोराई को पुलिस ने पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है।

  • लिखित शिकायत का इंतजार: थाना प्रभारी का कहना है कि परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलते ही सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

  • बिना कागजात के वाहन: पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या ट्रैक्टर के पास वैध कागजात और इंश्योरेंस था, क्योंकि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में बिना नंबर के ट्रैक्टरों का तांडव देखा जाता है।

न्याय की आस

एक अनाथ सबर किशोर की मौत ने व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। जहाँ एक ओर बाल श्रम के खिलाफ बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर घाटशिला की सड़कों पर 16 साल के बच्चे भारी वाहनों के नीचे दबकर दम तोड़ रहे हैं। चेपा सबर को अब अपने भाई के शव का और न्याय का इंतजार है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।