Jharkhand Weather : झारखंड में 'मोंथा' का खतरा! आज रात से 1 नवंबर तक 13 जिलों में हाहाकार, तूफान के साथ बिजली गिरेगी
झारखंड में चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का असर शुरू! क्या आप जानते हैं कि आज (30 अक्टूबर) रात को किन 13 जिलों में मेघ गर्जन और 40 किमी की रफ्तार से तूफान आने वाला है? खूंटी, जमशेदपुर और रांची में कितनी अधिक बारिश हुई? मौसम विभाग ने 1 नवंबर तक क्यों जारी किया येलो अलर्ट? कहीं आपके जिले में भी तो नहीं होगी भारी बारिश? जान बचाने के लिए तुरंत पढ़ें पूरी चेतावनी!
रांची, 29 अक्टूबर 2025 – बंगाल की खाड़ी में उठे खतरनाक चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के असर ने झारखंड के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। पिछले 24 घंटों में खूंटी से लेकर जमशेदपुर तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने जो अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान जारी किया है, वह झारखंड के निवासियों के लिए गंभीर चेतावनी है। चक्रवात 'मोंथा' का खतरा 1 नवंबर तक बना रहेगा, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों का हाल: खूंटी में सबसे अधिक बारिश
मौसम के तेवर मंगलवार शाम से ही तल्ख हो गए थे। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में तीन प्रमुख जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई:
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खूंटी: 48 एमएम (सबसे अधिक)
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जमशेदपुर: 32.6 एमएम
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रांची: 21 एमएम
वहीं, तापमान में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। देवघर में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार 19.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। तापमान में यह गिरावट साफ संकेत है कि चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का प्रभाव राज्य के मौसम पर पड़ना शुरू हो चुका है।
मोंथा का खतरा: क्यों जारी हुआ येलो अलर्ट?
मौसम विभाग, रांची केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'मोंथा' (Montha Cyclone) के कारण झारखंड में 31 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है, और यह प्रभाव 1 नवंबर तक बना रह सकता है। इसी वजह से राज्य के कई हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आज (30 अक्टूबर) रात: किन 13 जिलों में भारी बारिश का हाहाकार?
मौसम वैज्ञानिक ने झारखंड के 13 जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जहां 30 अक्टूबर को भारी बारिश की सबसे अधिक संभावना है। इन जिलों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान कई बड़े खतरे सामने आ सकते हैं:
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उत्तरी और पश्चिमी झारखंड: गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा
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मध्य झारखंड (राजधानी क्षेत्र): गुमला, खूंटी, रांची, रामगढ़, हजारीबाग
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पूर्वी और धनबाद क्षेत्र: गिरिडीह और धनबाद
भीषण खतरे की चेतावनी: इन 13 जिलों में सिर्फ बारिश ही नहीं होगी, बल्कि 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी गंभीर संभावना है।
सुरक्षा के लिए यह जानना जरूरी है:
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पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: तेज हवा और वज्रपात के खतरे के चलते खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
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किसानों को सलाह: जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, वे तेजी से फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें, क्योंकि भारी बारिश और तेज हवा से भारी नुकसान हो सकता है।
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अगले 48 घंटे अहम: बाकी जिलों में भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है, लेकिन 31 अक्टूबर तक पूरे राज्य में मौसम अस्थिर बना रहेगा।
'मोंथा' तूफान का यह असर दिखाता है कि झारखंड अब मौसमी बदलावों की जद में आ चुका है। लोगों को मौसम विभाग की अगली सूचना आने तक पूरी सतर्कता बरतनी होगी।
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