Dumka Mystery : दुमका में रेलवे ट्रैक पर मिली दो युवकों की लाश, 1 किमी का फासला और पुलिस भी हैरान

दुमका के हंसडीहा-गोड्डा रेलखंड पर शनिवार सुबह दो युवकों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। अजीब बात यह है कि दोनों के शव एक ही पटरी पर 1 किलोमीटर की दूरी पर मिले। यह हादसा है, आत्महत्या या सोची-समझी हत्या, पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। इस रहस्यमयी घटना की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 14, 2026 - 13:55
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Dumka Mystery : दुमका में रेलवे ट्रैक पर मिली दो युवकों की लाश, 1 किमी का फासला और पुलिस भी हैरान
Dumka Mystery : दुमका में रेलवे ट्रैक पर मिली दो युवकों की लाश, 1 किमी का फासला और पुलिस भी हैरान

दुमका/हंसडीहा, 14 मार्च 2026 – झारखंड की उपराजधानी दुमका में शनिवार की सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। हंसडीहा-गोड्डा रेलवे लाइन पर दो अज्ञात युवकों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह मामला साधारण रेल हादसे जैसा दिख जरूर रहा है, लेकिन लाशों के मिलने का तरीका और उनके बीच की 1 किलोमीटर की दूरी ने इसे एक गहरी रहस्यमयी पहेली बना दिया है। क्या यह किसी खौफनाक सुसाइड पैक्ट का हिस्सा है या फिर पटरी पर साक्ष्यों को मिटाने के लिए की गई दोहरी हत्या? पुलिस फिलहाल हर एंगल से इस 'डेथ मिस्ट्री' की गुत्थी सुलझाने में लगी है।

एक के बाद एक दो लाशें: पुलिस भी चकराई

हंसडीहा थाना क्षेत्र के बबनखेता और चोरबटीया गांव के बीच शनिवार की सुबह मौत का तांडव देखने को मिला। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:

  • सुबह 5:00 बजे: पुलिस को सूचना मिली कि बबनखेता के पास एक युवक की लाश पटरी पर क्षत-विक्षत पड़ी है।

  • पहली कार्रवाई: हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे, पंचनामा किया और शव को लेकर अस्पताल रवाना हुए।

  • दूसरा झटका: पुलिस अस्पताल पहुँची ही थी कि तभी उसी ट्रैक पर 1 किलोमीटर दूर चोरबटीया गांव के पास एक और लाश मिलने की खबर आई।

  • संदेह का घेरा: एक ही ट्रैक, एक ही सुबह और दो अलग-अलग जगहों पर मौत—इस संयोग ने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया है।

हादसा या साजिश? अनुत्तरित सवाल

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल कौंध रहे हैं।

  1. ट्रेन का रहस्य: क्या दोनों युवक एक ही ट्रेन की चपेट में आए थे? अगर हाँ, तो एक किलोमीटर का फासला कैसे हुआ? क्या एक युवक ट्रेन के साथ घिसटता हुआ गया या दोनों ने अलग-अलग जगहों पर छलांग लगाई?

  2. शिनाख्त की चुनौती: दोनों मृतकों के पास से अब तक ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली है जिससे उनकी पहचान हो सके। पुलिस आसपास के गांवों में फोटो सर्कुलेट कर रही है।

  3. योजनाबद्ध घटना: क्या यह कोई 'ब्लू व्हेल' जैसा घातक गेम है या आपसी रंजिश के बाद हत्या कर शवों को पटरी पर फेंका गया है?

हंसडीहा-गोड्डा रेलखंड और बढ़ते सुसाइड केस

हंसडीहा-गोड्डा रेल लाइन का इतिहास बहुत पुराना नहीं है, लेकिन इस नए ट्रैक ने पिछले कुछ वर्षों में कई दुखद घटनाओं को देखा है।

  • नई कनेक्टिविटी, नया खतरा: यह रेलखंड गोड्डा को सीधे राजधानी रांची और भागलपुर से जोड़ता है। जैसे-जैसे ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है, सुरक्षा के अभाव में दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं।

  • अतीत के पन्ने: दुमका और संथाल परगना के रेलवे ट्रैक ऐतिहासिक रूप से 'सुसाइड पॉइंट्स' के रूप में भी बदनाम रहे हैं। स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव के कारण युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। हालांकि, एक ही ट्रैक पर 1 किलोमीटर के फासले पर दो लाशों का मिलना इस रेलखंड के इतिहास में पहली और सबसे अजीब घटना है।

पुलिस की तफ्तीश: सीसीटीवी और कॉल डंप पर नजर

थाना प्रभारी अजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम अब तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है।

  • ट्रेन ड्राइवर से पूछताछ: पुलिस उस दौरान वहां से गुजरी मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों के ड्राइवरों से संपर्क कर रही है ताकि यह पता चले कि क्या उन्होंने पटरी पर किसी को देखा था।

  • लापता लोगों की सूची: जिले के सभी थानों को हाल ही में लापता हुए युवाओं का विवरण भेजने को कहा गया है।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: डॉक्टरों की टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मौत ट्रेन से टकराने से हुई है या मरने के बाद शवों को ट्रैक पर रखा गया था।

दुमका की यह 'ट्विन डेथ' मिस्ट्री फिलहाल एक अनसुलझी कहानी बनी हुई है। 1 किलोमीटर की दूरी पर पड़े ये दो शव चीख-चीख कर किसी बड़ी अनहोनी की गवाही दे रहे हैं। जब तक इन युवकों की पहचान नहीं हो जाती और फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक हंसडीहा की पहाड़ियों के बीच छिपे इस सच से पर्दा उठना मुश्किल है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।