Dhanbad Suspicious Death: धनबाद में रहस्यमयी मौत, विवाहिता का शव पेड़ पर लटका मिला, ससुराल वालों पर केस दर्ज!
धनबाद के बलियापुर में विवाहिता डोली देवी का शव पेड़ से लटका मिला। मायके वालों ने पति व ससुरालवालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। पुलिस जांच जारी।

धनबाद के बलियापुर क्षेत्र में एक रहस्यमयी मौत ने सबको चौंका दिया है। यहां की बेलगड़िया मोहली टोला निवासी डोली देवी (30 वर्ष) का शव गांव के पास एक पेड़ से लटका मिला। यह मामला तब और संदिग्ध हो गया जब मृतका के मायके वालों ने इसे दहेज हत्या बताया और पति, ससुर और ननद पर संगीन आरोप लगाए।
अब सवाल यह उठता है कि यह आत्महत्या थी या हत्या? क्या डोली देवी किसी मानसिक तनाव में थीं, या फिर उनके साथ कोई ज़बरदस्ती की गई थी?
मौत का रहस्यमयी घटनाक्रम
डोली देवी मंगलवार सुबह से लापता थीं। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार की देर शाम, कुछ ग्रामीणों ने झाड़ियों के पास एक पेड़ से लटका शव देखा। जैसे ही पहचान हुई, तुरंत मायके पक्ष को सूचना दी गई।
जब मायके वाले मौके पर पहुंचे, तो बेटी की यह हालत देखकर वे रोने-बिलखने लगे। डोली देवी के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो अब बेसहारा हो गए हैं।
क्या सच में आत्महत्या थी? मायके वालों का बड़ा आरोप!
मृतका के भाई दिलीप मोहली ने बलियापुर थाना में पति जयराम मोहली, ससुर साहेबराम मोहली, ननद संयोति देवी और चाचा ससुर नंदन मोहली के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।
परिजनों का कहना है कि डोली देवी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। क्या यह प्रताड़ना ही उनकी मौत की वजह बनी?
पुलिस ने क्या कहा?
बलियापुर थाना प्रभारी आशीष भारती ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पति को हिरासत में लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई का खुलासा होगा।
धनबाद में बढ़ रहे हैं इस तरह के मामले?
धनबाद और आसपास के इलाकों में इस तरह की रहस्यमयी मौतों के मामले बढ़ रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले गादी टुंडी जंगल से एक महिला का सड़ा-गला नग्न शव बरामद हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना था कि वह घरेलू हिंसा की शिकार हो सकती है।
इसी तरह, इसीएल कर्मी नंदू राय (55 वर्ष) का शव भी पेड़ से लटका हुआ मिला था। यह मामला भी आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा हुआ है।
क्या दहेज प्रथा का काला साया अभी भी बरकरार?
भारत में दहेज प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध है, लेकिन अब भी कई परिवार इस बुरी प्रथा का शिकार हो रहे हैं। धनबाद, बोकारो और झारखंड के अन्य हिस्सों में हर साल सैकड़ों महिलाएं दहेज प्रताड़ना का सामना करती हैं।
डोली देवी का मामला भी क्या इसी कड़वी सच्चाई का हिस्सा है?
आगे क्या होगा?
पुलिस का कहना है कि वे सभी एंगल से जांच कर रहे हैं।
- क्या डोली देवी की हत्या हुई थी?
- अगर हां, तो असली गुनहगार कौन है?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहेगी?
अब सबकी नजरें इस केस के अगले अपडेट पर टिकी हैं।
आपका क्या कहना है?
क्या यह मामला आत्महत्या का है, या फिर साजिशन हत्या? अपनी राय नीचे कमेंट करें।
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