Dumaria Exposed: डुमरिया में पुलिस का बड़ा खुलासा! धनतेरस की रात स्कूल चोरी के पीछे जीजा-साला का गैंग, सारे सबूत बरामद
धनतेरस की रात उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़िया में कंप्यूटर और टैबलेट की चोरी का पर्दाफाश कैसे हुआ? क्या आप जानते हैं कि पुलिस की तकनीकी जांच में पकड़े गए युवक ने अपने जीजा का नाम क्यों लिया? टीवीएस बाइक पर घूमने वाले ये जीजा-साला मुसाबनी में और किन चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं? गिरफ्तार चोरों के घर से चोरी का कौन सा सामान बरामद हुआ? तुरंत जानिए डुमरिया में सक्रिय गैंग का वो काला सच!
जमशेदपुर, 29 अक्टूबर 2025 – पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र में धनतेरस की रात उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़िया में हुई बड़ी चोरी की घटना का डुमरिया पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया है। यह चोरी सिर्फ सामानों की नहीं थी, बल्कि गरीब बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर सीधा हमला था। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है, वह चौंकाने वाला है: इस वारदात के पीछे जीजा-साला की एक चोर जोड़ी सक्रिय थी।
धनतेरस की रात का कांड: शैक्षणिक सामग्री पर हाथ साफ
चोरों ने धनतेरस की रात उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़िया को निशाना बनाया था। उन्होंने दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कम्प्यूटर, मॉनिटर, सीपीयू, यूपीएस, बायोमैट्रिक डिवाइस, टैबलेट सहित कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक सामग्रियों की चोरी की। चोरी गए ये उपकरण ग्रामीण बच्चों की डिजिटल शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे।
घटना के बाद डुमरिया थाना में कांड संख्या 24/25 दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस उपाधीक्षक मुसाबनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
तकनीकी ट्रैकिंग से पकड़ा गया 'मुखिया'
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक तरीका अपनाया और तकनीकी शाखा की मदद ली। इस तकनीकी ट्रैकिंग ने पुलिस को पहला सुराग दिया और उन्होंने धनु सोरेन उर्फ मुखिया (19 वर्ष), निवासी ऊपर बंकिशोल, को हिरासत में ले लिया।
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जीजा का राज: पूछताछ में धनु सोरेन ने तुरंत ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने जीजा तीरामदास सोरेन उर्फ रामदास सोरेन (29 वर्ष), निवासी सोसागोड़ा, मुसाबनी, की संलिप्तता का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने तत्काल तीरामदास सोरेन को भी गिरफ्तार कर लिया। यह खुलासा न केवल डुमरिया में बल्कि मुसाबनी क्षेत्र में भी सक्रिय चोर गिरोह की ओर इशारा करता है।
रेकी और टीवीएस बाइक: पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा?
दोनों आरोपियों के घरों पर की गई छापेमारी में चोरी गए विद्यालय के सामानों सहित विभिन्न कांडों में चोरी गए कई अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामद सामानों की पहचान विद्यालय प्रशासन से कराना शुरू कर दिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि यह जीजा-साला की जोड़ी चोरी करने का एक खतरनाक तरीका अपनाती थी:
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रेकी: दोनों आरोपी एक टीवीएस मोटरसाइकिल पर सवार होकर दिन में मुसाबनी, ठुभरिया और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी के लिए रेकी करते थे।
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रात का शिकार: रेकी के बाद वे रात के अंधेरे में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
डुमरिया थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह क्षेत्र में सक्रिय अन्य चोरी की घटनाओं से भी जुड़ा हो सकता है। इस गिरफ्तारी से पूरे क्षेत्र के अन्य चोर गिरोहों के सदस्यों में हड़कंप मच गया है।
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